संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के केयरटेकर पीएम अनवर उल हक काकर (Anwar ul Haq Kakar) के कश्मीर का मसला छेड़ने के बाद भारत ने करारा जवाब दिया है. यूएनजीए में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत (Petal Gahlot) ने कहा कि सबसे पहले तो पाकिस्तान POK को खाली करे, जिस पर उसने अवैध कब्जा कर रखा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद पर भी कार्रवाई करे और सीमा पर आतंकवाद को शह देना बंद करे. पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार उल्लंघन पर रोक लगाई जाए. भारत ने यूएनजीए में पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए साफ कहा कि दुनिया के सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाला देश पाकिस्तान है.
पेटल गहलोत ने कहा कि खासकर जब अल्पसंख्यकों और महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, तो पाकिस्तान की हालत बहुत खराब है. भारत की संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर उंगली उठाने का साहस करने से पहले पाकिस्तान के लिए यह अच्छा होगा कि वह पहले अपना घर दुरुस्त कर ले. उन्होंने कहा कि ‘तकनीकी कुतर्क में उलझने के बजाय, हम पाकिस्तान से मुंबई आतंकवादी हमलों के अपराधियों के खिलाफ भरोसेमंद और सत्यापन योग्य कार्रवाई करने की अपील करते हैं, जिनके पीड़ित 15 साल बाद भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं.’
दुनिया का सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले देश पाकिस्तान
भारत की ओर से पाकिस्तान के मनमाने आरोपों का जोरदार जवाब देते हुए पेटल गहलोत ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति कायम करने के लिए पाकिस्तान को तीन कदम उठाने की जरूरत है. पहला, सीमा पार आतंकवाद को रोकना और उसके आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को तुरंत बंद करना. दूसरा, उसके अवैध और जबरन कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली करना. और तीसरा पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ गंभीर और लगातार हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकना. पेटल गहलोत ने कहा कि खासकर जब अल्पसंख्यक और महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, तो दुनिया के सबसे खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले देश के रूप में पाकिस्तान का नाम सामने आता है.
पहले अपना घर दुरुस्त करे पाकिस्तान
भारत की राजनयिक ने यूएनजीए में कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर उंगली उठाने का साहस करने से पहले पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा कि वह पहले अपना घर दुरुस्त कर ले. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का एक ज्वलंत उदाहरण अगस्त 2023 में पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले के जारनवाला में अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर की गई क्रूरता थी, जहां कुल 19 लोग मारे गए थे. चर्चों को नष्ट कर दिया गया और 89 ईसाइयों के घर जला दिए गए. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों विशेषकर हिंदू, सिख और ईसाइयों की महिलाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई है. पाकिस्तान के अपने मानवाधिकार आयोग की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक अल्पसंख्यक समुदायों की अनुमानित 1,000 महिलाएं पाकिस्तान में हर साल अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और शादी का शिकार होती हैं.
पाकिस्तान आतंकवादियों का सबसे बड़ा संरक्षक
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दुनिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी संस्थाओं और लोगों की सबसे बड़ी संख्या का घर और संरक्षक रहा है. UNGA की दूसरी समिति के लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा कि भारत के खिलाफ आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करने के लिए इस मंच का दुरुपयोग करना पाकिस्तान की एक आदत बन गई है. सभी जानते हैं कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान मानवाधिकारों पर अपने खराब रिकॉर्ड से हटाने के लिए ऐसा करता है. जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित मामले पूरी तरह से आंतरिक हैं. पाकिस्तान को हमारे घरेलू मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.
‘यूएन के मंच का दुरुपयोग करता है पाकिस्तान’
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान को वैश्विक मंच का दुरुपयोग करने वाला आदतन अपराधी करार दिया। UNGA की दूसरी समिति के लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा, ‘भारत के खिलाफ आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करने के लिए इस मंच का दुरुपयोग करने के मामले में पाकिस्तान एक आदतन अपराधी है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय संगठनों के सदस्य देश अच्छी तरह से जानते हैं कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान मानवाधिकार के मामलों में अपनी बदहाल स्थिति से हटाने के लिए ऐसा करता है।’
‘पाकिस्तान अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र खाली करे’
पेटल गहलोत ने कहा, ‘हम एक बार फिर दोहराते हैं कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से संबंधित मामले पूरी तरह से भारत के आंतरिक मामले हैं। पाकिस्तान को हमारे घरेलू मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान को 3 कदम उठाने होंगे। पहला, वह सीमा पार आतंकवाद को रोके। दूसरा, अवैध और जबरन कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली करे। और तीसरा, अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रहे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को रोके।’
‘पाकिस्तान पहले अपने आप को सही कर ले’
पेटल गहलोत ने कहा, ‘पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा कि वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश पर उंगली उठाने से पहले अपने आप को सही कर ले। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों विशेषकर हिंदू, सिख और ईसाइयों की महिलाओं की स्थिति दयनीय है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की हाल ही की रिपोर्ट के अनुसार, मुल्क में हर साल अल्पसंख्यक समुदायों की करीब 1,000 महिलाओं का अपहरण किया जाता है और उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह का शिकार बनाया जाता है। पाकिस्तान दुनिया में सबसे बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित आतंकवादी संस्थाओं और लोगों को पनाह देने वाला देश रहा है।’
‘भारत, पाकिस्तान के बीच शांति के लिए कश्मीर अहम’
बता दें कि इसके पहले पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकड़ ने यूएन में अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच शांति के लिए कश्मीर अहम है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र की आम बहस के दौरान काकड़ ने कहा कि पाकिस्तान, भारत सहित अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण और उपयोगी संबंध चाहता है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान और भारत के बीच शांति के लिए कश्मीर अहम है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को कश्मीर पर अपने प्रस्तावों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना चाहिए।’







