जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार शाम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने कायराना हरकत करते हुए दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया. इस हमले में एक मजदूर की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है. बताया जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने इस हमले को अंजाम दिया है. बड़ी बात यह है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह पहली ऐसी घटना है जिसमें एक बार फिर कश्मीर घाटी में गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाया गया है.
TRF कोई नया संगठन नहीं है. यह लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद की पुरानी साजिश का नया नाम है. पाकिस्तान ने इसे इस तरह पेश किया जैसे यह कश्मीर का स्थानीय संगठन हो, जो ‘आजादी’ के लिए लड़ रहा हो. लेकिन हकीकत यह है कि TRF के तार सीधे लश्कर और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैं.
बड़ी घटनाओं को दिया अंजाम
1. 2020 में कुपवाड़ा और बारामुला में टारगेट किलिंग
2. 2021 में कश्मीरी पंडितों और सिख समुदाय के खिलाफ हत्याएं
3. TRF के नाम पर RSS कार्यकर्ता और BJP नेताओं की हत्याएं
4. 2022-23 में श्रीनगर और पुलवामा में हुए आतंकी हमले
पाक अधिकृत कश्मीर में कैसे हाल?
जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान अपनी इस नापाक साजिश के जरिए दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है. दरअसल, इस समय पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हालात बेकाबू बने हुए हैं. विरोध प्रदर्शनों की वजह से वहां की शहबाज शरीफ सरकार दबाव में है.
जानकारी के लिए बता दें कि इस समय पीओके के मुजफ्फराबाद, मीरपुर और अन्य इलाकों में महंगाई, बिजली कटौती और सरकारी दमन के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. पाकिस्तान से आजादी के नारे भी वहां चर्चा का विषय बने हुए हैं.
जानकारों का यह भी कहना है कि इस साल जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य रहे हैं. अमरनाथ यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं. ऐसे में कुलगाम में गैर-स्थानीय लोगों पर हमला कर आतंकियों ने घाटी में एक बार फिर दहशत फैलाने की कोशिश की है.
जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दो वर्षों से पीओके में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों द्वारा कई कारणों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इनमें विधानसभा की आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग, आर्थिक बदहाली, बुनियादी सुविधाओं की कमी, महंगी रसोई गैस और बिजली प्रमुख हैं.
ये सब उलट-पुलट कर देंगे
पाकिस्तान के नौजवानों ने एक नई मुहिम शुरू की है- कॉकरोच पार्टी पाकिस्तान. इनके इंस्टाग्राम बायो में स्पष्ट लिखा है- यह मुल्क पाकिस्तानियों का है, ये किसी भ्रष्टाचारी माफिया का नहीं है. पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान का जेन जी तेजी से इस मुहिम के साथ खुद को जोड़ रहा है. तमाम मुद्दों को लेकर शहबाज सरकार को घेरने का काम कर रहा है.
पाकिस्तान के गृह मंत्री क्या बोले?
अब पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भी इस मुहिम की चर्चा तेज हो चुकी है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी का एक बयान वायरल है. उस वायरल बयान में नकवी कह रहे हैं- अब एक नौजवान को आप कुछ भी कह सकते हैं, सिर्फ एक नौजवान या फिर कॉकरोच या फिर कुछ और, लेकिन सच्चाई यह है कि अगर ये कॉकरोच एकजुट हो गए तो ये सबकुछ उलट-पुलट कर देंगे.
पाकिस्तान की आर्थिक हालत खस्ता
इस्लामाबाद के पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट में बोलते हुए नकवी ने कहा कि हम वर्तमान में जिस व्यवस्था में रह रहे हैं, वो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. अब इस व्यवस्था में रहते हुए समाधान की उम्मीद नहीं की जा सकती है. अब जब तक बड़े रीफॉर्म नीं होंगे, पाकिस्तान उन्हीं मुद्दों पर चर्चा करता रह जाएगा जिस वो एक दशक पहले भी चर्चा करता था.
नकवी ने आगे कहा कि पाकिस्तान के लोग भी एक ऐसी न्याय व्यवस्था चाहते हैं जहां उन्हें समान अवसर मिले, जहां उनकी मेहनत का सम्मान हो. नकवी के मुताबिक पाकिस्तान को अब ऐसी व्यवस्था चाहिए जहां पर स्थानीय सरकारों को ज्यादा ताकत दी जाए.
पाकिस्तान के सामने चुनौतियां
जानकारी के लिए बता दें कि इस समय पाकिस्तान कई प्रकार की आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। एक तरफ इस मुल्क पर कर्ज की मार है तो वहीं दूसरी तरफ यहां पर महंगाई भी आसमान छू रही है. इस बीच पाकिस्तान में बनी कॉकरोच पार्टी ने तमाम राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। नौजवानों के गुस्से का कैसे सामना किया जाए, इस पर नई बहस छिड़ चुकी है.







