ADVERTISEMENT
Wednesday, July 8, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

बांकीपुर उपचुनाव : बिहार की राजनीति के दो सबसे बड़े रणनीतिकारों की प्रतिष्ठा की लड़ाई है!…………………

UB India News by UB India News
July 8, 2026
in BREAK, Breaking News, पटना, बिहार
0
बांकीपुर उपचुनाव : बिहार की राजनीति के दो सबसे बड़े रणनीतिकारों की प्रतिष्ठा की लड़ाई है!…………………

RELATED POSTS

समस्तीपुर दोहरा हत्याकांड: नामापुर गांव में दो युवकों को गोली मारी, गैंगवार की आशंका से जांच तेज

महज 5 दिन में ही क्यों अंतर्ध्यान हो गए बाबा बर्फानी , जम्मू से अब तक का सबसे बड़ा जत्था 9837 श्रद्धालुओं का जत्था हुआ रवाना …………

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतपत्र पर भाजपा उम्मीदवार के रूप में अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी का नाम होगा और उनके सामने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर होंगे. लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस चुनाव की एक दूसरी तस्वीर भी उभर रही है. दरअसल, सवाल सिर्फ यह नहीं है कि अभिषेक बंटी चुनाव जीतेंगे या नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या नितिन नवीन अपनी राजनीतिक विरासत और संगठनात्मक पकड़ को बरकरार रख पाएंगे? वहीं, दूसरी ओर प्रशांत किशोर भी इस सीट को केवल एक विधानसभा चुनाव नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देख रहे हैं. यही वजह है कि राजनीति के जानकारों की नजर में बांकीपुर का मुकाबला अभिषेक बनाम प्रशांत से कहीं अधिक नितिन नवीन बनाम प्रशांत किशोर बनता जा रहा है.

परदे के पीछे की असल जंग की कहानी

बता दें कि बाकीपुर विधानसभा सीट से लगातार ‘कमल’ खिलाने वाले नितिन नवीन अब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी. लेकिन, अब जब प्रशांत किशोर यहां से चुनावी मैदान में सामने आ गए हैं तो अपने इस सबसे मजबूत गढ़ को बचाने के लिए स्वयं बीजेपी के राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन पर्दे के पीछे से पूरी कमान संभाल रहे हैं. बता दें कि इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले ने आरजेडी की रेखा गुप्ता की मौजूदगी के बीच बांकीपुर को बिहार का सबसे बड़ा राजनीतिक अखाड़ा बना दिया है.

चेहरा अभिषेक का, साख नितिन नवीन की

बांकीपुर उपचुनाव के इस पूरे चक्रव्यूह को समझने के लिए क्षेत्र की आंतरिक सामाजिक गणित और राजनीतिक समीकरणों को समझना जरूरी है. बता दें कि बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक बंटी राजनीति में कोई नया नाम नहीं हैं, लेकिन बांकीपुर के संदर्भ में वे नितिन नवीन के सबसे करीबी, विश्वसनीय और उनके दाहिने हाथ माने जाते हैं. नितिन नवीन ने दशकों की मेहनत से बांकीपुर को बीजेपी का एक ऐसा अभेद्य दुर्ग बनाया है, जहां विपक्ष सालों से पैर जमाने की कोशिश में नाकाम रहा है. अब जब नितिन नवीन राष्ट्रीय राजनीति में व्यस्त हैं, तब भी बांकीपुर पर उनकी पकड़ और उनके ही चहेते को टिकट मिलना यह साफ करता है कि जीत और हार का पूरा दारोमदार सीधे तौर पर नितिन नवीन की साख पर टिका है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा आम है कि वोट भले ही अभिषेक के नाम पर मांगा जाएगा, लेकिन परीक्षा नितिन नवीन के संगठनात्मक कौशल और उनके निजी रसूख की होगी.

