नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर जंतर-मंतर पर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच, भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर से जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा गया, तो वे सीधा जवाब देने से बचती नजर आईं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे बच्चों के साथ खड़े रहने का दावा
पटना में पत्रकारों एक टीवी चैनल के रिपोर्टर की ओर से लगातार पूछे जाने पर मैथिली ठाकुर जवाब देने से बचती नजर आईं। क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, इस सवाल पर मैथिली ने केवल इतना कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने पॉडकास्ट किया है और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे बच्चों के साथ खड़ी हैं।
धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग पर चुप्पी
हालांकि, जब पत्रकार ने उन पर सीधा सवाल दागना जारी रखा कि क्या धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए या नहीं, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस दौरान उनकी गाड़ी आगे बढ़ती रही और वे बिना कोई सीधा उत्तर दिए वहां से निकल गईं। मैथिली ठाकुर ने रिपोर्टर से कहा -‘आप दौड़ क्यों रहे हैं… आराम से रहिए न’।
स्कूलों के रंगरोगन पर भी दी प्रतिक्रिया
इसके अलावा, जब मैथिली ठाकुर से बिहार में स्कूलों को भगवा रंग में रंगे जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे एक सामान्य रखरखाव यानी मेंटेनेंस की प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि सभी मॉडल स्कूलों को ऊपर से पेंट किया जा रहा है और यह एक अच्छी पहल है। वहीं, सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर गैर मौजूद भी रहे तो इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता।
युवा विधायक से छात्रों की उम्मीदें
कम उम्र में विधायक बनीं मैथिली ठाकुर से युवाओं को उम्मीद है कि वे छात्रों के हित में बेबाकी से अपनी बात रखेंगी। नीट पेपर लीक के बाद कई स्टूडेंट की ओर से आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके प्रति सरकार और उसके प्रतिनिधियों की क्या जवाबदेही है। विपक्ष भी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है।







