23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2024-25 पेश करेंगी. इसके साथ ही वित्त मंत्री इतिहास रचने जा रही हैं. सीतारमण लगातार सातवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी. इसके साथ ही वह मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी. मोरारजी देसाई ने लगातार छह बार बजट पेश किया था. बता दें कि सीतारमण से पहले मोरारजी देसाई ने पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया था. मोरारजी देसाई ने 1959 से 1964 तक देश के वित्त मंत्री के पद पर रहे थे. मोरारजी देसाई
निर्मला सीतारमण रचने जा रही हैं इतिहास
दरअसल, इसकी जानकारी खुद केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने एक्स पर ट्वीट कर दी. उन्होंने लिखा कि इस बार बजट सत्र 22 जुलाई से शुरू होगा, जो 12 अगस्त तक चलेगा. वहीं, लगातार सातवीं बार निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी.
2019 में निर्मला सीतारमण ने पहला बजट किया था पेश
आपको बता दें कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह पहला पूर्ण बजट है. वहीं, इस बार के बजट से यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह इंफ्रा, ईवी सेक्टर और एमएसएमई सेक्टर पर विशेष ध्यान रखेगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार पांच बार बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री अरुण जेटली, पी चिदंबरम, मनमोहन सिंह और यशवंत सिन्हा को पहले ही पीछे छोड़ चुकी हैं. बता दें कि निर्मला सीतारमण ने साल 2019 में देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के तौर पर अपना पहला बजट भाषण पेश किया था.
जानें क्या है बजट का इतिहास?
आपको बता दें कि भारत का सबसे पहला बजट आजादी के बाद 26 नवंबर, 1947 को पेश किया गया था. जिसे देश के पहले वित्त मंत्री शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था.
मोदी सरकार 3.0 से महिलाओं को क्या है उम्मीदें? हो सकते हैं ये बड़े ऐलान..
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 23 जुलाई को बजट 2024 पेश कर सकती है. संसद के मानसून सत्र के दौरान ये बजट पेश किया जाएगा. जानकारों की माने तो, ये बजट नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाली तमाम योजनाओं पर फोकस रहने की उम्मीद है. साथ ही ये बजट जन कल्याण पर केंद्रीत रह सकता है. ऐसे में चलिए आगामी बजट में देश की महिलाओं के लिए क्या-क्या अपेक्षित घोषणाएं हो सकती है, इस बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं.
महिलाओं के लिए बजट 2024 का ऐलान
-लखपति दीदी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को बदलने पर ध्यान दें.
-सार्वजनिक अस्पतालों के लिए धन में बढ़ोतरी और महिलाओं के लिए मुफ्त या रियायती स्वास्थ्य जांच के प्रावधान की उम्मीद है.
-सरकार इस बीमारी की रोकथाम के लिए 9-14 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों के सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ टीकाकरण को प्रोत्साहित करेगी.
-आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवर सभी ASHA और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं तक बढ़ाया जाएगा.
-कार्यान्वयन में तालमेल के लिए सभी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं को एक व्यापक कार्यक्रम के तहत लाया जाएगा.
-उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण, जीवनयापन में आसानी, महिला उद्यमियों को दिए गए 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण.
-कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी.
-ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास योजना के तहत 70 प्रतिशत से अधिक घर महिलाओं को एकल या संयुक्त मालिक के रूप में दिए गए हैं.
पिछले केंद्रीय बजट की सभी घोषणाओं पर एक नजर
-बजट 2023: महिलाओं और बच्चों के कल्याण कार्यक्रमों के लिए 2022-23 में 2,63,743 करोड़ रुपये आवंटित
-बजट 2022: एक विशेष योजना के माध्यम से असम और पश्चिम बंगाल में चाय श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन. और उचित सुरक्षा उपायों के साथ महिलाओं को रात्रि पाली सहित सभी क्षेत्रों में काम करने का अधिकार.
-बजट 2021: महिला-विशिष्ट कार्यक्रमों के लिए 28,600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव. और मातृत्व में प्रवेश करने वाली लड़कियों की उम्र के संबंध में छह महीने के भीतर सिफारिशें देने के लिए एक टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव.







