26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा को कड़ी मशक्कत के बाद अमेरिका से भारत लाने में सफलता मिली है. अब उसके खिलाफ भारत में कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा. फिलहाल दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तहव्वुर राणा को 18 दिनों के लिए NIA की हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसी अब मुख्य साजिशकर्ता से अंदर की बात उगलवाने की कोशिश करेगी. उधर, जांच एजेंसी NIA मुख्यालय के आसपास सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है. NIA मुख्यालय से करीब 200 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग लगा दी गई है, ताकि कोई भी उधर न जा सके. दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर् सैनिक बल के जवानों की तैनाती की गई है. बता दें कि तहव्वुर राणा फिलहाल NIA मुख्यालय में ही 18 दिनों तक रहेगा.
26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा से पूछताछ होगी. इससे पहले देर रात करीब ढाई बजे आरोपी तहव्वुर राणा को पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए के रिमांड पर भेजने का आदेश दिया था. इसके बाद उसे NIA मुख्यालय लाया गया. एनआईए ने साल 2009 में मुंबई हमलों को लेकर मामला दर्ज किया था. इस मामले की जांच इस आरोप पर शुरू हुई थी कि डेविड कोलमैन हेडली और कनाडा में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा ने साल 2006 में पाकिस्तान में स्थित लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल-जिहाद अल इस्लामी (हूजी) के सदस्यों के साथ मिलकर भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए आपराधिक साजिश रची थी.
गहरी साजिश
हेडली और तहव्वुर राणा पर पर यूएपीए के तहत आरोप लगे हैं. साजिश के तहत डेविड हेडली ने इमिग्रेशन लॉ सेंटर के नाम से जानी जाने वाली एक कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में कई बार भारत के विभिन्न हिस्सों जैसे दिल्ली, मुंबई, जयपुर, पुष्कर, गोवा, पुणे की यात्रा की थी. इस दौरान उसे रेकी भी की थी. इस कंपनी का कार्यालय ताड़देव में था. ऐसे ही तहव्वुर राणा ने भी देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा कर रेकी की थी. एनआईए के मुताबिक ये जांच डेविड हेडली कोलमैन तक सीमित नहीं है. तहव्वुर राणा, हाफ़िज़ सईद, अब्दुल रहमान, जकि-उर रहमान लखवी, मेजर इकबाल और साजिद मीर ने मुंबई (26/11) में आतंकी हमलों में मदद की थी और उन्हें बढ़ावा दिया था. इसके अलावा इलियास कश्मीरी और अब्दुर रहमान के निर्देशों पर देश के विभिन्न भागों में हमलों की साजिश रची गई थी.
तहव्वुर राणा की इतनी लंबी कस्टडी क्यों?
तहव्वुर राणा को एनआईए ने 18 दिनों के लिए कस्टडी में लिया है. अब सवाल उठता है कि मुंबई हमले के साजिशकर्ता को इतने लंबे समय तक कस्टडी में रखकर जांच एजेंसी क्या करेगी? अब इस बात का खुलासा हो गया है. सूत्रों की मानें तो तहव्वुर राणा को देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाया जाएगा. एनआईए इस एंगल से भी जांच कर रही है कि हमले के मुंबई मॉडल को और कहीं लागू करने की साजिश् तो नहीं थी. यही वजह है कि तहव्वुर राणा को लंबे समय तक हिरासत में लिया है.
तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया. यह गिरफ्तारी सालों की कूटनीतिक और कानूनी कोशिशों के बाद संभव हो पाई है. अमेरिका में तहव्वुर राणा द्वारा प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की तमाम कानूनी कोशिशें, जिनमें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंसी अपील भी शामिल थी, लेकिन वे असफल रहीं. इसके बाद उसे लॉस एंजिल्स से एक विशेष विमान के ज़रिए भारत लाया गया. एनआईए और एनएसजी के सीनियर अफसरों की टीम ने राणा को अमेरिका से भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की. विमान से उतरने के बाद सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राणा को गिरफ्तार किया गया.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने पर कहा कि सबसे बड़े लोकतंत्र पर हमले के जिम्मेदार तहव्वुर राणा को कठोर सजा मिलेगी. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘देश पर सबसे बड़े 26/11 के आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को भारत लाया गया. इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करता हूं. लगभग एक माह पहले पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रंप के बीच चर्चा हुई थी. उसके अनुसार, अमेरिका ने भारत के सबसे बड़े अपराधी को हस्तांतरित किया. इसके लिए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का भी अभिनंदन करता हूं. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र पर हमले का जिम्मेदार तहव्वुर राणा को कठोर सजा मिलेगी, इसमें कोई शंका नहीं.’
सबसे बड़ा सवाल यह है कि तहव्वुर हुसैन राणा क्या हाफिज सईद से मिला था. इसके अलावा अन्य सवाल भी पूछे जाएंगे -:
–हाफिज सईद और जकी-उर रहमान लकवी से राणा का संपर्क कितनी बार हुआ था?
–पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से उसे कब-कब निर्देश मिल रहे थे?
–कितनी बार राणा ने पाकिस्तान की यात्रा की?
–मुंबई 26/11 हमलावरों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट करने वालों से कब-कब और कितनी बार राणा ने मुलाकात की थी?
–क्या उसे हथियारों की सोर्सिंग के नेटवर्क का पता था?
–क्यों समुद्री रास्ते का चयन किया गया?
–क्या हमलावरों की ट्रेनिंग में वह शामिल था?
–और किन-किन शहरों पर हमले की साजिश थी?
–कश्मीर स्थित आतंकी संगठन की और किन-किन देशों में नेटवर्क है जिनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ हो रहा है?







