जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना के वाहन पर आतंकी हमला हुआ है। हमले के बाद भारतीय सेना के जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो चुकी है। लोई मराड़ गांव के पास आतंकियों ने सेना के वाहन को निशाना बनाया। इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए सेना ने कठुआ जिले के पूरे मचेड़ी इलाके को घेर लिया और आतंकियों की तलाशी की जा रही है। बदनोता गांव में सेना और आतंकियों के बीच एनकाउंटर जारी है।
सूत्रों के मुताबिक 2 से 3 आतंकवादियों ने सेना के वाहन पर हमला किया था। सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो चुकी है। बताया जा रहा है सेना के वाहन पर आतंकियों ने ग्रेनेड के साथ हमला किया था।
छह आतंकी हो चुके हैं ढेर
भारतीय सेना की कार्रवाई में दो दिन के अंदर छह आतंकी ढेर हो चुके हैं। इस दौरान दो जवान भी शहीद हुए हैं। भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ सहित संयुक्त बल ने सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के छिपने का खुफिया ठिकाना भी ढूंढ़ निकाला और उसे नष्ट कर दिया। आंतंकियों ने घर की अलमारी के पीछे एक खुफिया कमरा बना रख था, जहां सेना की तलाश तेज होने पर छिपा जा सकता था। इस कमरे का दरवाजा अलमारी के ड्रॉर से खुलता था।
राजौरी में सेना चौकी पर फायरिंग
आतंकियों ने रविवार सुबह राजौरी जिले के एक गांव में सेना चौकी पर फायरिंग की थी। इस दौरान एक जवान घायल हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने तड़के करीब चार बजे मंजाकोट क्षेत्र के गलुथी गांव में सेना की चौकी पर गोलीबारी की, जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों और जवानों के बीच करीब आधे घंटे तक गोलीबारी हुई, जिसमें सेना का एक जवान घायल हो गया। वहीं, आतंकवादी निकट के जंगल में भाग गए। इसके बाद सेना ने सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया था।
यह दो महीने में सेना के वाहन पर दूसरा आतंकी हमला है। इससे पहले 4 मई को पुंछ के शाहसितार इलाके में एयरफोर्स के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें कॉर्पोरल विक्की पहाड़े शहीद हो गए थे और 4 अन्य जवान घायल हो गए थे। आतंकियों ने सुरक्षाबलों के दो वाहनों पर भारी फायरिंग की। इसमें से एक वाहन एयरफोर्स का था। दोनों गाड़ियां सनाई टॉप जा रही थीं।
सेना के वाहनों पर हुए पिछले हमले…
1. इसी साल जनवरी में भी पुंछ में हमला हुआ था
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में इसी साल 12 जनवरी को आतंकियों ने सेना के वाहन पर हमला किया था। इसके बाद जवानों को जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। इसमें किसी के भी घायल या मौत की खबर नहीं आई थी।
2. सुरनकोट में पिछले साल दिसंबर में भी हमला हुआ था
सुरनकोट में 21 दिसंबर को सेना के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया था। इसमें 5 जवान शहीद हो गए थे। वारदात को 4 आतंकियों ने अंजाम दिया था। आतंकियों ने अमेरिकी M-4 कार्बाइन असॉल्ट राइफल से स्टील बुलेट फायर की थीं। ये स्टील बुलेट सेना के वाहनों की मोटी लोहे की चादर को पार करते हुए जवानों को लगीं।
पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। आतंकियों ने सोशल मीडिया पर हमले वाली जगह की तस्वीरें भी जारी कीं, जिसमें M-4 राइफल के इस्तेमाल का दावा किया गया।
6 और 7 जुलाई को कुलगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फायरिंग हुई
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में 6 और 7 जुलाई को मुदरघम और चिन्निगम फ्रिसल में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फायरिंग हुई थी। एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 6 आतंकियों को मार गिराया था। 2 जवान भी शहीद हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकी हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े थे। इनमें एक पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी संगठन का स्थानीय कमांडर भी था।
आतंकियों ने रविवार सुबह राजौरी जिले के मंजाकोट इलाके में एक आर्मी कैंप पर हमला किया था। इसमें एक जवान घायल हो गया। जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी घने जंगल के रास्ते भाग गए। सेना और पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
जून में 7 घटनाओं में 9 आतंकी मारे गए
26 जून: डोडा में 3 आतंकी मारे गए
डोडा जिले के गंडोह इलाके में 26 जून को सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। सुबह 2-3 आतंकियों के इलाके में छिपे होने की सूचना के बाद पुलिस और सेना ने सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया था, जिसके बाद सुबह 9.50 बजे एनकाउंटर शुरू हुआ था। इस एनकाउंटर में जम्मू-कश्मीर पुलिस में तैनात स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप का जवान भी घायल हुआ था।







