सावित्री बाई फुले के मंदिर पर दिए विचार राम मंदिर के उद्धाटन तिथि 22 जनवरी से पहले आरजेडी ने पोस्टर के जरिए सामने लाया। आरजेडी विधायक फतेह बहादुर ने राबड़ी देवी आवास के बाहर पोस्टर लगाया था। उन्हीं सावित्री बाई फुले का आज बुधवार को जन्म दिन है।
उनका जन्म 3 जनवरी, 1831 को सतारा जिले के नायगांव, महाराष्ट्र के गांव में हुआ था। उनका जन्म स्थान पुणे से 50 किलोमीटर और शिरवल से 15 किलोमीटर दूर है। आरजेडी की ही मानें तो ज्योतिबा फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका हैं। उनके जन्म दिन पर बीजेपी ने आरजेडी को आड़े हाथ लिया है।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा है कि दो दिन पहले सावित्री बाई फुले का नाम एक राजनीतिक विवाद में घसीटने वाली पार्टी राष्ट्रीय जनता दल जन्म दिन पर एक फूल भी श्रद्धा सुमन के नहीं चढ़ा रही। एक शब्द आरजेडी के किसी नेता के मुंह से नहीं निकला। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव का सिर्फ एक राजनीतिक एजेंडा है मुसलमानों का तुष्टीकरण, जिससे मुसलमान तुष्टीकरण का एकीकरण हो सके।
इस राजनीतिक एजेंडा को पूरा करने के लिए लालू प्रसाद के इशारे पर आरजेडी के लोग भारत के सभी महापुरुषों को जबरन विवाद में घसीटते हैं। कहा कि सनातन की धार्मिक भावनाओं का विरोध करना ही आरजेडी का एजेंडा है सनातन का विरोध करो ताकि मुसलमानों वोट का एकीकरण आरजेडी के पक्ष में हो सके।
सावित्री बाई फुले के इस विचार को आरजेडी ने प्रमुखता दी
सावित्री बाई फुले के इस विचार को आरजेडी ने पोस्टर के जरिए सामने लाया था–‘मंदिर का मतलब मानसिक गुलामी का मार्ग और स्कूल का मतलब होता है जीवन में प्रकाश का मार्ग, जब मंदिर की घंटी बजती है तो हमें संदेश देती है कि हम अंधविश्वास,पाखंड,मूर्खता और अज्ञानता की ओर बढ़ रहे हैं और जब स्कूल की घंटी बजती है तो यह संदेश मिलता है कि हम तर्क पूर्ण ज्ञान और वैज्ञानिकता व प्रकाश की ओर बढ़ रहे हैं। अब तय करना है कि आपको किस ओर जाना चाहिए।’
बीजेपी को सिर्फ सोशल मीडिया दिखता है, जमीन नहीं- मृत्युंजय तिवारी, आरजेडी
आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सावित्री बाई फुले के विचारों को हमारी पार्टी मानती है। आरजेडी कार्यालय में समाज सुधारक और प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फुले का जन्म दिन आरजेडी कार्यालय में मनाया जाएगा। बीजेपी सोशल मीडिया को ही सामाजिक लड़ाई समझती है। जमीन पर बीजेपी का कोई जनाधार बहुजनों के बीच नहीं है।







