बिहार में एक पूर्व विधायक को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामला छपरा से जुड़ा है जहां 28 वर्ष पूर्व मामले में कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. पानापुर थाना क्षेत्र के तुर्की निवासी शत्रुघ्न गुप्ता की अपहरण के उपरांत हत्या कर दी गई थी. इस मामले में न्यायालय ने आरोपित पूर्व विधायक को अलग-अलग धाराओं के तहत सश्रम कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है.
सोमवार को एडीजे सप्तम सह विशेष कोर्ट के न्यायाधीश सुधीर कुमार सिन्हा की अदालत में चल रहे पानापुर थाना कांड संख्या 9/96 के सत्रवाद 588/09 में न्यायधीश ने सजा के बिंदु पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई की और दो बार के विधायक रहे मशरक थाना क्षेत्र के चरिहारा निवासी व मामले में आरोपित तारकेश्वर सिंह को भादवि की धारा 302 एवं 364 दोनों में आजीवन कारावास व बीस बीस हजार जुर्माना सुनाया. साथ ही जुर्माना नहीं देने पर छः छः माह अतिरिक्त कैद तथा 201 में 7 वर्ष कैद 10 हजार जुर्माना नहीं देने पर 5 माह और 27 आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष कैद व 5 हजार जुर्माना नही देने पर 4 माह अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई है.
न्यायालय ने सभी सजा साथ-साथ चलाने का आदेश दिया. सुनवाई के वक्त सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक ध्रुवदेव सिंह व सूचक के अधिवक्ता नीरज कुमार श्रीवास्तव तथा बचाव पक्ष से त्रियोगी नाथ सिन्हा अनिल कुमार सिंह समेत अन्य अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित थे. विदित हो कि 10 जनवरी 1996 को पानापुर थाना क्षेत्र के तुर्की निवासी व मृतक के भाई बाबूलाल गुप्ता ने पानापुर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज करायी थी, इसमें मशरक के पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह समेत अन्य द्वारा अपने भाई का अपहरण कर हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए उन्हें मामले में अभियुक्त बनाया था .







