लोकसभा में बजट के सत्र के सातवें दिन कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हो गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण इस हफ्ते नया इनकम टैक्स बिल पेश करेंगी. दरअसल, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त साल 2025-26 के लिए यूनियन बजट पेश किया था. इस दौरान उन्होंने कई अहम ऐलानों के साथ कहा था कि सरकार नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश करेगी.
सोनिया गांधी ने उठाया जनगणना का मुद्दा
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राज्यसभा में जल्द से जल्द जनगणना की मांग की. कांग्रेस MP ने कहा कि 14 करोड़ पात्र भारतीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के लाभ से वंचित हैं. गांधी ने कहा, ‘सितंबर 2013 में यूपीए सरकार द्वारा पेश किया गया राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) देश की 140 करोड़ आबादी के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल थी. इसने लाखों परिवारों को भुखमरी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर COVID-19 संकट के दौरान. इस अधिनियम ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए आधार प्रदान किया. NFSA के तहत, ग्रामीण आबादी का 75% और शहरी आबादी का 50% सब्सिडी वाले खाद्यान्न प्राप्त करने का हकदार है. हालांकि, लाभार्थियों के लिए कोटा अभी भी 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जो अब एक दशक से अधिक पुरानी है. स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार, जनगणना में चार साल से अधिक की देरी हुई है. मूल रूप से 2021 के लिए निर्धारित, अभी भी इस पर कोई स्पष्टता नहीं है कि यह कब आयोजित किया जाएगा परिणामस्वरूप, लगभग 14 करोड़ पात्र भारतीय एनएफएसए के तहत अपने उचित लाभ से वंचित हो रहे हैं. यह जरूरी है कि सरकार जल्द से जल्द जनगणना को पूरा करने को प्राथमिकता दे. खाद्य सुरक्षा एक विशेषाधिकार नहीं बल्कि एक मौलिक अधिकार है.’
राहुल गांधी हर मामले में राजनीति ढूंढते हैं: बीजेपी
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ‘राहुल गांधी की सबसे बड़ी समस्या ये है कि वे हर विषय में राजनीति ढूंढते हैं. मणिपुर के मामले में केंद्र सरकार ने पूरी तरह से संज्ञान लिया हुआ है और सभी आवश्यक कदम केंद्र सरकार उठा रही है लेकिन यह बहुत अफसोस की बात है कि वे(राहुल गांधी) हर मुद्दे पर अपने बचकानेपन का परिचय देते हैं… कांग्रेस और राहुल गांधी बहुत तेजी से पूरे देश में अपनी राजनैतिक जमीन खोते जा रहे हैं… इसलिए वे उन मुद्दों पर भी राजनीति करते हैं जिन पर कुछ समझदारी का परिचय देना चाहिए.’
आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह ने महाकुंभ भगदड़ के मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया.
इस हफ्ते संसद में पेश होगा नया इनकम टैक्स बिल 2025, नए विधेयक में इन सुधारों की उम्मीद
नए आयकर विधेयक 2025 का मकसद देश के प्रत्यक्ष कर कानूनों को सरल बनाना है. यह कोई नया कर बोझ पेश नहीं करेगा बल्कि कानून को और अधिक सुलभ बनाने के लिए मौजूदा प्रावधानों को सुव्यवस्थित करने, लंबी धाराओं और जटिल वाक्यों को हटाने के लिए लाया जा रहा है.
इस हफ्ते पेश किया जाएगा विधेयक
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले मंत्री मंडल से इस विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ बजट के बाद की पारंपरिक बैठक को संबोधित करने के बाद शनिवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “कल, कैबिनेट ने नए आयकर प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, मुझे उम्मीद है कि इसे आने वाले सप्ताह में लोकसभा में पेश किया जाएगा. इसके बाद यह एक समिति के पास जाएगा.”
संसदीय समिति की ओर इस पर अपनी सिफारिशें देने के बाद यह बिल फिर से कैबिनेट के पास लौटेगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे दोबारा संसद में पेश किया जाएगा.
64 साल बाद पेश किया जाएगा नया बिल
बता दें कि मौजूदा समय में आयकर कानून 1961 चल रहा है. इस बिल को 64 साल पहले साल 1961 में लागू किया गया था. तब से अब तक लोगों के कमाई करने के तरीके और टैक्स स्ट्रक्चर, इकोनॉमी सिस्टम सहित कई सारी महत्वपूर्ण चीजों में बदलाव हुआ है. ऐसे में सरकार मौजूदा समय को देखते हुए नया इनकम टैक्स बिल पेश करेगी, जिससे जटील शब्द टैक्स स्ट्रक्चर, कानूनी जटिलताओं को आसान बनाना, आयकर प्रावधानों को कम करने की उम्मीद है.
इसके अलावा, नए इनकम टैक्स बिल 2025 में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के प्रक्रिया को आसान करने और डिजिटल टैक्स फाइल को बढ़ावा देने पर विचार किया जाएगा.







