बिहार में 1990 से 2005 का डेढ़ दशक जिसने भी देखा है उन्हें ‘जंगलराज’ के बारे में बताने की जरूरत नहीं है. लालू यादव और राबड़ी देवी के शासन काल को पटना हाईकोर्ट ने बिहार में ‘जंगलराज’ कहा था. कानून व्यवस्था के हालात कठघरे में थे और विपक्ष के तेवर भी काफी हमलावर रहते थे. इसके बाद जब नीतीश कुमार सत्ता में लौटे तो उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर पर खूब काम किया और प्रदेश में शासन-सत्ता का इकबाल बुलंद किया और ‘सुशासन बाबू’ कहलाए. हाल के दिनों में बिहार में अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और बीते 18 वर्षों से राज्य का मुखिया रहे नीतीश कुमार अब घिरते नजर आ रहे हैं. जाहिर है अब हमला बोलने की बारी लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल की है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव यह काम बखूबी कर रहे हैं. उन्होंने ‘जंगलराज’ से भी आगे बढ़कर बिहार में ‘महाजंगलराज’ जैसे हालात बताना शुरू कर दिया है. विपक्ष के हमलों के बीच अब नीतीश सरकार एक्शन में आती नजर आ रही है और इस मुद्दे को लेकर बड़ी बैठक बुला ली है जिसमें राज्य प्रशासन के सभी आला अधिकारी मौजूद रहेंगे.
क्राइम कंट्रोल और विधि व्यवस्था को लेकर लंबे अर्से के बाद नीतीश सरकार की एक बड़ी और महत्वपूर्ण बैठक आज शाम 4 बजे होने जा रही है. सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यह बैठक होगी जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा बिहार के मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, डीजीपीआरएस भट्टी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के अतिरिक्त प्रमंडल के आयुक्त, आईजी डीआईजी, जिला अधिकारी एसपी समेत कई अधिकारी भाग लेंगे. 2023 के बाद अब होनेवाली 2024 की यह बड़ी बैठक कई महीनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. वीआईपी के नेता मुकेश साहनी के पिता की हत्या के बाद जिस तरीके से विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की है, ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक यह साबित कर रही है कि सरकार विधि व्यवस्था को लेकर पहले की तरह ही गंभीर है.







