सूरत मानों धरती को आंखे तरेर रहा है और अपना रौद्र रुप दिखा रहा है. देश में मई महीने में ही प्रचंड गर्मी पड़ रही है. हालात ये हो गए हैं कि चेन्नई में पारा 40 डिग्रो को पार कर गया. तो पश्चिमी राजस्थान समेत पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सो में तापमान 45 डिग्री तक रहने का अनुमान जताया जा रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि अगर गर्मी इसी तरह से बढ़ती रही तो खतरा इंसानी जिंदगी पर बढ़ेगा. हीटवेव की वजह से इंसानी जिंदगी के जान का जोखिम करीब 15 फीसदी तक बढ़ सकता है. देश में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है. मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ समेत देश के 7 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.इनमें पश्चिम बंगाल ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना शामिल हैं. मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में दो दिन बाद लू का असर देखने को मिल सकता है.
स्वीडन के इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंटल मेडिसिन. नई दिल्ली के सेंटर फॉर क्रॉनिक डिसीज कंट्रोल और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च की रिसर्च के मुताबिक, अगर हीटवेव लगातार 2 दिन से अधिक समय तक बनी रहती है तो मौतों में 14.7% तक का इजाफा हो सकता है. ये आंकड़े डराने वाले हैं. इसका बाकायदा अध्यन किया गया…2008 से लेकर 2019 तक के आंकड़े जुटाए गए. इस दौरान देश के 10 शहरों में होने वाली मौत का डाटा इकट्ठा किया गया. 2008 से 2019 के बीच किसी भी वजह होने वोली मौतों और सैटेलाइट से औसत तापमान का डेटा कलेक्ट किया गया. इससे पता चला कि कि सालाना करीब 1116 मौतों का संबंध हीटवेव से था, जिसके बाद रिसर्च टीम इस बार के लिए जो दावा किया है वो चौंकाने वाले हैं.
हीटवेव बढ़ने की वजह से वैसे तो पूरा देश परेशान है. साउथ हो या फिर नॉर्थ हर जगह लू के थपेड़े चल रहे हैं. कहीं ज्यादा है तो कहीं कम..लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में हीट वेव बढ़ेगी. जिन इलाकों में हीटवेव बढ़ेगा वहीं परेशानी ज्यादा होगी. 10 शहरों का जो आंकड़ा 2008 से लेकर 2019 तक का लिया गया है उसमें बताया गया है कि इस दौरान करीब 168 बार हीटवेव चली है.जिसमें सबसे अधिक 28 बार अहमदाबाद और सबसे कम 8 बार हैदराबाद में चली है. ये जो रिपोर्ट तैयार करने के लिए शहरों का आंकड़ा लिया गया उसमें देश हर हिस्से के शहरों को चुना गया..ऐसा नहीं है कि जहां केवल ज्यादा गर्मी पड़ती उसे ही चुना गया…इसमें अगर चेन्नई हैै तो शिमला भी है..एक नजर उन 2008 से लेकर 2019 वाले उन 10 शहरों पर भी डाल लीजिए जिनका सेंपल लिया गया…जिनके आंकड़े पर शोध करक रिपोर्ट तैयार की गई..
इन राज्यों में सबसे ज्यादा गर्मी
अहमदाबाद
बेंगलुरू
चेन्नई
हैदराबाद
दिल्ली
कोलकाता
मुंबई
शिमला
वाराणसी
पुणे
बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले लोग
हीटवेव का मतलब जब पारा मैदानी इलाकों में 40 के पार चला जाए तो संभलकर रहें. घरों से निकलने से बचें.बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें. नहीं तो लू के थपड़े मौत की वजह भी बन सकती है. हीटवेव को मौसम विभाग ने दो कटेगरी में डिवाइड किया है…मैदानी इलाकों में अगर पारा 40 डिग्री के पार चला जाए तो हीटवेव की चेतावनी दी जाती है. वहीं पहाड़ी इलाकों मेें अगर टेंपरेचर 30 डिग्री को पार करने लगे तो मौसम विभाग हीटवेव की चेतावनी देता है..इसमें तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री तक का अंतर होता है.