पीके की सीधी चुनौती, सीधे किलेदार पर ही निशाना

इस चुनावी पटकथा को सबसे ज्यादा गंभीर और आक्रामक बनाया है प्रशांत किशोर के एक अप्रत्याशित फैसले ने. अमूमन किंगमेकर की भूमिका में रहने वाले प्रशांत किशोर ने किसी अन्य मोहरे को आगे करने के बजाय खुद बांकीपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. प्रशांत किशोर की यह सीधी एंट्री बताती है कि वे बिहार की सत्ता के सेमीफाइनल में बीजेपी के सबसे सुरक्षित और शहरी क्षेत्र के प्रबुद्ध वोट बैंक वाले किले को ही ढहाना चाहते हैं. प्रशांत किशोर जानते हैं कि अगर वे नितिन नवीन के इस गढ़ में डेंट लगाने में कामयाब रहे, तो उनकी आगामी राजनीति के लिए जन सुराज का नैरेटिव पूरे बिहार में सबसे मजबूत हो जाएगा. ऐसे में राजनीति के जानकार बी मानते हैं कि पीके का सीधा मुकाबला किसी नए चेहरे से नहीं, बल्कि उस विरासत से है जिसे नितिन नवीन ने यहां खड़ा किया है.

उम्मीदवार अभिषेक, लेकिन दांव नितिन नवीन का

बांकीपुर से भाजपा उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को लोग स्थानीय नेता के तौर पर जानते हैं और संगठन में उनकी पहचान एक सक्रिय कार्यकर्ता की रही है. लेकिन, इसके साथ यह भी उतना ही सच है कि उनकी पूरी राजनीतिक यात्रा नितिन नवीन के नेतृत्व में आगे बढ़ी है. पार्टी के भीतर उन्हें नितिन नवीन का सबसे भरोसेमंद चेहरा माना जाता है. यही कारण है कि उम्मीदवार घोषित होने के तुरंत बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्वयं चुनावी कमान संभालने का फैसला किया. अब जब नितिन नवीन का बिहार दौरा हो रहा है तो यह उनका केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बांकीपुर की लड़ाई में उनकी सीधी एंट्री के रूप में देखा जा रहा है.

नितिन नवीन ने अभेद्य किले की घेराबंदी शुरू की

बांकीपुर की लड़ाई में बड़ी चुनौती की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी और खुद नितिन नवीन ने किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की रणनीति बनाई है. उपचुनाव की घोषणा के बाद पहली बार दो दिवसीय दौरे पर 9 जुलाई को नितिन नवीन पटना पहुंच रहे हैं. पटना आते ही उनका पहला कदम प्रसिद्ध महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करना होगा. इसी दिन स्काउट एंड गाइड मैदान में अभिषेक बंटी के समर्थन में एक विशाल जनसभा आयोजित की गई है, जहां नितिन नवीन खुद मंच संभालेंगे और बांकीपुर की जनता को यह भरोसा दिलाएंगे कि अभिषेक का चुना जाना मतलब खुद नितिन नवीन का क्षेत्र में मौजूद रहना है. इसके साथ ही इसी दिन 9 जुलाई को ही होने वाले नामांकन में भी वे उम्मीदवार के साथ खड़े होकर एकजुटता का बड़ा संदेश देंगे.

मुख्यमंत्री आवास में पीके फैक्टर की काट की कवायद

नितिन नवीन का यह दौरा सिर्फ एक जनसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी रणनीतिक घेराबंदी है. 10 जुलाई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर एनडीए के सभी जिलाध्यक्षों और प्रमुख नेताओं की एक बेहद महत्वपूर्ण और आपात बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में नितिन नवीन खुद मौजूद रहकर पूरे एनडीए कैडर को बांकीपुर की जमीन पर सक्रिय करेंगे. चूंकि आरजेडी की रेखा गुप्ता भी महिला और व्यापारिक कार्ड खेलकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही हैं, इसलिए एनडीए के पारंपरिक मतों को बिखरने से रोकना और प्रशांत किशोर के नैरेटिव को काटना इस बैठक का मुख्य एजेंडा होगा.

नितिन नवीन क्यों नहीं छोड़ सकते बांकीपुर का चुनाव?

