बिहार में पुलिस पर हमलों का दौर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बिहार में एक बार फिर से पुलिस पर हमला हुआ है. दरअसल नालंदा के सरमेरा थाना क्षेत्र के चेरो गांव में पुलिस टीम पर हमले की घटना सामने आई है. मंगलवार रात वारंटी को पकड़ने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिसमें सरमेरा थाना के पीएसआई अजीत कुमार ओझा मामूली रूप से घायल हो गए. वहीं पुलिस पर हुए इस हमले ने एक बार फिर से लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठा दिया है कि अगर बिहार में पुलिस वाले ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों का क्या होगा?
वहीं घटना की जानकारी देते हुए नालंदा एसपी भारत सोनी ने बताया कि चेरो गांव में वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान कुछ ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध किया और पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा. इस घटना में पीएसआई अजीत कुमार ओझा को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बताया जा रहा है कि पुलिस चेरो गांव निवासी लालो यादव और वीरू यादव को गिरफ्तार करने गई थी, जिनके खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया था. पुलिस पर हमले के बाद आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया. पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
पटना के पंडारक थाने में गिरफ्तार दो व्यक्तियों को छुड़ाने आए जनसुराज के नेताओं ने थाना प्रभारी के साथ बदसलूकी की है। गोलीबारी के मामले में पुलिस लेकर आई थी। घेरापर गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट और गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने मौके से दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया था। साथ ही एक खोखा बरामद किया है। तीन राउंड फायरिंग की पुष्टि हुई है। मामला मंगलवार की रात का है।
बुधवार को दो नेता पहुंचे थे थाने
बुधवार दोपहर को जनसुराज के नेता मयंक कुमार और प्रशांत कुमार थाने पहुंचे। दोनों ने थाना प्रभारी साधना कुमारी से बदसलूकी की। गिरफ्तार व्यक्तियों को छोड़ने का दबाव बनाया। सूचना पाकर एएसपी राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने उनके सामने भी अभद्रता की।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सुरक्षा को लेकर सात थानों की पुलिस मौके पर तैनात है।
दोनों नेता खुद को जनसुराज पार्टी के संभावित उम्मीदवार बता रहे थे। पार्टी में जुड़े रहने को लेकर सत्यापन किया जा रहा है। वहीं, रात्रि में गिरफ्तार एक व्यक्ति संजय यादव को वह अपना ड्राइवर बता रहे थे। उसी को छुड़ाने को लेकर थाने पहुंच कर दबाव बना रहे थे।
बिहार के वैशाली जिले में देर रात बराटी थाना क्षेत्र के मदारपुर में अपने क्लीनिक में बैठे एक होम्योपैथिक डॉक्टर को अपराधियों ने गोली मार दी. गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए. स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना बाराटी थाने की पुलिस को दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल होम्योपैथिक डॉक्टर को इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहां से डॉक्टर की स्थिति को नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है.
पटना में बालू कारोबारों का मर्डर
पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र के नवही गांव में बुधवार रात बेखौफ अपराधियों ने बालू कारोबारी मनीष कुमार उर्फ मोनू को घेरकर दौड़ा-दौड़ा कर गोलियों से भून डाला. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया. हत्या के पीछे आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है. वारदात की सूचना पर सिटी एसपी सरथ आरएस समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है.
मोतिहारी में कलयुगी बेटे ने माता-पिता को तलवार से काटा
बिहार के मोतिहारी जिले में कलयुगी बेटे ने अपने माता-पिता की तलवार से काटकर हत्या कर दी है मामला शीतलपुर के बगल के हाता हरपुर टोला के घटना है जहां पर कलयुगी बेटे अभिषेक ने अपने पिता श्री भगवान साहऔर मां की तलवार से काटकर हत्या कर दी है बताया जाता है कि बेटे को अपने पिता से नहीं जमता था कई बातों पर उनके साथ कहा सुनी होती थी और इसी को लेकर नाराज बेटे ने अपने पिता माता-पिता की ही तलवार से काटकर हत्या कर दी है पुलिस ने कलयुगी बेटे को गिरफ्तार कर थाने ले गई है लेकिन गांव के लोगों का यह कहना है कि इसकी जानकारी हम लोगों को दूसरे लोगों के माध्यम से मिली ।जब पुलिस यहां पहुंची तो पता चला कि पिता का शव घर में पड़ा है वही दूसरा शव मक्का के खेत में पड़ा है वहीं स्थानीय मुखिया राजीव रंजन ने कहा कि घटना की जानकारी हम लोग को मिली है यह बड़ा ही दुखदाई घटना है पुलिस एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर थाने ले गई है.
