तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का सोमवार सुबह निधन हो गया. वह 73 साल के थे. जाकिर पिछले दो सप्ताह से सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे. उन्हें हाई बीपी और दिल से जुड़ी बीमारिया थीं, जिसका वह ट्रीटमेंट करवा रहे थे. उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन की खबर से म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर है. जाकिर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में भी शोक की लहर है. सोशल मीडिया पर फैंस उनसे जुड़ी यादें और किस्से भी शेयर कर रहे हैं.
उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन के बाद उनकी आखिरी पोस्ट भी वायरल हो रही है. इस पोस्ट में उन्होंने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें नैचर की खूबसूरती को दिखा रहे हैं. लहलहाते पेड़ों के इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने हाथ जोड़ने और दिल वाले इमोजी के साथ लिखा था, “एक अद्भुत पल शेयर कर रहा हूं.”
जाकिर हुसैन के निधन पर सेलेब्स ने जताया दुख
जाकिर हुसैन के निधन पर रणवीर सिंह, अमिताभ बच्चन, करीना कपूर खान, सोनाली बेंद्रे और कई अन्य हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया और महान तबला वादक को श्रद्धांजलि दी. अमिताभ बच्चन ने एक्स पर लिखा, ” एक बहुत दुखद दिन…” फिर उन्होंने अपने ब्लॉग पर जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि दी और लिखा, “एक प्रतिभाशाली व्यक्ति .. एक बेजोड़ उस्ताद .. एक अपूरणीय क्षति .. जाकिर हुसैन .. हमें छोड़कर चले गए ..” वहीं, करीना कपूर खान ने अपने इंस्टाग्राम पर जाकिर हुसैन के साथ अपनी और रणधीर कपूर की एक तस्वीर शेयर की, उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा, “उस्ताद फॉरेवर”. मलाइका अरोड़ा ने भी तबला वादक की एक तस्वीर शेयर की और लिखा, “लीजेंड रेस्ट इन पीस”.
फैमिली ने की प्राइवेसी बनाए रखने की अपील
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, उस्ताद जाकिर हुसैन की फैमिली ने एक बयान में कहा, “एक ट्रेनर, टीचर और मेंटोर के रूप में उनके काम ने अनगिनत म्युजिशियंस पर एक अमिट छाप छोड़ी है. उन्हें उम्मीद थी कि वे अगली पीढ़ी को और आगे बढ़ने के लिए इंस्पायर करेंगे. अब तक के सबसे महान संगीतकारों में से एक के रूप में एक अद्वितीय विरासत छोड़ गए हैं.” परिवार ने इस समय प्राइवेसी बनाए रखने का अनुरोध किया है.
जाकिर हुसैन की पत्नी और बेटियां
जाकिर हुसैन ने कथक नृत्यांगना और ट्रेनर एंटोनिया मिनेकोला से शादी की थी. एंटोनिया उनकी मैनेजर भी थीं. उनकी 2 बेटियां- अनीसा कुरैशी और इसाबेला कुरैशी. अनीसा ने यूसीएलए ग्रेजुएशन किया और फिल्ममेकर बैं. इसाबेला मैनहट्टन में डांस की ट्रेनिंग ले रही हैं.
तबलावादक की मौत के बाद लोगों को कर रहा भावुक
बीती रात को संगीत जगत से एक दुखद खबर सामने आई है. महान तबलावादक जाकिर हुसैन अब इस दुनिया में नहीं रहे. उन्होंने अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को के अस्पताल में आखिरी सांसें लीं. दिल की बीमारी से जूझ रहे जाकिर हुसैन ने 73 साल की उम्र में अंतिम सांसें लीं. महान तबलावादक उस्ताद जाकिर हुसैन की दुनिया से रुख्सती के बाद उनका आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट काफी सुर्खियां बटोर रहा है.
जाकिर हुसैन काफी समय से अमेरिका में थे. उनका आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट भी अमेरिका की गलियों का है. 6 हफ्ते पहले किए गए पोस्ट में वो अमेरिका की सड़कों पर घूमते हुए वहां की तेज हवाओं का आनंद उठा रहे थे. जाकिर हुसैन द्वारा शेयर किए गए आखिरी वीडियो में वो प्रकृति का पूरी तरह लुत्फ उठा रहे थे.
इसी साल मिला था ग्रैमी अवॉर्ड
जाकिर हुसैन 6 दशक से तबला बजा रहे थे. वो भारत के सबसे प्रतिष्ठित तबलावादक थे. पंडित रविशंकर ने जाकिर हुसैन को उस्ताद की उपाधि दी थी. साल 2024 में जाकिर हुसैन के बैंड को ग्रैमी अवॉर्ड मिला था. 1988 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था. वो सबसे कम उम्र में ये सम्मान प्राप्त करने वाले व्यक्ति बने थे.
अमेरिका में चल रहा था इलाज
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट की मानें को जाकिर हुसैन के परिवार ने एक बयान में कहा कि उन्हें ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ नामक एक दुर्लभ फेफड़ों की बीमारी थी, जिसकी वजह से कॉम्प्लिकेशन आने लगे थे।
इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) क्या है?
इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। आप सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों में छोटी-छोटी हवा की थैलियों से होते हुए खून में जाता है और फिर यहां से शरीर के सभी अंगों को मिलता है। लेकिन आईपीएफ होने पर फेफड़ों के भीतर निशान ऊतक बढ़ने लगते हैं। जिससे सांस लेना मुश्किल होने लगता है। उम्र के साथ ये समस्या और भी खराब होने लगती है। इससे फेफड़ों के जरिए खून में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। जिससे आपके शरीर के दूसरे अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं।
इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के लक्षण और इलाज
आपको बता दें इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस का कोई इलाज नहीं है इस सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है। स्थिति गंभीर होने पर लंग ट्र्रांसप्लांट का विकल्प होता है। धीरे धीरे फेफड़ों में ऊतक बढ़ने लगते हैं और फेफड़ों में जख्म जैसे हो जाके हैं। जिसकी वजह से आपको सीने में दर्द या जकड़न, पैर में सूजन, भूख में कमी, गले में खराश, खांसी, थकान महसूस होना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, वजन घटना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर आप किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित हैं तो मुश्किलें और बढ़ने लगती हैं।







