GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग में शनिवार, 22 जून को दूध के डिब्बों और सोलर कुकर पर 12% टैक्स लगाने का फैसला किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फर्जी बिलों पर रोक लगाने के लिए फेज्डवाइज यानी चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में बायोमेट्रिक ऑथेंटिफिकेशन लागू किया जाएगा।
वहीं, भारतीय रेलवे की प्लेटफॉर्म टिकट, रिटायरिंग रूम और वेटिंग रूम जैसी सर्विसेज को GST से छूट दी गई है। निर्मला सीतारमण ने इस मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग के बाद इसमें लिए गए फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग के बड़े फैसले
- रेलवे की सर्विसेज जैसे बैटरी ऑपरेटेड व्हीकल और इंट्रा-रेलवे सर्विसेज GST से मुक्त।
- मिल्क केन्स यानी दूध के सभी तरह के डिब्बों पर एक समान 12% की दर तय की गई।
- फायर स्प्रिंकलर्स समेत सभी प्रकार के स्प्रिंकलर्स पर 12% टैक्स।
- सभी सोलर कुकर पर 12% GST।
- कार्टन बॉक्स पर 12% GST। पहले ये 18% था।
- पोल्ट्री कीपिंग मशीनरी के पार्ट्स पर 12% GST।
- शैक्षणिक संस्थानों के बाहर के हॉस्टल पर भी GST में छूट।
- एयरक्राफ्ट्स के पार्ट्स, कंपोनेंट, टेस्टिंग इक्विप्मेंट, टूल्स और टूल-किट्स के इंपोर्ट पर 5% IGST।
डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा
वित्त मंत्री ने कहा कि अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष अपील दायर करने के लिए अधिकतम राशि 25 करोड़ रुपए से घटाकर 20 करोड़ रुपए CGST प्री-डिपॉजिट कर दी जाएगी। छोटे टैक्सपेयर्स की मदद के लिए काउंसिल ने 2024-25 के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए GSTR4 के लिए 30 जून की तारीख की सिफारिश की गई।
मुकदमेबाजी को कम करने के लिए काउंसिल ने अपील दायर करने के लिए हाईकोर्ट के लिए 1 करोड़ रुपए और सुप्रीम कोर्ट के लिए 2 करोड़ रुपए की लिमिट की सिफारिश की। 2017-18, 2018-19, 2019-20 के लिए डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा, अगर 31 मार्च 2025 तक टैक्स का भुगतान कर दिया जाता है।

सरकार का पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का इरादा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार का इरादा पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का है। इसके लिए किसी संशोधन की जरूरत नहीं है। राज्यों को इसमें शामिल होकर फ्यूल्स पर GST दर तय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए एक मंत्रियों के समूह (GoM) का गठन हुआ है, जो अगस्त में GST काउंसिल को रिपोर्ट देगा।
GST काउंसिल की अगली मीटिंग अगस्त के मध्य में आयोजित होगी
निर्मला सीतारमण ने कहा- अगली GST काउंसिल की मीटिंग अगस्त के मध्य में करने का फैसला लिया गया है। GST काउंसिल के एजेंडे में आज कई मुद्दे थे, लेकिन समय की कमी के कारण कुछ पर चर्चा नहीं हो सकी।
GST काउंसिल मीटिंग में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, गोवा, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम के मुख्यमंत्री, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री, राज्यों के वित्त मंत्री और अन्य मंत्री शामिल हुए। कुछ सीनियर अधिकारी भी इसमें शामिल हुए थे।
अक्टूबर की मीटिंग में ऑनलाइन गेमिंग पर 28% टैक्स लगाया था
जीएसटी काउंसिल की पिछली मीटिंग 7 अक्टूबर, 2023 को हुई थी। इस मीटिंग में जीएसटी काउंसिल ने ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर 28% शुल्क लगाने का फैसला किया था।
52वीं मीटिंग में लिए गए थे ये अहम फैसले
- सभी तरह की जरी वाली चीजों पर 5% GST लगाने का फैसला लिया गया है।
- इंडस्ट्रियल इस्तेमाल में आने वाले एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल पर 18% GST लगेगा।
- प्रोमोटर को अपनी कंपनी के लिए कॉरपोरेट गारंटी देने पर GST नहीं देना होगा।
- ऑनलाइन गेमिंग पर जो फैसला पहले लिया था, सरकार उस पर ही चेलेगी।
- GST एपीलेट ट्रिब्यूनल में प्रेसिडेंट की अधिकतम उम्र 67 से बढ़ाकर 70 साल की गई।
- GST एपीलेट ट्रिब्यूनल में सदस्य के लिए अधिकतम उम्र 65 से बढ़ाकर 67 साल की।
सरकार ने मई में GST से ₹1.73 लाख करोड़ जुटाए
सरकार ने मई 2024 में GST से 1.73 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। ये अब तक का किसी भी महीने जुटाया गया चौथा और वित्त वर्ष 2024-25 का दूसरा हाईएस्ट GST कलेक्शन था। इससे पहले सरकार ने अप्रैल 2024 में GST से सबसे ज्यादा 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सालाना आधार पर ग्रॉस GST कलेक्शन में 10% की बढ़ोतरी हुई थी।
CGST 32,409 करोड़ रुपए, SGST 40,265 करोड़ रुपए रहा
वित्त मंत्रालय के अनुसार, मई के ₹1,72,739 करोड़ के GST कलेक्शन में CGST 32,409 करोड़ रुपए और SGST 40,265 करोड़ रुपए रहा। IGST 87,781 करोड़ रुपए (माल के आयात पर कलेक्ट किए 39,879 करोड़ रुपए सहित) और सेस 12,284 करोड़ रुपए रहा। सेस में माल के आयात से मिले 1,076 करोड़ रुपए शामिल हैं।
इकोनॉमी की हेल्थ को दिखाता है GST कलेक्शन
GST कलेक्शन इकोनॉमी की ओवरऑल हेल्थ का एक संकेतक है। अप्रैल महीने के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों पर KPMG के नेशनल हेड अभिषेक जैन ने कहा कि अब तक का हाईएस्ट जीएसटी कलेक्शन मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था को दर्शाता है।
2017 में लागू हुआ था GST
GST एक इनडायरेक्ट टैक्स है। इसे वैराइटी ऑफ प्रीवियस इनडायरेक्ट टैक्स (VAT), सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और कई इनडायरेक्ट टैक्स को रिप्लेस करने के लिए 2017 में लागू किया गया था। GST में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं।







