राहुल गांधी अपने दौरे की शुरुआत गया से करेंगे. वे सबसे पहले गया एयरपोर्ट पर उतरेंगे. जानकारी के मुताबिक वहां से सीधे ‘माउंटेन मैन’ के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद वे दशरथ मांझी के परिजनों से भी मुलाकात करेंगे. यह कदम साफ संकेत देता है कि राहुल गांधी अति-पिछड़े वर्गों के बीच संवेदनात्मक और सामाजिक जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश में हैं.
इसके बाद राहुल गांधी राजगीर रवाना होंगे, जहां वह ‘अतिपिछड़ा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वे अत्यंत पिछड़ा वर्ग के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे. यह आयोजन कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह सामाजिक न्याय के मुद्दों को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है.राजगीर से राहुल गांधी पुनः गया लौटेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. इस दौरे को कांग्रेस के आगामी सामाजिक समीकरणों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. लेकिन एक सवाल यह भी है कि बिहार महागठबंधन में कांग्रेस दूसरे नंबर की पार्टी है. ऐसे में क्या आरजेडी की छांव में रही कांग्रेस को राहुल गांधी नई धार दे पाएंगे?
महिलाओं से संवाद के बाद दिल्ली रवाना होंगे राहुल
गयाजी कांग्रेस के अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने बताया- ‘गयाजी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से दशरथ मांझी के गांव गहलौर जाएंगे। गहलौर में दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ मांझी से मुलाकात करेंगे।’
‘मुलाकात के बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से राजगीर चले जाएंगे। वापस शाम 4 बजे गयाजी के एक होटल में महिला संवाद कार्यक्रम से शामिल होंगे और महिलाओं से बातचीत भी करेंगे। इसके बाद शाम को ही दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।’
दशरथ मांझी के गांव से राजगीर के लिए होंगे रवाना
कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शशिभूषण पंडित और पूर्व विधायक रवि ज्योति ने बताया- ‘दशरथ मांझी के बेटे से मुलाकात के बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से राजगीर पहुंचेंगे। यहां वे सबसे पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।’
‘इसके बाद राहुल गांधी जरासंध स्मारक का दौरा करेंगे और अंत में इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचेंगे, जहां वे मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद वे वापस गयाजी के लिए रवाना हो जाएंगे, जहां महिलाओं से संवाद करेंगे।’
महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं राहुल
गयाजी में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन महिला सशक्तीकरण को केंद्र में रखते हुए किया जा रहा है। कार्यक्रम में राहुल गांधी अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार, प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम गया-पटना मुख्य मार्ग पर पहाश्वर के पास स्थित एक रिसॉर्ट में प्रस्तावित है। जहां बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया है।
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि राहुल गांधी इस अवसर पर महिलाओं के लिए कुछ नई योजनाओं या नीतियों की घोषणा भी कर सकते हैं। इनमें छात्रवृतियां, कौशल विकास कार्यक्रम, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हो सकती हैं।
महिलाओं से इन मुद्दों पर राहुल गांधी कर सकते हैं संवाद
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी विभिन्न तबकों से आई महिलाओं से सीधी बातचीत करेंगे। राहुल महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था, ग्रामीण महिलाओं की शिक्षा और रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप में महिला भागीदारी पर बात कर सकते हैं।
इसके साथ स्वास्थ्य सेवाओं तक महिलाओं की पहुंच, राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के लोग आज रोजगार के अभाव में बड़े पैमाने पर पलायन कर रहे हैं। यहां रोजगार की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। पहले सरकार इलाज कराती थी, अब आम आदमी को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सरकार निजी अस्पतालों को जमीन तो देती है, लेकिन आम लोगों की सेहत की जिम्मेदारी से पीछे हट रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए राहुल गांधी ने कहा- ‘ट्रंप ने 11 बार कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से सरेंडर करवा लिया। प्रधानमंत्री इसका खंडन भी नहीं कर पाए क्योंकि यह सच्चाई है।’ उन्होंने कहा- ‘आरएसएस से मैं लड़ता हूं। दबाव पड़ते ही ये लोग चिट्ठी लिखने लगते हैं अब तो ज़माना बदल गया है, चिट्ठी नहीं, व्हाट्सएप कर देंगे।’
राहुल गांधी ने कहा कि नालंदा में यूनिवर्सिटी हुआ करती थी. पूरी दुनिया से लोग यहां आते थे. आज बिहार से हर प्रदेश में पूरी दुनिया में लोग जाते हैं, क्योंकि यहां रोजगार नहीं है.
एक दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार (06 जून, 2025) को राजगीर में आयोजित ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए बिहार को ‘क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया’ कह दिया. राहुल गांधी ने कहा कि बिहार की पुरानी परिभाषा सत्य, न्याय और अहिंसा थी. 21वीं सदी का नया डेफिनेशन है, ‘क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया- बिहार’.
राहुल गांधी ने आगे कहा, “देखिए आप आज कहां से कहां पहुंच गए. आज जापान की बात होती है, कोरिया की बात होती है, चाइना की बात होती है, लेकिन उनके जो सोचने का तरीका है वो कहां से आया… वो आप लोगों ने दिया. बिहार से सोच गई थी कुवैत, श्रीलंका, कोरिया, जापान, कोरिया… तो ये है बिहार का मतलब.”
‘…क्योंकि यहां रोजगार नहीं है’
कांग्रेस नेता ने कहा कि आप लोग नहीं आप लोगों की सरकार ये सब भूल गई. बड़े शब्दों में बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया. यही बदलाव हम जानते हैं. उन्होंने लोगों से कहा कि आपने सिर्फ हिंदुस्तान को नहीं पूरी दुनिया को रास्ता दिखाया. नालंदा में आपकी यूनिवर्सिटी हुआ करती थी. पूरी दुनिया से लोग यहां आते थे. आज बिहार से हर प्रदेश में पूरी दुनिया में आपके लोग जाते हैं, क्योंकि यहां रोजगार नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा कि जिसको हम इंडिया कहते हैं उसमें 90 परसेंट लोगों की भागीदारी तो है ही नहीं. उन्होंने कहा कि किसी भी सेक्टर को आप उठाकर देख लें. 500 सबसे बड़ी कंपनियां हैं, वहां अति पिछड़ा, पिछड़ा और दलितों का प्रतिनिधित्व कम है. उनका लाखों करोड़ का कर्जा माफ होता है. बजट में कानून बनाकर उन्हें सुविधाएं भी दी जाती हैं, लेकिन इनमें कहीं भी दलित, आदिवासी या पिछड़ा वर्ग का सीईओ नहीं है. उन्होंने कहा कि सीईओ छोड़िए, मैनेजमेंट टीम में भी कोई नहीं मिलेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि पहले सरकारी अस्पताल होते थे, अब प्राइवेट अस्पताल हो गए हैं. पहले सरकार आपका इलाज करवाती थी और अब आपको इलाज करवाने के लिए लाखों रुपये देने होते हैं. प्राइवेट अस्पतालों को सरकार जमीन देती है. किसकी जमीन देती है? आपकी जमीन देती है. प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट निकालिए, डॉक्टरों की लिस्ट निकालिए और उसमें मुझे आदिवासी नाम, दलित नाम, पिछड़ा नाम दिखा दें.
राहुल गांधी शुक्रवार को राजगीर के अंतरराष्ट्रीय समागम केंद्र में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सार्वजनिक मंच से बिहार की कानून व्यवस्था, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों को कठघरे में खड़ा किया।
जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की नींव
जातीय जनगणना के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि इस प्रक्रिया के महत्व को समझने में उन्हें भी समय लगा। जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की नींव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि देश में जाति नहीं है, तो फिर वे खुद ओबीसी कैसे हो गए? राहुल गांधी ने कहा- ‘मेरा लक्ष्य है कि देश में पारदर्शी और सच्ची जातीय जनगणना हो। जिस दिन सही जातीय जनगणना हो गई, उस दिन इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।’
राहुल गांधी ने कहा कि देश की 90 प्रतिशत आबादी दुख की ‘शेयरहोल्डर’ है, लेकिन उनकी सत्ता और फैसलों में कोई भागीदारी नहीं है। मैंने जब देश को गहराई से समझा, तब पाया कि राजनीति में इन 90 प्रतिशत लोगों की कोई जगह नहीं है।
राहुल गांधी अपने दौरे की शुरुआत गया से करेंगे. वे सबसे पहले गया एयरपोर्ट पर उतरेंगे. जानकारी के मुताबिक वहां से सीधे ‘माउंटेन मैन’ के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद वे दशरथ मांझी के परिजनों से भी मुलाकात करेंगे. यह कदम साफ संकेत देता है कि राहुल गांधी अति-पिछड़े वर्गों के बीच संवेदनात्मक और सामाजिक जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश में हैं.
