भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके मुताबिक 25 मई को 6 राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश की 57 सीट पर वोटिंग होगी। इस फेज में बिहार, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नई दिल्ली की 57 लोकसभा सीटों के लिए मतदान होगा।चुनाव आयोग के नोटिफकेशन के मुताबिक नामांकन करने की आखिरी तारीख 6 मई है। स्क्रूटनी 7 मई को होगी।नामांकन वापस लेने की लास्ट डेट 9 मई है।
AAP के कैंपेन सॉन्ग पर चुनाव आयोग ने क्यों जताई है आपत्ति? जानें वो 8 प्वॉइंट्स
आम आदमी पार्टी ने अपने कैंपेन सॉन्ग ‘जेल के जवाब में हम वोट देंगे’ को चुनाव आयोग द्वारा बैन किए जाने का दावा किया। इसे लेकर चुनाव आयोग ने विस्तार से जवाब दिया है। दिल्ली चुनाव आयोग ने ‘आप’ के दावे पर सफाई देते हुए कहा कि कैंपेन सॉन्ग को बैन नहीं किया गया है, बल्कि नियमों के हिसाब से उसमें बदलाव करने को कहा गया है। चुनाव आयोग ने ‘आप’ के कैंपेन सॉन्ग को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 का उल्लंघन बताया है। चुनाव आयोग ने इस कैंपेन सॉन्ग को लेकर 8 आपत्तियां दर्ज की हैं। आयोग का कहना है कि हमारी तरफ से गाने पर बैन नहीं लगाया गया है। इस कैंपेन में दूसरे दलों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
क्या हैं चुनाव आयोग की 8 आपत्तियां?
- ये लाइन “जेल के जवाब में हम वोट देंगे” में एक आक्रामक भीड़ को सीएम अरविंद केजरीवाल की तस्वीर पकड़े हुए दिखाया गया है, जिसमें उन्हें सलाखों के पीछे दर्शाया गया है। ये लाइन विज्ञापन में कई बार दिखाई देता है, जो 24 अगस्त 2023 के ECI दिशा-निर्देशों के प्रावधानों और केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के तहत निर्धारित कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता के नियम 6(1)(जी) का उल्लंघन करता है।
- प्रदर्शनकारियों और पुलिस की झड़प दिखाने वाली क्लिप के साथ “तानाशाही पार्टी को हम चोट देंगे” लाइन स्पष्ट रूप से हिंसा भड़काती है।
- “गुंडागर्दी के खिलाफ वोट देंगे” और “तानाशाही करने वाली पार्टी को हम चोट देंगे” जैसी लाइनें जेल में बंद AAP नेता मनीष सिसोदिया को पुलिस द्वारा ले जाते हुए दिखाने वाली क्लिप के साथ इस्तेमाल किए गए हैं, जो पुलिस की खराब छवि पेश करती है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।
- “आवाजें खिलाफ थी जो सबको जेल में डाल दिया, बस उनको ही बाहर रखा जिसने इनको माल दिया, इतना लालच, इतनी नफरत, भ्रष्टाचारी से मोहब्बत” यह यह असत्यापित तथ्यों के आधार पर सत्तारूढ़ दल की आलोचना है और न्यायपालिका पर भी आक्षेप लगाता है।
- अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं की तस्वीरों और उनके पार्टी चिन्ह के साथ दिखाए गए वाक्यांश “गुंडो वाली पार्टी छोड़ो” के इस्तेमाल से दूसरे दल और उनके नेता को अपमानजनक टिप्पणी के रूप में चिह्नित किया गया है।
- “तानाशाही पार्टी को हम चोट देंगे” जिसमें आक्रामक भीड़ को पुलिस के साथ भिड़ते दिखाया गया है। असत्यापित तथ्यों के आधार पर सत्तारूढ़ दल की आलोचना को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि गाने में यह वाक्यांश कई बार दोहराया गया है, जो आपत्तिजनक है।
- अंत में 10 सेकंड के लिए इस्तेमाल किया गया वाक्यांश “जेल का जवाब हम वोट से देंगे” प्रस्तुत प्रतिलेख से गायब है।
- समिति ने कहा कि वाक्यांश “जेल का जवाब हम वोट से देंगे”, “गुंडागर्दी के खिलाफ वोट देंगे” और “तानाशाही करने वाली पार्टी को हम चोट देंगे” 24 अगस्त 2023 के ECI दिशा-निर्देशों के पैरा 2.5 (डी) के प्रावधानों और केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के तहत निर्धारित कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता के नियम 6(1)(जी) का उल्लंघन करते हैं