बांकीपुर केवल एक विधानसभा सीट नहीं है. यह वही सीट है जिसने नितिन नवीन को बिहार भाजपा के बड़े नेताओं की कतार में खड़ा किया. यदि भाजपा सीट बरकरार रखती है तो संदेश जाएगा कि नितिन नवीन की राजनीतिक पकड़ आज भी कायम है. लेकिन यदि परिणाम विपरीत होता है तो सवाल सिर्फ अभिषेक बंटी की हार का नहीं होगा, बल्कि उस राजनीतिक विरासत पर भी उठेंगे जिसे वर्षों में तैयार किया गया. साफ है कि बांकीपुर के मतदाता ईवीएम पर अभिषेक कुमार सिन्हा, प्रशांत किशोर और रेखा गुप्ता के नाम देखेंगे. लेकिन परिणाम की राजनीतिक व्याख्या शायद इससे कहीं बड़ी होगी. यही कारण है कि बांकीपुर में चेहरा भले अभिषेक बंटी का हो, लेकिन राजनीतिक लड़ाई नितिन नवीन और प्रशांत किशोर के बीच देखी जा रही है.
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

समस्तीपुर दोहरा हत्याकांड: नामापुर गांव में दो युवकों को गोली मारी, गैंगवार की आशंका से जांच तेज

समस्तीपुर दोहरा हत्याकांड: नामापुर गांव में दो युवकों को गोली मारी, गैंगवार की आशंका से जांच तेज

by UB India News
July 8, 2026
0

बिहार के समस्तीपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चकमहेसी थाना क्षेत्र के नामापुर गांव में बुधवार की...

अमरनाथ यात्रा आज से, 4800 यात्रियों का पहला जत्था कश्मीर पहुंचा

महज 5 दिन में ही क्यों अंतर्ध्यान हो गए बाबा बर्फानी , जम्मू से अब तक का सबसे बड़ा जत्था 9837 श्रद्धालुओं का जत्था हुआ रवाना …………

by UB India News
July 8, 2026
0

वार्षिक अमरनाथ यात्रा ने बुधवार को नया कीर्तिमान रच दिया। भगवती नगर यात्री निवास जम्मू से एक ही दिन में...

PM मोदी की मंदिर डिप्लोमेसी! इंडोनेशिया के 1 हजार साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी

PM मोदी की मंदिर डिप्लोमेसी! इंडोनेशिया के 1 हजार साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी

by UB India News
July 8, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा सिर्फ कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं है. जकार्ता पहुंचने के बाद उनका सबसे अहम...

क्या फिर गहराएगा ऊर्जा संकट? फिर भिड़ गए ईरान-अमेरिका, IRGC ने गिराया MQ-9 ड्रोन

क्या फिर गहराएगा ऊर्जा संकट? फिर भिड़ गए ईरान-अमेरिका, IRGC ने गिराया MQ-9 ड्रोन

by UB India News
July 8, 2026
0

अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए. अमेरिकी सेना ने इन हमलों को शक्तिशाली बताया है. अमेरिका...

सम्राट कैबिनेट का विस्तार 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा, पीएम मोदी और अमित शाह की होगी मौजूदगी !

10 जुलाई को बिहार NDA की बड़ी बैठक ,

by UB India News
July 7, 2026
0

बिहार में संगठन और सरकार के बीच तालमेल को और मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है. इसी कवायद...

Next Post
क्या फिर गहराएगा ऊर्जा संकट? फिर भिड़ गए ईरान-अमेरिका, IRGC ने गिराया MQ-9 ड्रोन

क्या फिर गहराएगा ऊर्जा संकट? फिर भिड़ गए ईरान-अमेरिका, IRGC ने गिराया MQ-9 ड्रोन

PM मोदी की मंदिर डिप्लोमेसी! इंडोनेशिया के 1 हजार साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी

PM मोदी की मंदिर डिप्लोमेसी! इंडोनेशिया के 1 हजार साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend