पाकिस्तान का मानवता से क्या रिश्ता है, उसने एक बार फिर अपनी ओछी हरकत से सबको बता दिया है. पाकिस्तान ने 227 जिंदगियों की परवाह ना करते हुए उनको एक ऐसे रास्ते पर जाने के लिए मजबूर कर दिया, जहां सिर्फ और सिर्फ खतरा था. यह खतरा कितना बड़ा था, इसका अंजादा इंडिगो के प्लेन को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है.
आपको बता दें कि 21 मई 2025 को दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-2142 एक भयानक हादसे का शिकार हो गई थी. इंडिगो के इस प्लेन को अचानक ओलावृष्टि और भीषण एयर टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते प्लेन का अगला हिस्सा (नोज कोन) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इस दौरान प्लेन में सवार 227 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई.
हालात से निपटने के लिए पायलट ने लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से पाकिस्तानी एयर स्पेस का उपयोग करने की अनुमति मांगी ताकि खराब मौसम से बचा जा सके. लेकिन, पाकिस्तान ने न केवल इस अनुरोध को ठुकरा दिया, बल्कि आपातकालीन स्थिति में भी प्लेन को अपने एयर स्पेस में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी. इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की अमानवीयता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर किया है.
ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान ने पहली बार मानवीयता को दरकिनार कर ऐसी हरकत की हो. 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC814 जो काठमांडू से दिल्ली जा रही थी, को आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया था. उस समय भी प्लेन को लाहौर में उतारने की जरूरत थी, क्योंकि ईंधन खत्म हो रहा था और स्थिति गंभीर थी.
लेकिन, तब भी लाहौर एटीसी ने लैंडिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. उस घटना में भी 155 यात्रियों और चालक दल की जान खतरे में थी. अंततः प्लेन को अमृतसर में उतारा गया, लेकिन वहां से फिर उड़ान भरने के बाद उसे कंधार ले जाया गया. उस समय भी पाकिस्तान के इस अमानवीय रवैये की कड़ी आलोचना हुई थी.
पाक की इस हरकत को लेकर क्या कहते हैं नियम
पाकिस्तान ने अपने इस अमानवीय कदम से इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) शिकागो कन्वेंशन 1944 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया है. इस कन्वेंशन के अनुसार, किसी भी देश को इमरजेंसी के हालात में किसी पैसेंजर प्लेन को अपने एयर स्पेस में प्रवेश या लैंडिंग की अनुमति देनी होगी.
पाकिस्तान ने इस नियम का किया गलत इस्तेमाल
इसके अलावा, एआईसीओ के आर्टिकल 3 (बी) में यह भी उल्लेख है कि किसी देश को नॉन-मिलिट्री एयरक्राफ्ट को अपने एयर स्पेस में प्रवेश से रोकने का अधिकार है, जब राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो. लेकिन इंडिगो की उड़ान एक नागरिक प्लेन थी, जो किसी भी तरह से पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं थी. फिर भी, पाकिस्तान ने इस अनुरोध को ठुकराकर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया.
पाकिस्तान ने अपनी इस नापाक हरकत से नकेवल एआईसीओ के नियमों का उल्लंघन किया है, बल्कि इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के नियमों का उल्लंघन किया है. इंडिगो के पास बड़ा मौका है कि अगले महीने भारत में होने जा रही आईएटीए के
81वीं एजीएम में यह मुद्दा उठा सकता है और पाकिस्तान को अपनी इस अमानवीय हरकत की कीमत चुकानी पड़ सकती है. आपको बता दें कि आईएटीए का 81वां एजीएम इस बार इंडिगो ही ऑर्गनाइज कर रहा है.







