बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) गुरुवार (05 अक्टूबर) को एक दिवसीय दौरे पर पटना में रहेंगे. इसको लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पटना में जोरशोर से तैयारी की है. शहर को पोस्टर से पाट दिया गया है. करीब 11 जगहों पर नड्डा का स्वागत होगा. कैलाशपति मिश्र (Kailashpati Mishra) की 100वीं जयंती समारोह में वो हिस्सा लेंगे. बापू सभागार में दोपहर 1.50 बजे से कार्यक्रम रखा गया है.
इधर जेपी नड्डा के इस दौरे पीछे कई वजह भी मानी जा रही है. आने वाले समय में लोकसभा का चुनाव है. 2025 में बिहार विधानसभा का भी चुनाव है. कैलाशपति मिश्र की जयंती के बहाने अगड़ी जातियों के वोटरों को साधने का प्रयास होगा. बिहार में दो अक्टूबर को ही नीतीश सरकार ने जातीय गणना के आंकड़ों को सार्वजनिक किया है. हाल ही में महिला आरक्षण कानून भी बन गया है. इन सबको देखते हुए रणनीति बनाई जाएगी. जातिगत गणना को लेकर पहले से ही बवाल मचा है. वहीं दूसरी ओर सबकी नजर इस पर भी होगी कि जेपी नड्डा लालू-नीतीश पर क्या बोलते हैं.
जेपी नड्डा के कार्यक्रम पर डालें एक नजर
सुबह 11.35 बजे पटना एयरपोर्ट पर आएंगे.
दोपहर 1.50 बजे बापू सभागार में उनका कार्यक्रम होगा.
इसके बाद 3.15 बजे वो कदमकुआं स्थित जेपी आवास जाएंगे.
4.00 बजे प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.
5.00 बजे प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक होगी.
6.00 बजे प्रदेश कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक.
8.15 बजे कैलाशपति मिश्र के कौटिल्य नगर आवास पर आगमन.
9.00 बजे पटना से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे.
कार्यक्रम के जरिए जुड़ेंगे जनसंघ के पुराने नेता
बताया जाता है कि छह अक्टूबर से तीन नवंबर तक कैलाशपति मिश्र की जयंती मनाई जाएगी. इसके जरिए जनसंघ के पुराने नेता जुड़ेंगे. पुराने कार्यकर्ताओं का सम्मान भी होगा. बुधवार को ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद रविशंकर प्रसाद ने इसके बारे में बताया था कि कार्यक्रम में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, केंद्रीय मंत्री से लेकर मंडल एवं शक्ति केंद्र के अध्यक्ष समारोह में शामिल होंगे.
बता दें कि नौ महीने में जेपी नड्डा का ये दूसरी बार बिहार दौरा है. इस साल शुरुआत में वो आए थे. उनके दौरे के पीछे अहम वजह भी मानी जा रही है. हालांकि देखना होगा कि कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में वो क्या कहते हैं.
भाजपा के पितामह कहे जाने वाले श्रधेय कैलाशपति मिश्र की 100वीं जन्म जयंती है । इस अवसर पर एक विशेष समारोह के रूप में बापू सभागार पटना में आयोजित किया गया है। जिसमें राज्य के सभी शक्ति केंद्रों के प्रमुख एवं उससे ऊपर के सभी नेता कार्यकर्ता सुबह 10 बजे तक वहां पहुंचेंगे। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
श्रधेय कैलाशपति मिश्र का जन्म 5 अक्टूबर 1923 को दुधारचक, बक्सर, बिहार में हुआ था। उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया और इसके लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वह 1943 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य थे और महात्मा गांधी जी की हत्या के बाद उन्हें जेल भी हुई थी। दसवीं कक्षा में पढ़ते समय, श्री मिश्रा को 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के समर्थन में बक्सर में अपने स्कूल के मुख्य द्वार पर धरना देने के लिए गिरफ्तार किया गया था ।
कैलाश पति मिश्रा ने 1971 का लोकसभा चुनाव जनसंघ के टिकट पर पटना से लड़ा लेकिन हार गए। उन्होंने 1977 में बिक्रम सीट से बिहार विधानसभा चुनाव जीता और कर्पूरी ठाकुर की जनता पार्टी सरकार में वित्त मंत्री नियुक्त किये गये । 1980 में पार्टी की स्थापना के समय वह बिहार भाजपा के पहले अध्यक्ष बने। उन्होंने 1995 से 2003 तक भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। उन्हें 2003 में गुजरात का राज्यपाल नियुक्त किया गया था, और निवर्तमान राज्यपाल निर्मल चंद्र जैन की मृत्यु के बाद थोड़े समय के लिए वे राजस्थान के कार्यवाहक राज्यपाल रहे। 2004 के चुनावों में भाजपा सरकार की हार के बाद, कांग्रेस सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया था।
बिहार में भारतीय जनता पार्टी के भीष्म पितामह के रूप में जाने जाने वाले मिश्र वृद्धावस्था के कारण अपने जीवन के अंतिम दो वर्षों से प्रत्यक्ष राजनीतिक गतिविधियों से दूर थे, लेकिन पार्टी के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहे। जेपी के 1974 के कांग्रेस विरोधी आंदोलनों में भाग लेने के कारण समाजवादियों द्वारा भी उन्हें पसंद किया गया।
1923 में बिहार के बक्सर में जन्मे मिश्रा आजीवन कुंवारे रहे। सन 2012 में 89 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु पटना में हुई थी । भारत सरकार ने 2016 में उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया है ।







