ADVERTISEMENT
Monday, August 3, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

दिल्ली शराब घोटाला केस: मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार

UB India News by UB India News
October 31, 2023
in कानून, खास खबर, दिल्ली
0
दिल्ली शराब घोटाला केस: मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (30 अक्टूबर) को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद सिसोदिया की तरफ से दायर की गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया. जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जरिए सिसोदिया के खिलाफ जांच किए जा रहे मामलों पर फैसला सुनाया है.

शीर्ष अदालत ने इससे पहले कथित दिल्ली एक्साइज पॉलिसी और सिसोदिया के खिलाफ मामलों के संबंध में सीबीआई और ईडी से कई सवाल पूछे थे. सिसोदिया फरवरी से ही कथित शराब घोटाले में जेल में बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में सिसोदिया की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. सिसोदिया ने अपने खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में जमानत मांगी है. इसमें से एक केस सीबीआई और दूसरा केस ईडी ने दायर किया है.

RELATED POSTS

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

8 महीने में मुकदमा पूरा करने का मिला निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. हालांकि, अदालत ने इस बात का निर्देश दिया है कि सिसोदिया के खिलाफ मुकदमे को 6 से 8 महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए. अगर मुकदमे की प्रक्रिया धीमी रहती है, तो सिसोदिया तीन महीने के भीतर फिर से जमानत के लिए याचिका दायर करने के लिए हकदार होंगे. ऐसे में अब ये देखना होगा कि सिसोदिया क्या फिर तीन महीने बाद अदालत पहुंचते हैं.

मनीष सिसोदिया से जुड़े मामले में अब तक क्या हुआ-

सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों से पूछे सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या किसी नीतिगत निर्णय को कानूनी रूप से चुनौती दी जा सकती है? सिसोदिया के खिलाफ CBI और ED दोनों मामलों में मुकदमे में देरी क्यों की गई।

किसी व्यक्ति को अनिश्चित काल तक सलाखों के पीछे नहीं रखा जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा कि संबंधित राजनीतिक दल, जो कथित तौर पर पॉलिसी का लाभार्थी था, को आरोपी के रूप में क्यों नहीं जोड़ा गया।
कोर्ट ने कहा कि स्पष्ट करें कि सिसोदिया को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कैसे लाया जाएगा, जिसमें कहा गया है कि यदि पैसा उनके पास नहीं जा रहा है, तो यह दिखाना होगा कि उस संपत्ति पर उनका कब्जा है।
शीर्ष अदालत ने एप्रूवर के बयान की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया और पूछा कि क्या ये बयान विश्वसनीय होंगे क्योंकि ये अफवाहें हैं। इसने एजेंसियों से यह भी पूछा कि वे यह कैसे साबित करेंगे कि रिश्वत दी गई थी और क्या यह पूरी तरह से एप्रूवर के बयानों पर आधारित था।

मनीष सिसोदिया के वकील ने क्या कहा?

सिसोदिया की ओर से दलील दी गई कि पीएमएलए के तहत सीबीआई के मामले में उनके खिलाफ रिश्वतखोरी का कोई आरोप नहीं है।
सिसोदिया की तरफ से यह भी कहा गया है कि जब मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है तो 500 गवाहों और 50,000 से अधिक दस्तावेजों के साथ सिसोदिया को सलाखों के पीछे क्यों रखा गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि शराब नीति में गलत कुछ नहीं यह संस्थागत, बहुस्तरीय निर्णय लेने की प्रक्रिया का परिणाम थी।
सिसोदिया के वकील ने कहा कि नीति विचार-विमर्श और उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद पारदर्शी तरीके से बनाई गई है।
वकील ने कहा कि ईडी का यह दावा करना गलत है कि शराब नीति के कारण कीमतें बढ़ीं। बल्कि, उन्होंने कहा, ग्राहकों को दी जाने वाली कीमतें कम हो गईं।
यह तर्क दिया गया कि मनीष सिसोदिया से जुड़ा कोई मनी ट्रेल नहीं पाया गया।
जैसा कि ईडी ने दावा किया है, सिसोदिया ने मोबाइल फोन छोड़कर सबूतों से छेड़छाड़ नहीं की। सिसोदिया के वकील ने कहा, “मंत्रियों ने अपने फोन बदल लिए। मामला दर्ज होने से पहले मोबाइल फोन छोड़ दिया गया था।”

जांच एजेंसियों ने क्या कहा?

सीबीआई और ईडी ने दावा किया है कि सिसोदिया दिल्ली शराब घोटाला मामले में साजिश रची थी और उन्होंने हेरफेर किया था।
सिसोदिया की नौकरशाहों के साथ गहरी सांठगांठ थी और उन्होंने विभिन्न अधिकारियों को धमकी दी और उन पर दबाव डाला।
जांच एजेंसियों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सिसोदिया ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की, एक मोबाइल फोन फेंक दिया जो अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
सीबीआई ने यह भी कहा कि सिसोदिया ने डिजिटल सबूत मिटाने के लिए दो मोबाइल फोन नष्ट करने की बात कबूल की है।
शराब घोटाले के दौरान सिसोदिया ने 14 फोन बदले, यहां तक ​​कि सीबीआई मामला दर्ज होने के बाद भी ऐसा किया।
ईडी ने कहा कि इन 14 फोनों पर कुल 43 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया था, जिनमें से केवल 5 या तो उसके नाम पर खरीदे गए थे या उसके नाम पर जारी किए गए थे।

मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति घोटाले में उनकी कथित भूमिका के लिए 26 फरवरी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और वह तब से न्यायिक हिरासत में हैं। इस बीच, ईडी ने तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ के बाद 9 मार्च को सीबीआई मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

by UB India News
August 3, 2026
0

ग्लास्गो  में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया...

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

by UB India News
August 3, 2026
0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत और समापन...

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

by UB India News
August 3, 2026
0

देश में 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता Bharatiya Nyaya Sanhita , BNS 2023 ने भारतीय दंड संहिता...

Next Post
इतने दिन से कहां थे? सांसद पर भड़के महंत

इतने दिन से कहां थे? सांसद पर भड़के महंत

नीतीश कुमार की आंखों पर अहंकार का इतना मोटा पर्दा पड़ा है..

पहले सुरेंद्र यादव जैसे मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend