पीएम नरेंद्र मोदी 18 महीने बाद फिर बिहार दौरे पर हैं। औरंगाबाद में पीएम ने बिहार समेत देश की 1.81 लाख करोड़ से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। पीएम ने भोजपुरी से अपने भाषण की शुरुआत की।
मंच से कहा कि बिहार को पुराने दौर में नहीं जाने देंगे। तेजस्वी का नाम लिए बिना कहा कि परिवारवाद के कारण लोग सत्ता में तो आ जाते हैं, लेकिन अपने माता-पिता के कार्यकाल का जिक्र तक नहीं कर पाते। एनडीए की बढ़ती ताकत से परिवारवादी डरे हुए हैं।
बिहार का विकास- ये मोदी की गारंटी है। बिहार में शांति और कानून व्यवस्था का राज- ये मोदी की गारंटी है। बिहार में बहन-बेटियों को अधिकार-ये मोदी की गारंटी है। तीसरे टर्म में हमारी सरकार इन्हीं गारंटियों को पूरा करने और विकसित बिहार बनाने के लिए काम करेगी।
एक वो दौर था, जब बिहार के ही लोग अपने ही घरों से निकलने में डरते थे। एक ये दौर है, जब बिहार में पर्यटन की संभावनाएं विकसित हो रही हैं। बिहार को वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें मिलीं, अमृत स्टेशनों का विकास किया जा रहा है।
बिहार में जब पुराना दौर था, राज्य को अशांति, असुरक्षा और आतंक की आग में झोंक दिया गया था। बिहार के युवाओं को प्रदेश छोड़कर पलायन करना पड़ा। एक आज का दौर है, जब हम युवाओं का कौशल विकास कर रहे हैं। बिहार के हस्त शिल्प को बढ़ावा देने के लिए हमने 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले…
NDA की शक्ति बढ़ने के बाद बिहार में परिवारवादी राजनीति हाशिए पर जाने लगी है। परिवारवादी राजनीति की एक और विडंबना है। मां-बाप से विरासत में पार्टी और कुर्सी तो मिल जाती है, लेकिन मां-बाप की सरकारों के काम का एक बार भी जिक्र करने की हिम्मत नहीं पड़ती है। ये है परिवारवादी पार्टियों की हालत।
अभी कुछ ही दिन पहले अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा भी हुई है। अयोध्या में रामलला विराजमान हुए हैं, तो स्वाभाविक है, सबसे ज्यादा खुशी माता सीता की धरती पर ही मनाई जाएगी। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर बिहार जिस आनंद में डूबा, बिहार के लोगों ने जैसा उत्सव मनाया, रामलला को जो उपहार भेजे, मैं वो खुशी आपसे साझा करने आया हूं।
आज बिहार की धरती पर मेरा आना कई मायनों में खास है। अभी कुछ दिन पहले ही बिहार के गौरव कर्पूरी ठाकुर जी को देश ने भारत रत्न दिया है। ये सम्मान पूरे बिहार का सम्मान है
आज यहां करीब 21.5 हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई परियोजनाएं हैं, इनमें रेल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम भी हैं और इनमें आधुनिक बिहार की मजबूत झलक भी है। यही NDA की पहचान है। हम काम की शुरुआत भी करते हैं, काम पूरा भी करते हैं और हम ही उसे जनता-जनार्दन को समर्पित भी करते हैं। ये मोदी की गारंटी है।
तीसरे टर्म में विकसित बिहार बनाने की गारंटी
पीएम मोदी ने कहा कि तीसरे टर्म में हमारी सरकार इन्हीं गारंटियों को पूरा करने और विकसित बिहार बनाने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि एक वो दौर था, जब बिहार के ही लोग अपने ही घरों से निकलने में डरते थे। एक ये दौर है, जब बिहार में पर्यटन की संभावनाएं विकसित हो रही हैं। बिहार को वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें मिलीं, अमृत स्टेशनों का विकास किया जा रहा है।
बिहार में परिवारवादी राजनीति हाशिए पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एनडीए की शक्ति बढ़ने के बाद बिहार में परिवारवादी राजनीति हाशिए पर जाने लगी है। परिवारवादी राजनीति की एक और विडंबना है। उन्होंने कहा कि मां-बाप से विरासत में पार्टी और कुर्सी तो मिल जाती है, लेकिन मां-बाप की सरकारों के काम का एक बार भी जिक्र करने की हिम्मत नहीं पड़ती है। ये है परिवारवादी पार्टियों की हालत। बिहार में जब पुराना दौर था, राज्य को अशांति, असुरक्षा और आतंक की आग में झोंक दिया गया था। बिहार के युवाओं को प्रदेश छोड़कर पलायन करना पड़ा।
हस्त शिल्प को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक आज का दौर है, जब हम युवाओं का कौशल विकास कर रहे हैं। बिहार के हस्त शिल्प को बढ़ावा देने के लिए हमने 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले एकता मॉल की नींव रखी है। ये नए बिहार की नई दिशा है। ये बिहार की सकारात्मक सोच है। ये इस बात की गारंटी है कि बिहार को हम वापस पुराने दौर में नहीं जाने देंगे।
पीएम बोले- ज्ञान की धरती पर बिहार आना सौभाग्य की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ज्ञान की धरती बिहार आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। औरंगाबाद में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहा हूं।







