बिहार में नीतीश कैबिनेट का विस्तार हो गया है। राजभवन के राजेंद्र मंडपम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सभी 21 नए मंत्रियों को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इसी के साथ अब नीतीश मंत्रिमंडल में कुल 30 विभागीय मंत्री हो गए हैं। बताते चलें कि बीजेपी और जदयू के गठबंधन के बाद जब सरकार बनी तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित भाजपा और जदयू नौ विधायक मंत्री बनाए गए। अब मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कल 21 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में सभी नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण कर लिया है।
बिहार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। सीएम नीतीश कुमार ने अपने पास सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन समेत ऐसे सभी विभाग रखे हैं जो किसी को आवंटित नहीं किए गए हैं। वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को वित्त और वाणिज्य-कर विभाग दिया गया है।
दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को पथ निर्माण, खान एवं भूतत्व, कला,संस्कृति एवं युवा विभाग दिया गया है। मांझी के बेटे को 3 विभाग दिए गए हैं और मंगल पांडे को बिहार का नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है।
किसे कौन सा विभाग मिला?
- विजय चौधरी- जल संसाधन, संसदीय कार्य
- बिजेन्द्र प्रसाद यादव- ऊर्जा, योजना एवं विकास
- डॉ प्रेम कुमार- सहकारिता, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
- श्रवण कुमार- ग्रामीण विकास
- संतोष कुमार सुमन- सूचना प्रावैधिकी, लघु जल संसाधन, आपदा प्रबंधन
- सुमित कुमार सिंह- विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा
- रेणु देवी- पशु एवं मत्स्य संसाधन
- मंगल पांडे- स्वास्थ्य एवं कृषि
- नीरज कुमार सिंह- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण
- अशोक चौधरी- ग्रामीण कार्य
- लेशी सिंह- खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण
- मदन सहनी- समाज कल्याण नीतीश मिश्रा- उद्योग एवं पर्यटन
- नीतिन नवीन- नगर विकास एवं आवास, विधि
- डॉ दिलीप कुमार जायसवाल- राजस्व एवं भूमि सुधार
- महेश्वर हजारी- सूचना एवं जन संपर्क
- शीला कुमारी- परिवहन
- सुनील कुमार- शिक्षा
- जनक राम- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण
- हरी सहनी- पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण
- कृष्णनंदन पासवान- गन्ना उद्योग
- जयंत राज- भवन निर्माण
- मो जमा खान- अल्पसंख्यक कल्याण
- रत्नेश सादा- मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन
- केदार प्रसाद गुप्ता- पंचायती राज
- सुरेन्द्र मेहता- खेल
- संतोष कुमार सिंह- श्रम संसाधन
- नीतीश मिश्रा- उद्योग एवं पर्यटन
बीजेपी-जेडीयू के इन सदस्यों ने ली शपथ
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में 21 नए चेहरों के शामिल होने के बाद अब कुल 30 मंत्री हो गए हैं। आज नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले 21 नए चेहरों में रेणु देवी, मंगल पांडेय, नीरज कुमार बबलू, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, नीतीश मिश्रा, नितिन नवीन, दिलीप कुमार जायसवाल, महेश्वर हजारी, शीला कुमारी मंडल, सुनील कुमार, जनक राम, हरी सहनी, कृष्णनंदन पासवान, जयंत राज, जमा खान, रत्नेश सदा, केदार प्रसाद गुप्ता, सुरेंद्र मेहता और संतोष कुमार सिंह शामिल हैं। इनमें बिल्कुल नया नाम महेश्वर हजारी है।
शपथ ग्रहण के दौरान लगे जय श्रीराम के जयकारे
भाजपा कोटे से मंत्री बने नीरज सिंह बबलू ने शपथ लेने के बाद प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए। इनसे पहले भाजपा कोटे से रेणु देवी और मंगल पांडेय ने मंत्री पद की शपथ ली। वहीं जदयू कोटे से अशोक चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। वह महागठबंधन सरकार में भी मंत्री थे। बीजेपी कोटे से नीतीश मिश्रा और हरि सहनी ने मैथिली भाषा में शपथ ग्रहण की।
30 मंत्रियों में 20 मंत्री (लगभग 70 प्रतिशत) दलित, ईबीसी और ओबीसी वर्ग के हैं। यादव और मुस्लिम से मात्र एक-एक मंत्री बनाए गए हैं। विजेंद्र यादव और जमा खान दोनों जदयू कोटे से हैं। भाजपा ने मंत्रिपरिषद में यादव जाति से एक भी मंत्री नहीं बनाया है। पार्टी की तरफ से नंद किशोर यादव को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। जदयू ने भी यादव जाति से आने वाले नरेंद्र नारायण यादव को डिप्टी स्पीकर बनाया है।

