ADVERTISEMENT
Friday, August 7, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

UB India News by UB India News
August 3, 2026
in खास खबर, राजनीति, संपादकीय
0
AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत और समापन दोनों राजघाट से ही किए। अनशन से पहले और आंदोलन की सफलता के बाद उन्होंने महात्मा गांधी को नमन किया और कहा कि गांधी के अहिंसक विचार और सत्याग्रह आज भी प्रासंगिक हैं। इस संघर्ष ने यह साबित किया है। AI और सोशल मीडिया के दौर की Gen Z भी नैतिक वैधता के लिए अंततः गांधी की ओर ही देखती है।

विरोधी शत्रु नहीं होता
सवाल है कि इस पीढ़ी ने अपने आंदोलन में 100 साल पुराने गांधी के सत्याग्रह से प्रेरणा क्यों ली? Gen Z वह पीढ़ी है, जिसने न स्वतंत्रता आंदोलन देखा और न ही महात्मा गांधी को। गांधी से उसका परिचय मुख्यत: पाठ्य पुस्तकों तक सीमित रहा है। रील्स जनरेशन कही जाने वाली इस पीढ़ी की दुनिया इंस्टाग्राम, यूट्यूब, AI, गूगल और डिजिटल तकनीक के इर्द-गिर्द रहती है। सत्ता से संवाद और असहमति व्यक्त करने के लिए हैशटैग, रील्स और मीम्स भी इसके लोकतांत्रिक औजार हैं, पारंपरिक मंच नहीं।

RELATED POSTS

गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं?

कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी…………..

इसलिए, धारणा यही रही कि गांधी जैसी ऐतिहासिक शख्सियत से इस पीढ़ी का भावनात्मक रिश्ता बहुत गहरा नहीं होगा। लेकिन, जब सत्ता के सामने अपनी बात दृढ़ता, अनुशासन और नैतिक बल के साथ रखने का क्षण आया, तो इसी डिजिटल पीढ़ी ने धरना, अनशन, शांतिपूर्ण प्रतिरोध जैसे गांधीवादी तरीकों का सहारा लिया। ये वही तरीके थे, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नैतिक शक्ति प्रदान की थी।

यह पहला अवसर नहीं है, जब किसी भारतीय जन आंदोलन ने अपनी नैतिक शक्ति गांधी से ग्रहण की हो। महात्मा गांधी ने केवल आजादी का मार्ग नहीं दिखाया, बल्कि सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह और उपवास जैसी लोकतांत्रिक संघर्ष की भाषा दी, जिसे दुनिया ने अपनाया। उनका उद्देश्य विरोधी को हराना नहीं, बल्कि उसकी अंतरात्मा को जगाना था।

गांधी की सबसे बड़ी विरासत यही है कि उन्होंने विरोधी को कभी शत्रु नहीं माना। इसकी पहली बड़ी झलक 1918 के अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन में मिली, जब वेतन विवाद के दौरान गांधी ने सत्य के लिए उपवास किया और समझौता हो गया। इसके बाद 1924 में हिंदू-मुस्लिम एकता, 1932 के पूना समझौते और 1947 में सांप्रदायिक हिंसा रोकने में उपवास की ताकत सामने आई। गांधी के बाद आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन, जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन, अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और इरोम शर्मिला के लंबे अहिंसक प्रतिरोध तक, संघर्ष का नैतिक आधार गांधीवादी रहा।

लोकतांत्रिक आंदोलनों की नैतिक भाषा आज भी वही पुरानी है। Gen Z पीढ़ी तकनीक की शक्ति को भली-भांति जानती है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ ही घंटों में किसी मुद्दे को राष्ट्रीय बहस बना सकती है। लेकिन, वह समझ रही है कि हैशटैग जनमत बना सकते हैं, नैतिक वैधता नहीं। समाज का स्थायी विश्वास केवल शांतिपूर्ण, अनुशासित और नैतिक संघर्ष से अर्जित होता है।

इसलिए, तकनीक और नैतिकता का यह संगम आज की पीढ़ी की सबसे बड़ी आवश्यकता बनता जा रहा है। इसी संदर्भ में राजघाट का महत्व और बढ़ जाता है। जब कोई आंदोलनकारी राजघाट जाता है, तो वह केवल श्रद्धांजलि नहीं देता। वह यह संदेश भी देता है कि उसका संघर्ष हिंसा नहीं, बल्कि नैतिक बल, आत्मसंयम और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित होगा।

आज जब सार्वजनिक जीवन में असहमति अक्सर कटुता और ध्रुवीकरण में बदल जाती है, तब गांधी का यह दृष्टिकोण पहले से कहीं जरूरी महसूस होता है। गांधी का महत्व उनकी हर बात को अक्षरशः मानने में नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संघर्ष का ऐसा मार्ग दिखाने में है, जिसमें विरोध हो, पर वैमनस्य नहीं, असहमति हो, पर हिंसा नहीं और दृढ़ता हो, पर घृणा नहीं।

अहिंसक तरीके से संवाद
जंतर-मंतर से राजघाट तक की यह यात्रा केवल सोनम वांगचुक या एक आंदोलन की कहानी नहीं है। यह उस नई पीढ़ी की कहानी है, जो गांधी के तरीकों को अपनाकर हल खोज रही है। डिजिटल युग में आंदोलन के पोस्टर बदल गए हैं, हैशटैग बदल गए हैं और संवाद के मंच भी बदल गए हैं, लेकिन सत्याग्रह की आत्मा आज भी वही है। लोकतंत्र में जब भी नागरिक सत्ता से बिना हिंसा संवाद चाहते हैं, तब गांधी के ही तरीके सबसे विश्वसनीय विकल्प के रूप में सामने आते हैं।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं?

गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं?

by UB India News
August 5, 2026
0

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मानसून सत्र के...

मुख्य चुनाव आयुक्त चयन प्रक्रिया से CJI सूर्यकांत नाराज क्यों?

कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी…………..

by UB India News
August 5, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को किसी...

परिसीमन बिल पर बढ़ी हलचल , 15 अगस्त के बाद संसद का विशेष सत्र बुला सकती है सरकार …………..

परिसीमन बिल पर बढ़ी हलचल , 15 अगस्त के बाद संसद का विशेष सत्र बुला सकती है सरकार …………..

by UB India News
August 7, 2026
0

केंद्र सरकार संसद में पिछले एक सप्ताह से ज्यादा वक्त से जारी हंगामे को खत्म करने की पहल में जुट...

आज मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते का दूसरा दिन, लोकसभा कल तक के लिए स्थगित, राज्यसभा में कार्यवाही जारी…………….

by UB India News
August 5, 2026
0

आज मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते का दूसरा दिन है। सोमवार को संसद की कार्रवाई हंगामे की भेंट चढ़ गई।...

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

Next Post
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend