आरजेडी की ओर से बुधवार को बिहार के छह जिलों में केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ और राज्य सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा होगी। कार्यकर्ता संवाद का यह आयोजन पटना में भी बुधवार को ही हो रहा है।
इसका बड़ा मकसद लोगों को यह बताना है कि तेजस्वी यादव की सोच कैसी है। उनकी सोच के अनुरुप ही बिहार में तेज गति से सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम की प्लानिंग सिर्फ लोकसभा चुनाव को देखते हुए नहीं की गई है। बल्कि 2025 में होने वाले विधान सभा चुनाव पर भी है।
प्रथम चरण में 31 जिलोंं हो चुका है कार्यकर्ता संवाद
आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के संकल्पों और विचारों को हर लोगों और जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तरीय जिला कार्यकर्ता संवाद की आज दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। 17 और 18 जनवरी को सात जिलों में यह कार्यक्रम होना है। इससे पहले प्रथम चरण में 10, 11 और 12 जनवरी को राज्य के 31 जिलों में कार्यकर्ता संवाद किया जा चुका है।
पटना जिला के कार्यकर्ता संवाद में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के मंत्री डॉ मो. शमीम अहमद, जहानाबाद में डॉ. रामानंद यादव, औरंगाबाद में आलोक कुमार मेहता, अरवल में प्रो. चंद्रशेखर, मधुबनी में कुमार सर्वजीत और लखीसराय व 18 जनवरी को नवादा में मो. शाहनवाज आलम की उपस्थिति में कार्यकर्ता संवाद में रहना निर्धारित है।
केंद्र की जन विरोधी नीतियों पर बात होगी
कार्यकर्ता संवाद के जरिए केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों, महंगाई बढ़ानेवाली नीति, नौजवानों को रोजगार के मामले में ठगी का शिकार बनाने, भ्रष्टाचार को भाजपा के द्वारा शिष्टाचार का रूप दिए जाने, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार में भाजपा के नेताओं की संलिप्तता पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने, हम दो हमारे दो की नीतियों को चलाने और गरीबों को और गरीब बनाने की केंद्र सरकार की जो नीतियां हैं, चल रही है।
उसको बताने के साथ ही, संविधान और लोकतंत्र विरोधी नीति के माध्यम से भाजपा के द्वारा जिस तरह से लोकतंत्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने के खिलाफ संकल्प लिया जा रहा है कि लोगों को जागरूक किया जाएगा।
लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के संकल्पों को कैसे पूरा किया जा रहा
एजाज अहमद ने कहा कि लालू प्रसाद और तेजस्वी प्रसाद यादव के विचार और संकल्पों और महागठबंधन सरकार के कार्यों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में युवाओं को रोजगार देने, जातीय गणना और जिसकी जितनी संख्या उसके आघार पर 75 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सहित बिहार को आगे बढ़ाने के लिए महागठबंधन सरकार के कार्यों को बताया जा रहा है।







