बिहार में विधानसभा की चार सीटों पर वोटिंग होनी है. तरारी, इमामगंज, रामगढ़ और बेलागंज सीट पर 13 नवंबर को मतदान होगा. वहीं, 23 नवंबर को परिणाम आएंगे. नामांकन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है. बेलागंज विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव की रणभेरी बजते ही सभी पार्टियों की तैयारियां शुरू हो गई है. इस सीट पर जहानाबाद के सांसद और राजद नेता सुरेंद्र यादव का पहले से दबदबा रहा है. वह इस सीट से पिछले 24 साल से विधायक रहे हैं. हालांकि, इस बार ऐसा माना जा रहा है कि इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है. प्रशांत किशोर के जन स्वराज पार्टी ने इस सीट से अपना उम्मीदवार भी मैदान में उतार दिया है. खिलाफत हुसैन को यहां से प्रत्याशी बनाया है.
अब ऐसे में बेलागंज विधानसभा क्षेत्र में कितना विकास हुआ है, विभिन्न मुद्दों पर सवालों को लेकर लोकल 18 की टीम बेलागंज शहर पहुंची. वहां के स्थानीय लोगों से बातचीत की. इस दौरान बेला के कुछ लोगों ने सड़क का मुद्दा उठाया तो किसी ने परिवारवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी तो किसी ने नली गली की समस्या को उजागर किया. कुछ यहां के पूर्व विधायक सुरेंद्र यादव के द्वारा किए गए विकास की सराहना की. स्थानीय मुमताज आलम ने बताया कि यहां मुकाबला एनडीए बनाम इंडी गठबंधन के बीच होना है. तीसरी पार्टी की यहां से कोई टक्कर में नहीं है. यहां गांव-गांव में सड़क बन गई है. विद्यालय का निर्माण हुआ है. सुरेंद्र यादव ने इलाके में काम किए हैं.
यहां सड़क की हालात जर्जर
वहीं, एक अन्य स्थानीय ने कहा कि बेला विधानसभा क्षेत्र में कुछ भी काम नहीं हुआ है. 10 दिन पहले की स्थिति यहां की ऐसी थी कि बेला थाना से बगल से गुजरने वाली सड़क पर एक फिट तक पानी भरा हुआ था. पूरी बरसात पानी में घुसकर आने जाने का काम किया है. लोगों को घूम कर जाना पड़ रहा था. अब तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है. यहां से अच्छी स्थिति मखदुमपुर की और चाकंद की है. वहां यहां से अच्छा काम हुआ है.
परिवारवाद से ऊपर उठने की जरूरत
स्थानीय युवक चुन्नु शर्मा ने बताया कि बेलागंज में सत्ता परिवर्तन जरूरी है. सुरेंद्र यादव के विधायक रहते हुए बहुत कम काम हुआ है. यहां विकास की रफ्तार काफी धीमी है. बेलागंज में गली नली की समस्याएं बहुत है. हालांकि, बिजली मिल रही है और प्रशासन अच्छे से काम रहा है. वहीं, युवा जय प्रकाश कुमार ने कहा कि अब तक दो बार वोटिंग की है. बेलागंज विधानसभा में बदलाव होना चाहिए. परिवारवाद से ऊपर उठकर अन्य युवाओं को भी मौका देना चाहिए. युवा जय प्रकाश कुमार ने आगे यह भी कहा कि जीतन राम मांझी गया में अच्छा काम रहे हैं. गया के विकास के लिए जीतन राम मांझी जिस तरह सदन में आवाज बुलंद करते हैं उसी तरह यहां के नेता को भी आवाज बुलंद करना चाहिए.