हीटवेव से शरीरिक और मानसिक असर पड़ने का खतरा
हीटवेव की वजह से आपके शरीर पर कई तरह के असर हो सकते है. वो शारीरिक भी हो सकते हैं और मानसिक भी हो सकते हैं. इसीलिए लू के थपेड़ों में लोगों को घरों से बाहर निकलने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि जब बाहर हीटवेव चल रही हो तब घरों रहना ही मुनासिब समझा जाता है, क्योंकि हीटवेव की वजह से कई तरह की बीमारियों हो सकती है. हीटवेव का आपके शरीर पर क्या असर होगा उसे समझ लीजिए. जाहिर है जब गर्मी तेज पड़ती है तो लोग घरों से निकलने नहीं चाहते हैं..क्योंकि बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में एक्सपर्ट बताते हैं कि लोगों के वर्क एफिसिएंसी पर भी असर पड़ता है.
जो मजदूरों को दम पर देशभर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है. उस पर भी असर पड़ता है, क्योंकि 40 डिग्री टेंपरेचर में धूप में काम करना आसान नहीं है. ऐसा करने पर मौत भी हो सकती है. बीमार भी हो सकते हैं..सड़क ही नहीं बल्कि रेलवे हो या फिर किसी भी कंपनी पर काम करने वाले लोग सबके दिनचर्या पर असर पड़ता है. काम करने की क्षमता इस दौरान जरूर कम होती है…क्योंकि गर्मी की वजह से शरीर से पानी जल्दी-जल्दी सूखने लगता है..एनर्जी भी कम होने लगती है..जाहिर है ऐसे में काम करने की क्षमता भी घटती है
इन राज्यों में हीटवेव चलने की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक 6 मई को छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में हीटवेव चलेगी तो वहीं, 7 मई को राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में हीटवेव की आशंका जाहिर की गई है, जबकि 8 मई को राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के साथ गुजरात में भी लू की आशंका जाहिर की गई है. मौसम विभाग ने इन राज्यों को चेतावनी दे दी है. लोगों को घरों से बहुत जरूरी होने पर ही निकलने की सलाह है, क्योंकि हीट वेव की वजह से हीट स्ट्रेस हो सकता है..जिसकी वजह से आप बीमार हो सकते हैं…मौत भी हो सकती है.लिहाजा सावधान रहें और सतर्क रहें.
राजधानी पटना समेत कई जिलों में लोगों को अभी उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बेतिया, मधेपुरा में सुबह से ही हल्के बादल छाए हुए हैं। हालांकि, बारिश के आसार नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 मई से बिहार में गर्मी राहत मिलने की उम्मीद है। इस दौरान कई जिलों में व्रजपात के साथ-साथ बारिश की भी संभावना है।
आज कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आज दोपहर 12 से 3 बजे के बीच 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवा चलने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क किया है। विभाग की ओर से घर से बाहन न निकलने और अपने आप को हाइड्रेटेड रखने की अपील की है।
21 मई को होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 21 मई को बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का क्षेत्र बनने के साथ इसका प्रभाव प्रदेश के उत्तरी भागों में पड़ेगा। उत्तरी भागों के अधिसंख्य जिलों में 21 मई को कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्की वर्षा की संभावना है।
सामान्य से 108 फीसद अधिक बारिश के आसार
बिहार में मानसून 13-18 जून के बीच प्रवेश करेगा। बीते वर्ष 13 जून को पूर्णिया के रास्ते बिहार में मानसून प्रवेश किया था। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार इस बार सामान्य से 108 फीसद अधिक बारिश के आसार है। बारिश की स्थिति ठीक होने से खेती किसानी को लाभ मिलने की संभावना है।
सूरत मानों धरती को आंखे तरेर रहा है और अपना रौद्र रुप दिखा रहा है. देश में मई महीने में ही प्रचंड गर्मी पड़ रही है. हालात ये हो गए हैं कि चेन्नई में पारा 40 डिग्रो को पार कर गया. तो पश्चिमी राजस्थान समेत पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सो में तापमान 45 डिग्री तक रहने का अनुमान जताया जा रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि अगर गर्मी इसी तरह से बढ़ती रही तो खतरा इंसानी जिंदगी पर बढ़ेगा. हीटवेव की वजह से इंसानी जिंदगी के जान का जोखिम करीब 15 फीसदी तक बढ़ सकता है. देश में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है. मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ समेत देश के 7 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.इनमें पश्चिम बंगाल ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना शामिल हैं. मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में दो दिन बाद लू का असर देखने को मिल सकता है.