इसके बाद राहुल गांधी राजगीर रवाना होंगे, जहां वह ‘अतिपिछड़ा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वे अत्यंत पिछड़ा वर्ग के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे. यह आयोजन कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह सामाजिक न्याय के मुद्दों को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है.राजगीर से राहुल गांधी पुनः गया लौटेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. इस दौरे को कांग्रेस के आगामी सामाजिक समीकरणों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. लेकिन एक सवाल यह भी है कि बिहार महागठबंधन में कांग्रेस दूसरे नंबर की पार्टी है. ऐसे में क्या आरजेडी की छांव में रही कांग्रेस को राहुल गांधी नई धार दे पाएंगे?
महिलाओं से संवाद के बाद दिल्ली रवाना होंगे राहुल
गयाजी कांग्रेस के अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने बताया- ‘गयाजी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से दशरथ मांझी के गांव गहलौर जाएंगे। गहलौर में दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ मांझी से मुलाकात करेंगे।’
‘मुलाकात के बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से राजगीर चले जाएंगे। वापस शाम 4 बजे गयाजी के एक होटल में महिला संवाद कार्यक्रम से शामिल होंगे और महिलाओं से बातचीत भी करेंगे। इसके बाद शाम को ही दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।’
दशरथ मांझी के गांव से राजगीर के लिए होंगे रवाना
कांग्रेस अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शशिभूषण पंडित और पूर्व विधायक रवि ज्योति ने बताया- ‘दशरथ मांझी के बेटे से मुलाकात के बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से राजगीर पहुंचेंगे। यहां वे सबसे पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।’
‘इसके बाद राहुल गांधी जरासंध स्मारक का दौरा करेंगे और अंत में इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचेंगे, जहां वे मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद वे वापस गयाजी के लिए रवाना हो जाएंगे, जहां महिलाओं से संवाद करेंगे।’
महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं राहुल
गयाजी में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन महिला सशक्तीकरण को केंद्र में रखते हुए किया जा रहा है। कार्यक्रम में राहुल गांधी अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार, प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम गया-पटना मुख्य मार्ग पर पहाश्वर के पास स्थित एक रिसॉर्ट में प्रस्तावित है। जहां बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया है।
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि राहुल गांधी इस अवसर पर महिलाओं के लिए कुछ नई योजनाओं या नीतियों की घोषणा भी कर सकते हैं। इनमें छात्रवृतियां, कौशल विकास कार्यक्रम, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हो सकती हैं।
महिलाओं से इन मुद्दों पर राहुल गांधी कर सकते हैं संवाद
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी विभिन्न तबकों से आई महिलाओं से सीधी बातचीत करेंगे। राहुल महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था, ग्रामीण महिलाओं की शिक्षा और रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप में महिला भागीदारी पर बात कर सकते हैं।
इसके साथ स्वास्थ्य सेवाओं तक महिलाओं की पहुंच, राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के लोग आज रोजगार के अभाव में बड़े पैमाने पर पलायन कर रहे हैं। यहां रोजगार की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। पहले सरकार इलाज कराती थी, अब आम आदमी को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सरकार निजी अस्पतालों को जमीन तो देती है, लेकिन आम लोगों की सेहत की जिम्मेदारी से पीछे हट रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए राहुल गांधी ने कहा- ‘ट्रंप ने 11 बार कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से सरेंडर करवा लिया। प्रधानमंत्री इसका खंडन भी नहीं कर पाए क्योंकि यह सच्चाई है।’ उन्होंने कहा- ‘आरएसएस से मैं लड़ता हूं। दबाव पड़ते ही ये लोग चिट्ठी लिखने लगते हैं अब तो ज़माना बदल गया है, चिट्ठी नहीं, व्हाट्सएप कर देंगे।’
राहुल गांधी ने कहा कि नालंदा में यूनिवर्सिटी हुआ करती थी. पूरी दुनिया से लोग यहां आते थे. आज बिहार से हर प्रदेश में पूरी दुनिया में लोग जाते हैं, क्योंकि यहां रोजगार नहीं है.
एक दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार (06 जून, 2025) को राजगीर में आयोजित ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए बिहार को ‘क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया’ कह दिया. राहुल गांधी ने कहा कि बिहार की पुरानी परिभाषा सत्य, न्याय और अहिंसा थी. 21वीं सदी का नया डेफिनेशन है, ‘क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया- बिहार’.
राहुल गांधी ने आगे कहा, “देखिए आप आज कहां से कहां पहुंच गए. आज जापान की बात होती है, कोरिया की बात होती है, चाइना की बात होती है, लेकिन उनके जो सोचने का तरीका है वो कहां से आया… वो आप लोगों ने दिया. बिहार से सोच गई थी कुवैत, श्रीलंका, कोरिया, जापान, कोरिया… तो ये है बिहार का मतलब.”
‘…क्योंकि यहां रोजगार नहीं है’
कांग्रेस नेता ने कहा कि आप लोग नहीं आप लोगों की सरकार ये सब भूल गई. बड़े शब्दों में बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया. यही बदलाव हम जानते हैं. उन्होंने लोगों से कहा कि आपने सिर्फ हिंदुस्तान को नहीं पूरी दुनिया को रास्ता दिखाया. नालंदा में आपकी यूनिवर्सिटी हुआ करती थी. पूरी दुनिया से लोग यहां आते थे. आज बिहार से हर प्रदेश में पूरी दुनिया में आपके लोग जाते हैं, क्योंकि यहां रोजगार नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा कि जिसको हम इंडिया कहते हैं उसमें 90 परसेंट लोगों की भागीदारी तो है ही नहीं. उन्होंने कहा कि किसी भी सेक्टर को आप उठाकर देख लें. 500 सबसे बड़ी कंपनियां हैं, वहां अति पिछड़ा, पिछड़ा और दलितों का प्रतिनिधित्व कम है. उनका लाखों करोड़ का कर्जा माफ होता है. बजट में कानून बनाकर उन्हें सुविधाएं भी दी जाती हैं, लेकिन इनमें कहीं भी दलित, आदिवासी या पिछड़ा वर्ग का सीईओ नहीं है. उन्होंने कहा कि सीईओ छोड़िए, मैनेजमेंट टीम में भी कोई नहीं मिलेगा.
राहुल गांधी ने कहा कि पहले सरकारी अस्पताल होते थे, अब प्राइवेट अस्पताल हो गए हैं. पहले सरकार आपका इलाज करवाती थी और अब आपको इलाज करवाने के लिए लाखों रुपये देने होते हैं. प्राइवेट अस्पतालों को सरकार जमीन देती है. किसकी जमीन देती है? आपकी जमीन देती है. प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट निकालिए, डॉक्टरों की लिस्ट निकालिए और उसमें मुझे आदिवासी नाम, दलित नाम, पिछड़ा नाम दिखा दें.
राहुल गांधी शुक्रवार को राजगीर के अंतरराष्ट्रीय समागम केंद्र में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सार्वजनिक मंच से बिहार की कानून व्यवस्था, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों को कठघरे में खड़ा किया।
जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की नींव
जातीय जनगणना के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि इस प्रक्रिया के महत्व को समझने में उन्हें भी समय लगा। जातीय जनगणना सामाजिक न्याय की नींव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि देश में जाति नहीं है, तो फिर वे खुद ओबीसी कैसे हो गए? राहुल गांधी ने कहा- ‘मेरा लक्ष्य है कि देश में पारदर्शी और सच्ची जातीय जनगणना हो। जिस दिन सही जातीय जनगणना हो गई, उस दिन इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।’
राहुल गांधी ने कहा कि देश की 90 प्रतिशत आबादी दुख की ‘शेयरहोल्डर’ है, लेकिन उनकी सत्ता और फैसलों में कोई भागीदारी नहीं है। मैंने जब देश को गहराई से समझा, तब पाया कि राजनीति में इन 90 प्रतिशत लोगों की कोई जगह नहीं है।







