मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर और मझौलिया में अपनी 15वीं प्रगति यात्रा की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वे 781.54 करोड़ रुपए की लागत से 359 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
मुख्यमंत्री का यह दौरा पश्चिम चंपारण के विकास के लिए अहम साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि चंपारण ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया है और यहां की धरती से उनकी न्याय यात्रा भी शुरू हुई थी, जिसने राज्य में ‘जंगलराज’ को खत्म किया और विकास की नई दिशा दी।
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बिहार के सर्वांगीण विकास के दृढ़ संकल्प के साथ माननीय मुख्यमंत्री श्री
जी ‘प्रगति यात्रा’ पर निकल चुके हैं। बिहार के 13 करोड़ लोगों के उन्नयन का यह संकल्प हम सबका संकल्प है। आइए इस ‘प्रगति यात्रा’ में सहभागी बनकर बिहार के नवनिर्माण में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर स्थित घोटवा टोला में पावर सब-स्टेशन का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना पर 139 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 171.58 करोड़ रुपए की लागत से 39 अन्य विकास योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। 30 लाख रुपए की लागत वाली एक और योजना का उद्घाटन भी इस मौके पर किया जाएगा।
मझौलिया में उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने मझौलिया के धोकराहां पंचायत के शिकारपुर गांव में 59 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन योजनाओं पर 34.72 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। इनमें मनरेगा पार्क, पुस्तकालय, अमृत तालाब, SDRF भवन और खुला जिम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यहां 545.24 करोड़ रुपए की लागत से 300 योजनाओं का शिलान्यास भी किया।
जीविका दीदियों के उत्पादों का निरीक्षण
CM नीतीश धोकराहां में जीविका दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों का भी निरीक्षण करेंगे। इनमें कास के बर्तन, कान के आभूषण, सोलर लाइट और LED बल्ब शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
समीक्षा बैठक और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बेतिया कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। इस बैठक के लिए कलेक्ट्रेट को नया रूप दिया गया। इसमें डेस्क और LED टीवी की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। कलेक्ट्रेट को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया। हर स्थान पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं
मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर एम्बुलेंस के साथ स्वास्थ्यकर्मी और पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के अनुसार, हेलिपैड और कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।
बिहार यात्रा पॉलिटिक्स के मायने…..
सीएम नीतीश की यात्रा का पहला चरण 23 से 28 दिसंबर तक का होगा. वाल्मीकिनगर के घोटहवा टोला से सीएम प्रगति यात्रा की शुरुआत करेंगे और पहले चरण में 6 जिलों का जायजा लेंगे. पहले दिन 23 दिसंबर को पश्चिम चंपारण से यात्रा की शुरुआत होगी और 28 दिसंबर को वैशाली में पहले चरण की यात्रा का समापन होगा. पश्चिम चंपारण से शुरू होकर यह यात्रा 6 जिलों में होगी. इस दौरान पूर्वी चंपारण के अतिरिक्त शिवहर और सीतामढ़ी के बाद मुजफ्फरपुर के बाद वैशाली में संपन्न होगी.
प्रगति यात्रा के लिए चयनित वाल्मीकिनगर का घोटहवा टोला सज-धज कर तैयार है जहां सीएम नीतीश कुमार अपनी 15वीं यात्रा का शुरुआत करेंगे. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनकी यह यात्रा बेहद अहम है, क्योंकि प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थरुहट की महिलाओं के साथ जन संवाद भी करेंगे. बता दें कि इस इलाके की महिलाएं पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और विकसित बिहार की कहानी बता रही हैं. जीविका समूह के साथ कुछ महिलाएं जुड़ी है तो कुछ महिलाएं स्वरोजगार कर आर्थिक समृद्धि की उड़ान भर रही हैं. यात्रा की शुरुआत घोटहवा टोला से हो रही है जहां महिलाएं सीएम के स्वागत के लिए तैयार है.
योजनाओं की हकीकत जानेंगे सीएम नीतीश
वाल्मीकिनगर के घोटहवा टोला से सीएम की यात्रा शुरू होकर 23 दिसंबर को ही मुख्यमंत्री मझौलिया के शिकारपुर भी जाएंगे. प्रगति यात्रा के दौरान सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत से मुख्यमंत्री रूबरू होंगे. वहीं, बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का भी वर्तमान हालात का जाएगा सीएम लेंगे. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी हो गई है. सीएम की यात्रा को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. संभावित कार्यक्रम स्थल पर कड़ी चौकसी के बीच तैयारियां पूरी कर ली गई है.
नीतीश कुमार की 15वीं यात्रा के मायने समझिये
बता दें कि नीतीश कुमार की यह 15वीं बिहार यात्रा है. इससे पहले 14 यात्राओं के माध्यम से सीएम नीतीश जनता से सीधा संवाद करते रहे हैं. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने 2010 के अप्रैल में विश्वास यात्रा की थी जिससे उनका वोट बैंक बेहद मजबूत हुआ था. इस चुनाव में जेडीयू 115 सीट के साथ राज्य में अपने सबसे शानदार प्रदर्शन तक पहुंची. इसका असर यह हुआ कि एनडीए गठबंधन को बिहार में बंपर जीत मिली. इसके बाद तो यात्राओं का क्रम ही चल पड़ा. वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद नीतीश कुमार ने 2011 में सेवा यात्रा की, तो 2012 में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग के साथ अधिकार यात्रा पर निकल गए.
इसके बाद लोकसभा चुनाव 2014 से पहले नीतीश ने संकल्प यात्रा की, लेकिन चुनाव में नुकसान हो गया. एक यही यात्रा रही जिसका लाभ नीतीश कुमार को नहीं मिला. 2014 के लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार से जो झटका लगा इसके बाद उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2015 की तैयारी शुरू कर दी. चुनाव से पहले नीतीश कुमार नवंबर 2014 में संपर्क यात्रा पर निकले. 2015 में महागठबंधन सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार ने सात निश्चय लागू कर दिया. वर्ष 2016 में निश्चय यात्रा करने निकले और सीएम नीतीश ने 2017 में समीक्षा यात्रा की.
अब प्रगति यात्रा से फिर सियासत साध लेंगे CM नीतीश!
इसी दौरान उन्होंने फिर पाला बदल लिया और बीजेपी के साथ हो लिए. वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में जल जीवन हरियाली यात्रा पर निकले और इस चुनाव में एनडीए ने 40 में 39 सीटें जीतीं. वर्ष 2021 में समाज सुधार यात्रा और 2023 में उन्होंने समाधान यात्रा की. एक बार फिर से 2024 में नीतीश की प्रगति यात्रा पर निकल रहे हैं जो बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि विधानसभा चुनाव जल्द ही होने वाले हैं.







