इस बार सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है. विपक्ष पहले से ही कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है. सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला प्रमुखता से उठाएगा. विपक्ष इस एनकाउंटर को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है. इसके अलावा राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली कराने और 10 सर्कुलर रोड बंगला विवाद को भी सदन में जोर-शोर से उठाने की तैयारी है.
50 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट होगा पेश
चालू वित्तीय वर्ष में पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके जरिए सरकार विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड की मंजूरी देगी। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट करीब 50 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर पर विशेष राशि दी जाएगी।
मानसून सत्र के दौरान क्या होगा?
20 जुलाई 2026: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत सदस्यों (MLA/MLC) को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जा सकता है।
21 और 22 जुलाई: इन दो दिनों में राजकीय कार्य निपटाए जा सकते हैं। विधेयकों पर चर्चा होगी।
23 जुलाई: प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी। सरकार की ओर से जवाब आएगा। विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा।
24 जुलाई (अंतिम दिन): सत्र के अंतिम दिन गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र को कैबिनेट की मंजूरी
सम्राट सरकार आगामी मानसून सत्र बुलाए जाने पर हरी झंडी दे चुकी है। सीएम सचिवालय के मुताबिक 1 जुलाई को शाम 5 बजे बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में मंत्री परिषद की मुहर लगी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगाई थी। स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स का निर्धारण जैसे अहम फैसले लिए गए थे। पर्यटन, सड़क निर्माण, शिक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी कई अहम योजनाओं को मंजूरी दी गई थी।
3 फरवरी को पेश किया गया था 2026-27 का बजट
बिहार सरकार ने 3 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया था। उस वक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे। बजट आकार 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए था। यह बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है।
बिहार सरकार मूल बजट के बाद सप्लीमेंट्री बजट पेश करती आई है। पिछले पांच सालों के सप्लीमेंट्री बजट इस तरह से हैं।
- 2025-26: पहला: 21 जुलाई 2025 को 57946.25 करोड़ रुपए का पहला अनुपूरक बजट पेश किया गया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन मद में 8310 करोड़ रुपए और सड़कों व पुलों के निर्माण पर 1200 करोड़ रुपए दिए गए।
- दूसरा: 3 दिसंबर 2026 को 91,717 करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया गया। राज्य योजना मद के लिए 37498.19 करोड़ में से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए 21000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- तीसरा: 11 फरवरी 2026 को 12,165.43 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया गया था।
- 2024-25: बिहार सरकार ने दो अनुपूरक बजट पेश किए थे। पहला जुलाई 2024 में पेश किया गया। यह 47,512 करोड़ रुपए का था। दिसंबर 2024 में पेश किया गया दूसरा अनुपूरक बजट 91,717.11 करोड़ रुपए का था।
- 2023-24: दो अनुपूरक बजट पेश किए गए थे। जुलाई में पेश हुआ पहला अनुपूरक बजट 43,774 करोड़ रुपए तो नवंबर में पेश हुआ दूसरा अनुपूरक बजट 26,086 करोड़ रुपए का था।
- 2022-23: अनुपूरक बजट से 43 हजार 264 करोड़ रुपए का आवंटन दिया गया। बिहार सरकार स्वास्थ्य सेक्टर पर जोड़ दे रही थी। स्वास्थ्य क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण, कृषि सब्सिडी और ऊर्जा विभाग को राशि आवंटन मे अधिकता दिखी थी।
- 2021-22: इस वित्तीय वर्ष में पहले सप्लीमेंट्री बजट में 27 हजार 330 करोड़ रुपए का आवंटन था। यह कोरोना महामारी का वक्त था। राहत पैकेज, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा और जल-जीवन-हरियाली मिशन के लिए राशि अलॉट थी।
विपक्ष कर रहा भरत तिवारी एनकाउंटर पर सरकार को घेरने की तैयारी
मानसून सत्र के दौरान विपक्षी पार्टियों ने भरत तिवारी एनकाउंटर समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है। ये हैं…
1- भरत तिवारी एनकाउंटर- विपक्ष की तैयारी भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सरकार को घेरने की है। सदन में राज्य की विधि व्यवस्था पर सवाल उठाए जाएंगे। इस मुद्दे पर एनडीए के विधायक भी दो खेमे में बंटे दिख सकते हैं।
17 जून को बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी को गोली लगी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले के तूल पकड़ने के बाद सम्राट सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश दिया था। पटना हाईकोर्ट के रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा जांच कर रहे हैं।
2- राबड़ी आवास- सरकार ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी से 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करा लिया है। राजद इस मुद्दे पर नाराज है। सदन में यह जाराजगी दिख सकती है। राबड़ी विधान परिषद में विपक्ष की नेता हैं। वह आवास मुद्दे पर अपना गुस्सा प्रकट कर सकती हैं।
रोजगार और नौकरी- विपक्ष के नेता रोजगार और नौकरी के मुद्दे पर राज्य सरकार से सवाल करेंगे। टीआरई-4 मुद्दा उठाने की तैयारी है। शिक्षक भर्ती को लेकर पटना में कई बार विरोध प्रदर्शन किए गए। अभ्यर्थी सरकार से टीआरई-4 परीक्षा के डेट घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
2025 के चुनाव के समय नीतीश कुमार ने अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार दिलाने का वादा किया था। अब विपक्ष के नेता पूछेंगे कि कितने लोगों को नौकरी मिली है।
3- रिशु श्री टेंडर घोटाला- रिशु श्री टेंडर घोटाला सामने आने के बाद से सम्राट सरकार परेशानी में है। विपक्षी इस बड़े मुद्दे को जोरशोर से उठाने जा रहा है। तेजस्वी इस मुद्दे के सहारे सरकार को घेरेंगे।
इस मामले में आईएएस अधिकारी संजीव हंस (फरार), पवन कुमार (फरार), रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मुमुक्षु चौधरी, रिटायर्ड चीफ इंजीनियर तारणी दास, कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह और संतोष कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
आईएएस अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर के भी नाम आए, लेकिन एसवीयू ने चार्जशीट में कहा कि दोनों के घर की तलाशी ली गई ताे कोई आपत्तिजनक सामान या डॉक्यूमेंट नहीं मिला। दोनों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। दोनों को एसवीयू ने जांच से बाहर कर दिया। 27 मई को रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद मामले ने तूल पकड़ा है।







