दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ कथित तौर पर की गई बदसलूकी और मारपीट मामले के आरोपी बिभव कुमार को पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. कोर्ट में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार के वकील ने तमाम दलीलें दीं लेकिन दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के समक्ष ऐसे फैक्ट्स रखे कि अदालत ने आरोपी को रिमांड में भेजने का आदेश दे दिया. दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में जोरदार दलील दी जिसके सामने आरोपी बिभव के वकील पस्त हो गए.
दिल्ली पुलिस ने बिभव कुमार को रिमांड पर भेजने का आदेश देने के लिए कोर्ट में कई तथ्य पेश किए :-
यह एक गंभीर मामला है, जिसमें राज्यसभा की महिला सदस्य पीड़ित है. उनकी बुरी तरह पिटाई की गई.
पीड़िता की मेडिकल जांच से भी उनके बयान की पुष्टि हुई है.
आरोपी का फ़ोन ज़ब्त किया गया है, लेकिन वह एक दिन पहले मुंबई में फॉर्मेट भी किया गया और उसका पासवर्ड भी नहीं बता रहे.
एक जूनियर इंजीनियर ने CCTV कैमरे की फ़ुटेज मुहैया करवाई है, पर उस समय का फुटेज ब्लैंक है. ज़रूरी साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.
बिना किसी वजह या उकसावे के इस गंभीर हमले के कारण का पता लगाना है.
आरोपी बिभव कुमार ने जांच में सहयोग नहीं किया.
आरोपी के ख़िलाफ़ एक नोएडा में भी आपराधिक मामला दर्ज है.
आरोपी को CM के PS पद से हटा दिया गया था, फिर भी घटना वाले दिन वह मुख्यमंत्री आवास पर क्यों गए थे?
आरोपी को घटनास्थल (CM निवास) से ही पकड़ा गया, क्या वो सबूतों को मिटाने के लिए वहां गए थे?