साल 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी वाले दिन नई संसद में दो लोगों ने स्मोक कलर अटैक किया. इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने दो और लोगों को हिरासत में लिया है. दोनों पर इन आरोपियों के साथ मिले होने का शक है. इन दोनों से स्पेशल सेल की टीमें पूछताछ कर रही हैं.
इन लोगों की पहचान महेश और कैलाश के रूप में हुई है. इन पर आरोपियों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का आरोप है. स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट इन दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है. महेश राजस्थान का रहने वाला है और ये भी भगत सिंह संगठन से जुड़ा हुआ है. महेश भी संसद में हंगामा करने के मकसद से आने वाला था लेकिन किसी कारणवश उसे परिजनों ने रोक दिया था.
संसद सुरक्षा में चूक: साथियों का जलाया फोन, जानिए मास्टरमाइंड ललित ने पूछताछ में क्या-क्या उगला
संसद में जिस वक्त घुसपैठ की गई, उस समय ललित बाहर ही मौजूद था. हालात बिगड़ने पर वह मौके से अपने दोस्तों का फोन लेकर फरार हो गया. ललित ने अपने सभी साथियों के फोन को राजस्थान में जला दिया. दिल्ली से भाग कर ललित सीधा राजस्थान के अपने एक दोस्त महेश के यहां पहुचा, जहां महेश ने उसे होटल में कमरा दिलवाया. वहीं से वो लगातार सारी चीजों पर नजर रख रहा था. जब उसे लगा कि पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हैं तो वो वापस दिल्ली आया और कल रात उसने दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.
ललित झा ने पूछताछ में उगले महेश और कैलाश के नाम
दरअसल, दिल्ली से भाग कर ललित सीधा राजस्थान के अपने एक दोस्त महेश के यहां पहुचा. जहां महेश ने उसे कमरा दिलवाया होटल में. वहीं से वो लगातार सारी चीजों पर नजर रख रहा था. जब उसे लगा कि पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी है तो वो वापस दिल्ली आया और कल रात उसने दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. इसके बाद ललित झा ने स्पेशल सेल के अधिकारियों को पूरी कहानी बताई.
सूत्रो के मुताबिक संसद में घुसने की तैयारी कई महीने पहले से की जा रही थी. संसद में एंट्री के लिए पास जरूरी था और वो नहीं मिल पा रहा था. आरोपियों ने अपने दोस्तों में सबसे पूछा था कि पास कौन अरेंज कर सकता है, जिससे संसद के अंदर आराम से एंट्री मिल सके. इसके बाद मनोरंजन डी ने एंट्री पास का इंतजाम कराया और इस घटना को अंजाम दिया.
महेश का वारदात में बड़ा रोल
दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि संसद में सेंधमारी की घटना को अंजाम देने में महेश नाम का शख्स भी शामिल था। आरोपी ललित झा ने महेश के साथ थाने में सरेंडर किया है। जो साज़िश रची गई उसमें ललित झा और महेश का बड़ा रोल था। महेश राजस्थान के नागौर जिले का रहने वाला है जोकि मजदूरी करता है। महेश की कई बार आरोपी महिला नीलम से भी बात होती थी। इन सबकी मुलाकात भगत सिंह फैन क्लब पेज पर हुई थी।
महेश को मिली थी ये जिम्मेदारी
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महेश को भी 13 दिसंबर को संसद में हंगामा वाली घटना में शामिल होना था। लेकिन फिर बाद ये ये तय हुआ की जब घटना को अंजाम देकर फरार होना होगा तो शय देने के लिए कौन होगा। इसके बाद ही ये तय हुआ की महेश यहीं नागौर में ही रहेगा। जब ये लोग फरार होकर आएंगे तो रुकने का इंतजाम महेश करेगा। इसके बाद महेश का दिल्ली आना कैंसिल हो गया। जब घटना को अंजाम देने के बाद अन्य आरोपी 13 दिसम्बर की रात दिल्ली से नागौर बस से पहुंचे तो महेश ने होटल में रुकने का इंतजाम करवाया। फिर जब इनको लगा की पुलिस इनको ढूंढ रही है तो ये लोग नागौर से दिल्ली आ गए और थाने में सरेंडर कर दिया।
चार आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
सुरक्षा में सुरक्षा चूक की घटना के सिलसिले में पुलिस चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे और नीलम के रुप में की गई है। ये सभी आरोपी सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं।
दो युवक सदन में दर्शक दीर्घा से कूद गए थे
बता दें कि सागर शर्मा और मनोरंजन डी नामक दो युवक बुधवार को शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे और उन्होंने ‘केन’ से पीला धुआं फैलाते हुए नारेबाज़ी की। हालांकि सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया। लगभग उसी समय संसद भवन के बाहर अमोल शिंदे और नीलम ने ‘केन’ से लाल और पीले रंग का धुआं फैलाते हुए तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। यह घटना 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले की बरसी के दिन हुई। बृहस्पतिवार को बताया कि लोकसभा सचिवालय ने संसद में सुरक्षा चूक के मामले आठ सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया है।







