बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का आज पांचवां और आखिरी दिन है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और दलित अपमान के मुद्दे को लेकर बीजेपी सदन में हंगामा कर रही है। मांझी के समर्थन में बीजेपी सदन के भीतर और बाहर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। बिहार विधानसभा की पहली पाली हंगामेदार रहा. इस दौरान कुछ सवालों पर चर्चा भी हुई और संबंधित मंत्री ने जवाब दिया, लेकिन हंगामे की वजह से सदन को दो बजे तक स्थगित कर दी गई. विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजेपी विधायक व मांझी विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए हैं. नीतीश से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, जीतन राम मांझी विधानसभा के भीतर धरने पर बैठ सकते हैं। हम पार्टी के एक नेता ने कहा कि अपने नेता का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। सड़क से लेकर सदन तक प्रदर्शन करेंगे।
शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में अभी तक हर दिन प्रश्नकाल बाधित रहा है। बीजेपी के विधायकों के प्रदर्शन के कारण एक भी दिन प्रश्नकाल सही से संचालित नहीं हुआ है।
मांझी के आवास पर बीजेपी नेताओं ने बनाई रणनीति
इधर, प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष समेत पार्टी के कई बड़े नेता गुरुवार देर शाम जीतन राम मांझी के आवास पहुंचे। वहां उनलोगों ने मांझी से मुलाकात की। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार बीजेपी पूरी तरह से पूर्व मुख्यमंत्री के साथ है।
सम्राट ने कहा कि जिस तरह से नीतीश बाबू ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और दलित नेता जीतन राम मांझी को बिहार विधानसभा में अपमानित करने का काम किया। वह अत्यंत ही अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपने घमंड के आगे बिहार की महिला, दलित, पिछड़ा सभी समुदाय का अपमान करते रहे हैं। सम्राट के साथ शाहनवाज हुसैन भी मांझी के आवास पहुंचे थे।

100 से ज्यादा गैर सरकारी संकल्प लिए जाएंगे
वहीं, शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में 100 से ज्यादा गैर सरकारी संकल्प लिया जाना है। इसके साथ ही प्रश्नकाल में स्वास्थ्य, ऊर्जा, विधि और योजना व विकास विभाग से प्रश्न पूछे जाने हैं।
बिहार विधानसभा में आरक्षण संशोधन विधेयक पास: 75% आरक्षण का प्रावधान
बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 पेश हुआ, जिसे सर्व सम्मति से पास कर दिया गया। इसमें आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने बिल को अपना समर्थन दिया है।
अब यह विधेयक विधान परिषद में रखा जाएगा। जहां से पास होने के बाद राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून बन जाएगा।
विधानसभा में नीतीश कुमार ने कहा कि हमारी अपील है कि केंद्र सरकार भी जातीय गणना कराए। उन्होंने केंद्र से भी आरक्षण बढ़ाने की मांग की है। सदन में सीएम ने विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई है।
नीतीश बोले- मांझी मेरी मूर्खता से CM बने, राज्यपाल बनना चाहते हैं
बिहार विधानसभा में गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार और पूर्व जीतन राम मांझी के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मांझी आरक्षण की समीक्षा की मांग कर रहे थे। तभी CM ने उन्हें बीच में ही टोका और कहा- मेरी मूर्खता से ये मुख्यमंत्री बने थे। इसे राज्यपाल बनने की चाहत है। मुख्यमंत्री ने बीजेपी विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसे गवर्नर क्यों नहीं बना देते हैं।
मांझी ने भी CM के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी इज्जत बचाने के लिए मुझे मुख्यमंत्री बनाया था। रबर स्टांप की तरह इस्तेमाल करना चाहते थे। इशारे पर नहीं चला तो हटा दिया।







