बिहार में चुनाव है और इस बीच महागठबंधन में शामिल कांग्रेस पार्टी के अंदर से एक बड़ी मांग उठ गई है. पार्टी की विधायक प्रतिमा दास (Congress MLA Pratima Das) ने गुरुवार (13 फरवरी) को एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को बिहार की सभी 243 सीटों पर अकेले लड़ना चाहिए. एकला चलो की नीति अपनानी चाहिए.
प्रतिमा दास ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में क्षेत्रीय दलों से समझौता कर रही है जिससे कांग्रेस के अपने कार्यकर्ता पार्टी से दूर होते जा रहे हैं. कार्यकर्ताओं को खड़ा किए बिना लीडरशिप डेवलप नहीं हो सकती. बिहार में कांग्रेस अपनी नीति और सिद्धांत से लोगों को अवगत कराएगी तो ज्यादा से ज्यादा सीटें जीत पाएगी. उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद समान विचारधारा वाले सभी दल मिलकर सरकार बनाएंगे. कांग्रेस को अकेले लड़ना चाहिए.
‘सिमटता जा रहा कांग्रेस का दायरा’
एबीपी न्यूज़ से कांग्रेस विधायक ने कहा कि बिहार में कांग्रेस की क्षेत्रीय दलों से समझौता हुई है इससे कांग्रेस के कार्यकर्ता कम हो गए हैं. कार्यकर्ताओं को लगता है कि क्यों मेहनत करें क्योंकि सीटें सहयोगी दलों के खाते में चली जाती हैं. क्षेत्रीय दलों के भरोसे रहने के कारण कांग्रेस का दायरा सिमटता जा रहा है. कांग्रेस के अपने लोग पार्टी से दूर होते जा रहे हैं. कई वर्षों से प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन नहीं होना भी चिंता का विषय है. राहुल गांधी खुद कांग्रेस को मजबूत करने के लिए बिहार आ रहे हैं. 18 जनवरी को आए. पांच फरवरी को आए.
बता दें कांग्रेस बिहार में आरजेडी से गठबंधन कर चुनाव लड़ती है लेकिन जिस तरह की डिमांड पार्टी नेताओं की तरफ से की जा रही है इससे महागठबंधन में जरूर भूचाल आ सकता है. दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस में एकला चलो की आवाज उठ रही है. प्रतिमा दास से पहले तारिक अनवर भी इस तरह की बात कह चुके हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार झा ने भी कहा है कि महागठबंधन में पार्टी (कांग्रेस) या तो 100 सीट पर लड़े या फिर अकेले चुनाव लड़े.







