भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर फिर से हमला किया है। नड्डा ने एक वीडियो जारी करके कहा- कांग्रेस और INDI गठबंधन का छुपा हुआ एजेंडा है कि SC, ST और OBC के अधिकारों को छीनना और मुसलमानों को देना है।
नड्डा का यह बयान तब आया है जब चुनाव आयोग ने पीएम मोदी के बयान को लेकर उन्हें नोटिस भेजा है और 29 अप्रैल तक जवाब मांगा है। पीएम मोदी ने बांसवाड़ा में 21 अप्रैल को कहा था कि कांग्रेस आपकी संपत्ति ज्यादा बच्चे वालों में बांट देगी।
कांग्रेस और INDI गठबंधन का छिपा हुआ एजेंडा SC, ST और OBC का हक छीनकर मुस्लिमों को देना है।
कांग्रेस कहती है कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं कि संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है।
कांग्रेस को SC, ST और OBC से नफरत है और उनके… pic.twitter.com/oJ9rgIVgnk
— BJP (@BJP4India) April 26, 2024
यह पहली बार है जब चुनाव आयोग ने स्टार प्रचारक की जगह पार्टी अध्यक्षों को नोटिस जारी किया है। PM मोदी भाजपा और राहुल गांधी कांग्रेस के स्टार प्रचारक हैं। इस लिहाज से इनके भाषणों के लिए EC ने पार्टी अध्यक्षों को जिम्मेदार माना है।
नड्डा बोले- पीएम मोदी कहते हैं संसाधनों पर पहला हक गरीबों का
नड्डा बोले- कांग्रेस कहती है कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है। मनमोहन सिंह ने यह बयान गलती से नहीं दिया था। उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया क्योंकि अप्रैल 2009 में एक सवाल का जवाब देते हुए मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह अपने बयान पर कायम रहे।
मनमोहन ने कहा था कि अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और देश के संसाधनों पर पहला अधिकार उनका होना चाहिए। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के जरिए गलत बयानबाजी की गई और कहा गया कि मुसलमानों की हालत दलितों से भी बदतर है।
नड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि मनमोहन के इस बयान का मतलब है कि कांग्रेस पहले से ही मुसलमानों को SC घोषित करने और उन्हें SC आरक्षण की सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक आधार तैयार कर रही थी। कांग्रेस को SC, ST और OBC से नफरत है क्योंकि देश में अधिकांश आबादी उनमें शामिल है और यह कांग्रेस पार्टी का घोषणापत्र है।