स्वीडन के इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंटल मेडिसिन. नई दिल्ली के सेंटर फॉर क्रॉनिक डिसीज कंट्रोल और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च की रिसर्च के मुताबिक, अगर हीटवेव लगातार 2 दिन से अधिक समय तक बनी रहती है तो मौतों में 14.7% तक का इजाफा हो सकता है. ये आंकड़े डराने वाले हैं. इसका बाकायदा अध्यन किया गया…2008 से लेकर 2019 तक के आंकड़े जुटाए गए. इस दौरान देश के 10 शहरों में होने वाली मौत का डाटा इकट्ठा किया गया. 2008 से 2019 के बीच किसी भी वजह होने वोली मौतों और सैटेलाइट से औसत तापमान का डेटा कलेक्ट किया गया. इससे पता चला कि कि सालाना करीब 1116 मौतों का संबंध हीटवेव से था, जिसके बाद रिसर्च टीम इस बार के लिए जो दावा किया है वो चौंकाने वाले हैं.
हीटवेव बढ़ने की वजह से वैसे तो पूरा देश परेशान है. साउथ हो या फिर नॉर्थ हर जगह लू के थपेड़े चल रहे हैं. कहीं ज्यादा है तो कहीं कम..लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में हीट वेव बढ़ेगी. जिन इलाकों में हीटवेव बढ़ेगा वहीं परेशानी ज्यादा होगी. 10 शहरों का जो आंकड़ा 2008 से लेकर 2019 तक का लिया गया है उसमें बताया गया है कि इस दौरान करीब 168 बार हीटवेव चली है.जिसमें सबसे अधिक 28 बार अहमदाबाद और सबसे कम 8 बार हैदराबाद में चली है. ये जो रिपोर्ट तैयार करने के लिए शहरों का आंकड़ा लिया गया उसमें देश हर हिस्से के शहरों को चुना गया..ऐसा नहीं है कि जहां केवल ज्यादा गर्मी पड़ती उसे ही चुना गया…इसमें अगर चेन्नई हैै तो शिमला भी है..एक नजर उन 2008 से लेकर 2019 वाले उन 10 शहरों पर भी डाल लीजिए जिनका सेंपल लिया गया…जिनके आंकड़े पर शोध करक रिपोर्ट तैयार की गई..
इन राज्यों में सबसे ज्यादा गर्मी
अहमदाबाद
बेंगलुरू
चेन्नई
हैदराबाद
दिल्ली
कोलकाता
मुंबई
शिमला
वाराणसी
पुणे
बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले लोग
हीटवेव का मतलब जब पारा मैदानी इलाकों में 40 के पार चला जाए तो संभलकर रहें. घरों से निकलने से बचें.बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें. नहीं तो लू के थपड़े मौत की वजह भी बन सकती है. हीटवेव को मौसम विभाग ने दो कटेगरी में डिवाइड किया है…मैदानी इलाकों में अगर पारा 40 डिग्री के पार चला जाए तो हीटवेव की चेतावनी दी जाती है. वहीं पहाड़ी इलाकों मेें अगर टेंपरेचर 30 डिग्री को पार करने लगे तो मौसम विभाग हीटवेव की चेतावनी देता है..इसमें तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री तक का अंतर होता है.