आपस में भिड़े CRPF जवान और दिघवारा थानाध्यक्ष
छपरा के दिघवारा थाना क्षेत्र में पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है। घटना 15 मार्च की बताई जा रही है, जहां सीआरपीएफ जवान राधेकृष्ण महतो के परिवार के लोग होली खेल रहे थे। इसी दौरान थानाध्यक्ष अंकित कुमार और पड़ोस के व्यक्ति के बीच गाली-गलौज हुई। विरोध करने पर थानाध्यक्ष ने सीआरपीएफ जवान की पिटाई कर दी।
इसके बाद थानाध्यक्ष अंकित कुमार और पुलिसकर्मी अनुज कुमार ने पूरे परिवार को थाने ले जाकर मारपीट की। इस हमले में राधेकृष्ण महतो, उनकी पत्नी सरिता देवी, बेटी सोनी कुमारी, माया देवी और नाबालिग बेटा केशव कुमार घायल हुए। सभी के शरीर पर गहरे जख्म के निशान हैं।
मीरपुर भुवाल निवासी पीड़ित परिवार ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में महिलाओं और बच्चों के शरीर पर पिटाई के निशान साफ दिख रहे हैं। महिलाओं ने दिघवारा थाना के थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पटना के नौबतपुर में अपराधियों ने गोली मारकर एक युवक की हत्या कर दी। वारदात के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए फरार हो गए है। मृतक मनीष उर्फ मोनू नवही गांव का रहने वाला था। बिहटा थाने में में रंगदारी के 2 मामले दर्ज हैं।
गोली मारने से पहले हुई थी मारपीट
जानकारी के मुताबिक बुधवार देर शाम मोनू कुमार(25) के दोस्त ने फोन करके उसे घर से बुलाया था। इस दौरान अपराधियों ने मोनू को घेरकर सीना, पीठ और कमर में तीन गोली मारी। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घायल को रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी मौत हो गई। रेफरल अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि मोनू का एक हाथ टूटा हुआ था। इससे साफ है कि गोली मारने से पहले उसके साथ मारपीट भी हुई थी।
बिहार पुलिस एसोसिएशन चुनाव में विवाद, नियमों के उल्लंघन का आरोप
बिहार पुलिस एसोसिएशन के चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, एसोसिएशन के अध्यक्ष समेत तमाम पदों पर 3 वर्ष से कम सेवा वाले पुलिसकर्मियों ने भी नामांकन दाखिल किया है, जिसका अन्य उम्मीदवारों ने कड़ा विरोध किया है. विरोध जता रहे प्रत्याशियों का कहना है कि एसोसिएशन की 2017 और 2020 की नियमावली के अनुसार यह नियम विरुद्ध है. उनका कहना है कि गलत तरीके से नामांकन करने वाले प्रत्याशियों का नामांकन रद्द किया जाए. नामांकन प्रक्रिया BMP-5 में चल रही है, जहां अध्यक्ष पद के लिए नीरज कुमार धीरज का नामांकन हुआ है, जिनकी सेवा अवधि अभी 3 वर्ष से कम है. इसी बात को लेकर अन्य उम्मीदवार विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि मुख्य चुनाव पदाधिकारी सह पटना एसपी लॉ एंड ऑर्डर मनमानी कर रहे हैं. कई प्रत्याशियों और पुलिसकर्मियों ने चुनाव रद्द करने की मांग की है. इस मामले को लेकर एसोसिएशन में तनाव का माहौल है.
इस पूरे मामले में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नीरज कुमार धीरज से फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि 2024 के नियम में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि 3 वर्ष से कम सेवा वाले चुनाव नहीं लड़ सकते. उन्होंने कहा कि एक वर्ष से कम सेवा होने पर चुनाव नहीं लड़ने का नियम है. चुनाव पदाधिकारी से इस बारे में बात करने के लिए कई बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. नीरज कुमार ने बाइट देने से मना कर दिया है. गौरतलब है कि नीरज कुमार के महामंत्री रहते हुए ही यह नियम बना था कि 3 वर्ष से कम सेवा वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन अब वह अपने ही फैसले से मुकरते नजर आ रहे हैं.







