ईरान की ओर से पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश अल-अदल के ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद इस्लामाबाद ने तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है. इसी के साथ पाकिस्तान ने ईरान के राजदूत के अपने यहां से निष्कासित कर दिया है.
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने ईरान के हमले को अपने हवाई क्षेत्र का अकारण उल्लंघन करार दिया है. ईरान ने मंगलवार (16 जनवरी) को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ईरान की सरकार मीडिया के हवाले से यह जानकारी दी गई थी.
पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान द्वारा पाकिस्तान की संप्रभुता पर अकारण हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का उल्लंघन है. पाकिस्तान ने कहा है कि यह गैरकानूनी कृत्य पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसका कोई भी औचित्य नहीं है. पाकिस्तान इस अवैध कृत्य पर प्रतिक्रिया देने का अधिकार सुरक्षित रखता है. पाकिस्तान ने कहा है कि परिणामों की ज़िम्मेदारी पूरी तरह से ईरान की होगी.
पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) के बड़े अधिकारी रावलपिंडी में सेना मुख्यालय में बैठक कर रहे हैं. इस बैठक का एजेंडा यह है कि अब ईरान को कैसे जवाब दिया जाए. वहीं टॉप भारतीय खुफिया सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया है कि ईरान की ओर से की गई यह कार्रवाई एक आंतरिक मामला है और भारत पूरे हालात पर करीब से नजर रख रह है. सूत्रों का कहना है कि ईरान के इस हमले (Iran Attacks on Pakistan) से साबित होता है कि पाकिस्तान एक आतंकी (Terrorist) देश है. अब तो हालात यहां तक पहुंच गए कि मुस्लिम दुनिया ने भी अब उन पर हमला करना शुरू कर दिया है.
आतंकियों के लिए पाकिस्तान के सुरक्षित स्वर्ग (Safe Haven for Terrorists) पर पहले उसके सहयोग से बढ़ने वाले तालिबान ने ही हमले किए थे. इसके बाद अब ईरान भी आतंकियों के पीछे पड़ा है. उसको भी पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा. गौरतलब है कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान प्रांत में एक सुन्नी आतंकी संगठन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए जाने पर ईरान को ‘गंभीर नतीजे’ भुगतने की चेतावनी दी है. ईरान के इन हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. वहीं ईरानी मीडिया ने बताया कि पाकिस्तान में आतंकवादी समूह जैश-अल-अदल के दो ठिकानों को मंगलवार को मिसाइलों से निशाना बनाया.
यह कार्रवाई रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा इराक और सीरिया में किए गए हमलों के एक दिन बाद की गई. पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हुए ईरान के प्रभारी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया. पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान का यह काम उसके ‘हवाई क्षेत्र का अकारण उल्लंघन है. पश्चिम एशिया में हमास और इजराइल के युद्ध के कारण पहले से ही स्थिति तनावपूर्ण है, ऐसे में ईरान के इन हमलों ने चिंता और बढ़ा दी है.
ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी समूह जैश-अल- अदल के दो प्रमुख ठिकानों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया गया. ईरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि जैश-अल-अदल आतंकवादी समूह उसके सुरक्षाबलों पर हमले करने के लिए पाकिस्तान की भूमि का इस्तेमाल कर रहा है और बलूचिस्तान के सीमावर्ती शहर पंजगुर में इसके ठिकाने हैं. पाकिस्तान कहा कि इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए.