हीटवेव से शरीरिक और मानसिक असर पड़ने का खतरा
हीटवेव की वजह से आपके शरीर पर कई तरह के असर हो सकते है. वो शारीरिक भी हो सकते हैं और मानसिक भी हो सकते हैं. इसीलिए लू के थपेड़ों में लोगों को घरों से बाहर निकलने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि जब बाहर हीटवेव चल रही हो तब घरों रहना ही मुनासिब समझा जाता है, क्योंकि हीटवेव की वजह से कई तरह की बीमारियों हो सकती है. हीटवेव का आपके शरीर पर क्या असर होगा उसे समझ लीजिए. जाहिर है जब गर्मी तेज पड़ती है तो लोग घरों से निकलने नहीं चाहते हैं..क्योंकि बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में एक्सपर्ट बताते हैं कि लोगों के वर्क एफिसिएंसी पर भी असर पड़ता है.
जो मजदूरों को दम पर देशभर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है. उस पर भी असर पड़ता है, क्योंकि 40 डिग्री टेंपरेचर में धूप में काम करना आसान नहीं है. ऐसा करने पर मौत भी हो सकती है. बीमार भी हो सकते हैं..सड़क ही नहीं बल्कि रेलवे हो या फिर किसी भी कंपनी पर काम करने वाले लोग सबके दिनचर्या पर असर पड़ता है. काम करने की क्षमता इस दौरान जरूर कम होती है…क्योंकि गर्मी की वजह से शरीर से पानी जल्दी-जल्दी सूखने लगता है..एनर्जी भी कम होने लगती है..जाहिर है ऐसे में काम करने की क्षमता भी घटती है
इन राज्यों में हीटवेव चलने की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक 6 मई को छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में हीटवेव चलेगी तो वहीं, 7 मई को राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में हीटवेव की आशंका जाहिर की गई है, जबकि 8 मई को राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के साथ गुजरात में भी लू की आशंका जाहिर की गई है. मौसम विभाग ने इन राज्यों को चेतावनी दे दी है. लोगों को घरों से बहुत जरूरी होने पर ही निकलने की सलाह है, क्योंकि हीट वेव की वजह से हीट स्ट्रेस हो सकता है..जिसकी वजह से आप बीमार हो सकते हैं…मौत भी हो सकती है.लिहाजा सावधान रहें और सतर्क रहें.
राजधानी पटना समेत कई जिलों में लोगों को अभी उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बेतिया, मधेपुरा में सुबह से ही हल्के बादल छाए हुए हैं। हालांकि, बारिश के आसार नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 मई से बिहार में गर्मी राहत मिलने की उम्मीद है। इस दौरान कई जिलों में व्रजपात के साथ-साथ बारिश की भी संभावना है।
आज कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आज दोपहर 12 से 3 बजे के बीच 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवा चलने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क किया है। विभाग की ओर से घर से बाहन न निकलने और अपने आप को हाइड्रेटेड रखने की अपील की है।
21 मई को होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 21 मई को बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का क्षेत्र बनने के साथ इसका प्रभाव प्रदेश के उत्तरी भागों में पड़ेगा। उत्तरी भागों के अधिसंख्य जिलों में 21 मई को कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्की वर्षा की संभावना है।
सामान्य से 108 फीसद अधिक बारिश के आसार
बिहार में मानसून 13-18 जून के बीच प्रवेश करेगा। बीते वर्ष 13 जून को पूर्णिया के रास्ते बिहार में मानसून प्रवेश किया था। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार इस बार सामान्य से 108 फीसद अधिक बारिश के आसार है। बारिश की स्थिति ठीक होने से खेती किसानी को लाभ मिलने की संभावना है।







