लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी है। राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग की टीम पटना पहुंची हुई है । राजधानी के एक होटल में चुनाव आयोग ने सभी 11 सदस्य दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग के समक्ष सभी ने अपने सुझाव रखें। सभी राजनीतिक दलों से विचार करने के बाद निर्वाचन आयोग लोकसभा चुनाव को लेकर जल्द फैसला ले सकती है। इसकी जानकारी बुधवार को चुनाव आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया जाएगा।
3 चरण में चुनाव का दिया सुझाव
बैठक से निकलते हुए जदयू से प्रतिनिधि सांसद ललन सिंह ने कहा कि 3 चरण में इस बार चुनाव कराने की जदयू ने मांग की है। ललन सिंह ने कहा की हमलोगो ने 3 सुझाव चुनाव आयोग को दिया है। गर्मी का मौसम आ रहा है इसलिए उम्मीदवार और नेताओं को भी दिक्कत होता है इसलिए मुख्य रूप से चुनाव आयोग से मांग किया गया है की 3 चरण में चुनाव हो।
बैलेट पेपर से कराया जाए चुनाव
चुनाव आयोग की बैठक से निकले कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ब्रजेश प्रसाद मुन्ना ने कहा कि इस बार बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग किया हूं। अगर बैलट पेपर से चुनाव नहीं होता है, ईवीएम से आप चुनाव कराते हैं तो ईवी पैड से एक पर्ची निकलती है। उसको एक अलग बक्से में रखा जाए। फिर उसकी भी गणना की जाए। ईवीएम की भी गणना की जाए। दोनों को मिलान करके ही चुनाव का परिणाम घोषित किया जाए।
आरजेडी ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की
आरजेडी की तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मीटिंग में पहुंचा था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलकर आगामी लोकसभा का चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष वृषण पटेल, प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन और मुख्यालय प्रभारी महासचिव मुकुंद सिंह शामिल थे। आरजेडी प्रवक्ता और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य चित्तरंजन गगन ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलकर आरजेडी की ओर से 20 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
मॉक मददान के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण मिले
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से आगामी लोकसभा का चुनाव बैलेट पेपर से कराने, भीभी पैट से निकले पर्ची को मतदाता को दिखाने और सभी मतदान केन्द्रों के भीभी पैट पर्चियों को सीलबंद बॉक्स में रखकर ईवीएम के साथ ही उसकी भी गिनती करवाने , मतदान के बाद मतदाता को मतदान की प्राप्ति रसीद उपलब्ध कराने, ईवीएम की गिनती शुरू करने के पहले पोस्टल बैलेट की गिनती कर प्राप्त मतों की घोषणा करवाने, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्ग के मतदाताओं की संख्या कम रहने पर भी उनके लिए पृथक मतदान केंद्र उनके टोले में हीं स्थापित करने, संवेदनशील मतदान केन्द्रों की पहचान सर्वदलीय बैठक की सहमति से निर्धारित करने, मतदान के रफ्तार का एक मानक निर्धारित करने, मतदान समाप्ति के बाद पोलिंग एजेंट को मतदान का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने, मॉक मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को समुचित प्रशिक्षण देने व मतदान के पूर्व सभी दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित किए जाने की मांग रखी।
राष्ट्रीय जनता दल की ओर से जो सुझाव दिए गए हैं, वे इस तरह हैं
1.स्वतंत्र, शान्तिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराया जाय।
2. उपर्युक्त उद्देश्य की पूर्ति के लिए बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाय।
3. भीभी पैट को मतदान के बाद मतदाता को दिखाया जाए और उसे एक अलग सील बॉक्स में रखा जाय। मतदान के समय उसकी भी गिनती हो।
4. ईवीएम से मतगणना के पहले पोस्टल बैलेट की गिनती सुनिश्चित कर प्राप्त मतों की घोषणा सुनिश्चित की जाय।
5.अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति व समाज के कमजोर वर्गों के मतदाता को वोट डालने को सुनिश्चित किया जाय।
6. दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्ग के मतदाताओं की संख्या यदि कम भी हो तो उनका मतदान सुनिश्चित करने के लिए पृथक मतदान केन्द्र उनके टोले में ही बनाया जाय।
7.संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ी तैनात की जाय।
8.संवेदनशील मतदान केन्द्रों को चिन्हित करने के लिए सर्वदलीय बैठक में सहमति ली जाय।
9.जिन मतदान केन्द्रों पर किसी कारणवश मतदान देर से आरंभ होता है तो मतदान की समय-सीमा से अतिरिक्त समय तक मतदान करने का अवसर दिया जाय।
10. मॉक मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि को समुचित प्रशिक्षण दिया जाय तथा मतदान के एक घंटा पूर्व समय देकर सभी दलों के प्रतिनिधि की उपस्थिति सुनिश्चित कर ली जाय।
संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती हो
वहीं, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी चुनाव आयोग की टीम से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अम्बिका प्रसाद बिनू, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत कुमार, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता चंदन सिंह, प्रदेश महासचिव राजेन्द्र विश्वकर्मा शामिल थे। मुख्य प्रवक्ता चंदन सिंह ने कहा कि आयोग से मांग किया कि कमजोर बुजुर्ग और दिव्यांगजन सुरक्षा और सुविधा के अभाव में मतदान करने से वंचित रह जाते हैं। ऐसी शिकायत आम है कि दबंग लोग इन्हें डरा धमकाकर मतदान करने से रोकते हैं। इसे दूर करने हेतु सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, असहाय लोगों को घर से मतदान केंद्रों तक लाने और पहुंचाने की जरूरी व्यवस्था करने की भी मांग की।