वहीं, सवर्ण की बात करें तो दोनों पार्टियों ने भूमिहार जाती से 1-1 मंत्री बनाया है। भाजपा ने जहां विजय सिन्हा को डिप्टी सीएम बनाया है तो वहीं जदयू की तरफ से विजय चौधरी को मंत्री बनाया गया है। सबसे ज्यादा राजपूत कोटे से 4 मंत्री बनाए गए हैं। भाजपा की तरफ से दो, एक जदयू कोटे से और सुमित सिंह निर्दलीय कोटे से मंत्री बनाए गए हैं। जबकि ब्राह्मण कोटे से दो मंत्री बनाए गए हैं, दोनों बीजेपी के हैं।
महागठबंधन में MY के 13 मंत्री थे
महागठबंधन सरकार में मुस्लिम और यादव जाति से कुल 13 मंत्री बनाए गए थे। इस बार ये सिमटकर दो रह गए हैं। वहीं, दलित का प्रतिनिधित्व 5 से बढ़ाकर 7 किया गया है। अगर सवर्ण की बात करें तो महागठबंधन सरकार में अपर कास्ट के 5 मंत्री थे। इस बार बढ़कर 9 हो गए हैं। पिछड़ा और अति पिछड़ा का प्रतिनिधित्व महागठबंधन की सरकार में भी 13 था। एनडीए की सरकार में भी इनकी संख्या 12 ही रखी गई है।
मंत्रालय में मिथिलांचल और अंग का दबदबा
कैबिनेट विस्तार से ये लगभग स्पष्ट हो गया है कि सम्राट चौधरी बिहार में सरकार और पार्टी दोनों के बॉस हैं। एक तरफ जहां उन्हें पावरफुल विभाग मिला है। वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट में अंग प्रदेश से 6 मंत्री बनाए गए हैं। अंग के बाद मिथिलांचल को तवज्जो दी गई है। यहां से भी 6 मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा तिरहुत, सारण, पटना और कोसी से 3-3 मंत्री बनाए गए हैं। जबकि सबसे कम 2-2 मंत्री सीमांचल और मगध क्षेत्र से बनाए गए हैं।

बीजेपी के 15 मंत्रियों 6 एमएलसी, कुल 10 को जगह
इस बार मंत्रिपरिषद में विधानसभा के साथ विधान परिषद को भी खूब तवज्जो दी गई है। नीतीश सरकार में कुल 10 एमएलसी को मंत्री बनाया गया है। इसमें 6 अकेले बीजेपी से है। जबकि जदयू से तीन एमएलसी को मंत्री बनाया गया है। वहीं, जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी को विधान परिषद के रास्ते ही कैबिनेट में एंट्री दी गई है।
78 साल के बिजेंद्र यादव सबसे बुजुर्ग मंत्री
नीतीश कैबिनेट में सबसे बुजुर्ग मंत्री 78 साल के बिजेंद्र यादव हैं। इसके अलावा केवल नीतीश कुमार 70 पार के हैं। बाकी सभी 28 मंत्रियों की उम्र 70 के नीचे की है। सबसे ज्यादा 11 ऐसे मंत्री हैं, जिनकी उम्र 50 साल है या 50 साल से नीचे है। 11 ऐसे हैं जो 60 साल के हैं। जबकि 60 और 70 के बीच के 4 मंत्री हैं।

बीजेपी में सम्राट एरा का आरंभ
पॉलिटिकल एक्सपर्ट इस कैबिनेट विस्तार को बीजेपी में सम्राट एरा की शुरुआत बताते हैं। एक्सपर्ट की माने तो ना केवल सम्राट के पसंदीदा चेहरों को जगह दी गई, बल्कि सुशील मोदी और नित्यानंद राय जैसे सीनियर लीडर्स के फेवरेट चेहरों को कैबिनेट से बाहर किया गया है। इसमें तारकिशोर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन, रामप्रीत पासवान, अमरेंद्र प्रताप सिंह और राम सूरत राय जैसे सीनियर लीडर शामिल हैं। जिन्हें कैबिनेट में रिपीट नहीं किया गया। इसके अलावा जीवेश मिश्रा का भी पत्ता कट गया है।







