रक्षाबंधन का त्योहार हिन्दू धर्म के बड़े त्योहारों में से एक है, जिसे देश भर में धूमधाम और पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी आयु और मंगल कामना करती हैं। इस पावन पर्व पर बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र को बांधती हैं और उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। वहीं स्वास्थ्य की दृष्टि से भी रक्षासूत्र काफी लाभकारी होता है। राखी बांधने से कफ,पित्त और वात जैसी कई बीमारियां दूर हो सकती हैं और अंतर्मन में भय नहीं सताता है। इतना ही नहीं भाई की सुख-समृद्धि के लिए उनकी राशि के अनुसार आप उन्हें शुभ रंग की राखी बांध सकती हैं।
अक्सर देखा जाता है कि राखी के त्योहार के दौरान भद्रा का साया पड़ता है, जिससे राखी बांधने का समय कम हो जाता है। दरअसल, भद्रा काल में रक्षाबंधन मनाना अशुभ माना जाता है। इस कारण जब भी भद्रा काल पड़ता है तो बहनें शुभ मुहूर्त में ही राखी बांधती हैं। आइए जानते हैं कि आज भद्रा काल किस समय पडेगा। इसके साथ ही जानते हैं कि बहनें किस मुहूर्त में राखी बांध सकती हैं।
इस रक्षाबंधन पर है भद्रा का साया
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्राकाल को एक विशेष समय बताया गया है। इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। भद्रा का समय विष्टीकरण कहलाता है। माना जाता है कि भद्राकाल के दौरान किए गए कार्य अशुभ होते हैं।
भद्राकाल
भद्राकाल – पूर्णिमा तिथि के प्रारंभ के साथ भद्रा की शुरुआत
भद्राकाल की समाप्ति – 19 अगस्त 2024 को दोपहर 1:30 पर
भद्रा मुख – 19 अगस्त को प्रातः 10:53 से दोपहर 12:37 तक
भद्रा पूंछ – 19 अगस्त को प्रातः 09:51 से प्रातः 10:53 तक
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
भद्रा के कारण राखी बांधने का मुहूर्त दोपहर में नहीं है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:30 से रात्रि 09:07 तक रहेगा। कुल मिलाकर शुभ मुहूर्त 07 घंटे 37 मिनट का रहेगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त आरंभ – दोपहर 01:30 के बाद
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त समापन- रात्रि 09:07 तक
राखी बांधने का सही तरीका
राखी बांधने के लिए सबसे पहले थाली में रोली, अक्षत, मिठाई और राखी रखें। अब सबसे पहले अपने भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। इस हाथ पर राखी बांधना एक शुभ शगुन माना जाता है। फिर उसे मिठाई खिलाएं। फिर अपने भाई के लिए आरती उतारें और उसकी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। इस दौरान भाइयों को अपनी बहनों के पैर छूने चाहिए।
रक्षाबंधन पर शुभ संयोग
आज रक्षाबंधन पर कई तरह के शुभ संयोग बने हुए हैं। इन संयोगों में सर्वार्थसिद्ध और रवि योग खास है। इसके सूर्यदेव अपनी स्वराशि में हैं, शनिदेव शश राजयोग बना रहे हैं। और बुध-शुक्र से बुधादित्य और शुक्रादित्य राजयोग बन रहा है।
राखी बांधते समय क्यों लगानी चाहिए इतनी गांठें
आज सावन माह की पूर्णिमा तिथि और रक्षाबंधन का पर्व है। रक्षाबंधन पर बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार राखी बांधते समय तीन गांठ लगाना बहुत ही जरूरी होता है। ऐसी मान्यता है कि राखी की पहली गांठ भाई की लंबी उम्र लिए होती है ,राखी की दूसरी गांठ खुद की लंबी उम्र के लिए होती है ,जबकी तीसरी गांठ भाई-बहन के बीच रिश्ते के दीर्घायु के लिए बांधी जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार राखी की इन गांठों का संबंध ब्रह्राा, विष्णु और महेश से होता है।
राखी बांधते समय जरूर जाप करना चाहिए यह मंत्र
रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल का विचार करते हुए और भद्रा के बीत जाने के बाद बहनें भाई की कलाई में राखी बांधें और राखी बांधते समय इस मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
येन बद्धो बली राजा, दानवेंद्रो महाबल: ।
तेन त्वाम् प्रतिपद्धनामि, रक्षे माचल माचल: ।
आज रक्षाबंधन पर कब बंधवाएं राखी ?
आज राखी का त्योहार है,लेकिन सुबह से ही भद्राकाल के रहते राखी दोपहर के बाद बांधना शुभ रहेगा। शास्त्रों के अनुसार राखी हमेशा भद्राकाल के बीत जाने के बाद ही बंधवानी चाहिए। आइए जानते हैं कब राखी बंधवाना शुभ रहेगा।
दोपहर राखी बांधने का समय- भद्रा काल के समापन के बाद दोपहर 01 बजकर 32 मिनट के बाद से लेकर 4 बजकर 19 मिनट तक।
रक्षाबंधन का प्रदोष काल का मुहूर्त- शाम 06 बजकर 56 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 07 मिनट तक।







