ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने कहा है कि उसने अमेरिका द्वारा तेहरान और अन्य इलाकों में किए गए हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। IRGC ने गुरुवार को एक बयान जारी कर बताया कि इस जवाबी कार्रवाई में कुवैत के अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस तथा बहरीन के जुफैर और शेख ईसा एयर बेस को निशाना बनाया गया।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कहा कि आज दुनिया में कई संघर्ष चल रहे हैं और अस्थिरता का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी संघर्ष सिर्फ बातचीत और कूटनीति के जरिए ही सुलझाया जा सकता है।
IRGC ने बयान जारी कर बताया हमले का कारण
ईरान का दावा है कि कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमला किया गया। IRGC ने अपने बयान में कहा कि उसकी नेवी और एयरोस्पेस यूनिट ने संयुक्त रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमला किया। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई अमेरिका के उन हमलों के जवाब में की गई है, जिन्हें ईरान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। IRGC ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने वादों और प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है।
अमेरिका ने ईरान में कई जगहों पर किया था हमला
IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय प्रांतों में कई जगहों को निशाना बनाया। इसके अलावा पूर्वी इलाकों में मशहद शहर की ओर जाने वाले 2 पुलों पर भी हमला किया गया। ईरान के मुताबिक, ये हमले ऐसे समय किए गए जब देश में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम चल रहे थे। IRGC ने अमेरिकी कार्रवाई को गुनाह बताते हुए कहा कि इससे दुनिया भर में लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा।
अमेरिका को दी और बड़े हमलों की चेतावनी
IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो ईरान की जवाबी कार्रवाई और व्यापक होगी। उसने कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को आगे भी निशाना बनाया जा सकता है। बयान में कहा गया,
‘इस्लामी योद्धा अमेरिकी सेना की आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं रहेंगे। अगर अमेरिका ने अपनी कार्रवाई दोहराई तो इसका जवाब और भी बड़े स्तर पर दिया जाएगा और क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।’
‘अमेरिकी नेवी हेडक्वॉर्टर को भी नुकसान’
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया कि इन हमलों का असर बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय पर भी पड़ा है। IRIB के अनुसार, ईरान के बुशहर शहर से अमेरिकी ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। बता दें कि अमेरिका ने इससे कुछ घंटे पहले बुशहर क्षेत्र को निशाना बनाया था। वहीं, कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कोशिश कर रही है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- अमेरिका ने ईरान के 80 ठिकानों पर हमले किए: अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिका ने बताया कि यह ईरान के होर्मुज में जहाजों पर हमले के जवाब में किया गया है।
- ट्रम्प बोले- ईरान से सीजफायर खत्म: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO समिट के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता (MoU) अब खत्म हो चुका है और अब वह ईरान से कोई डील नहीं करना चाहते।
- ईरान बोला- बेहरीन और कुवैत में 85 ठिकानों को निशाना बनाया: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। इसमें अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और अली अल-सलेम एयर बेस भी शामिल बताए गए।
- ईरान बोला- अमेरिका से आगे की बातचीत नहीं होगी: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकियों के माहौल में अमेरिका से कोई बातचीत या समझौता नहीं होगा, पहले अमेरिका को पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा।
- हमलों के बाद होर्मुज से भारतीय झंडे वाला जहाज वापस लौटा: CNN के मुताबिक, होर्मुज में बढ़ते तनाव के बाद कुवैत का 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा भारतीय झंडे वाला टैंकर ‘लीला वादिनार’ बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास ओमान के तट से वापस लौट गया।
लाइव अपडेट्स
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का शव इराक के नजफ से ईरान के मशहद ले जाया जा रहा है। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक, गुरुवार को मशहद में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिछले छह दिनों में खामेनेई के शव को ईरान और इराक के कई शहरों में अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया। इस दौरान नजफ और कर्बला जैसे शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में निभाई गईं।
अमेरिकी हमले के बाद तेहरान-मशहद ट्रेन सेवा बंद
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने तेहरान-मशहद रेलवे लाइन पर यात्री ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। ईरान रेलवे के मुताबिक, हमले में रेलवे लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि मौके पर तकनीकी और ऑपरेशन टीमें भेज दी गई हैं और ट्रैक की मरम्मत का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रेल सेवा जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है। जिन यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है, उन्हें सड़क मार्ग से मशहद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
ईरान ने अमेरिका को पलटवार की धमकी दी
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने X पर लिखा, “हमला करोगे तो जवाब भी मिलेगा।” गालिबाफ ने कहा कि अब अमेरिका की धमकियां और वादाखिलाफी बिना कीमत चुकाए नहीं रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी दबाव से नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर ही खुलेगा।
US ने ईरान पर एयरस्ट्राइक का VIDEO जारी किया
CENTCOM ने ईरान पर हालिया एयरस्ट्राइक का वीडियो जारी किया है। CENTCOM ने दावा किया कि 8 जुलाई को हुए इस अभियान में ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका के मुताबिक हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका ने हालिया एयरस्ट्राइक में मशहद जाने वाले रास्तों के पुलों को निशाना बनाया। IRGC के मुताबिक यह हमला खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ध्यान भटकाने और समारोह को प्रभावित करने के लिए किया गया। इससे पहले ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने गोलिस्तान प्रांत के अक टेकेह खान रेलवे ब्रिज पर सात मिसाइलें दागीं, जिनमें दो रेलवे ट्रैक पर फटीं।
ईरान पर अमेरिका के नए हवाई हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखा है। गुरुवार को कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1% की बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 78 सेंट यानी 1% बढ़कर 78.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड 74 सेंट यानी 1.01% की तेजी के साथ 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तनाव बढ़ने से होर्मुज स्ट्रेट में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिकी सेना इसका कड़ा जवाब देगी। वाशिंगटन डीसी में एक मीडिया वार्ता के दौरान वेंस ने कहा, अगर ईरान इस जलमार्ग को बंद करने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी सेना की तरफ से जवाबी कार्रवाई होगी। यही तय हुआ है। उन्होंने आगे कहा, हमारा सीधा सा समझौता यह था कि अगर आप जहाजों पर हमला करना बंद कर देंगे, तो हम अपनी नाकेबंदी हटा लेंगे। लेकिन अगर आप जहाजों पर हमला करेंगे, तो हम भी पलटवार करेंगे। वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के पास दो ही रास्ते हैं। वह या तो इस समझौते को माने, या फिर वही भुगते जो पिछली रात हुआ था। उन्होंने साफ किया कि जब तक ईरान इस समुद्री रास्ते को नहीं खोलता और जहाजों पर हमला करना बंद नहीं करता, तब तक अमेरिकी कार्रवाई जारी रहेगी।
होर्मुज के पास अब भी 9 भारतीय जहाज मौजूद
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के नौ जहाज अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 198 भारतीय नाविक सवार हैं। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, सभी भारतीय जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से मंगलवार तक भारत से जुड़े 50 भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाज, जिनमें भारत के लिए माल ले जाया जा रहा था, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित होकर गुजर चुके हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने कहा है कि उसने अमेरिका द्वारा तेहरान और अन्य इलाकों में किए गए हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। IRGC ने गुरुवार को एक बयान जारी कर बताया कि इस जवाबी कार्रवाई में कुवैत के अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस तथा बहरीन के जुफैर और शेख ईसा एयर बेस को निशाना बनाया गया।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कहा कि आज दुनिया में कई संघर्ष चल रहे हैं और अस्थिरता का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी संघर्ष सिर्फ बातचीत और कूटनीति के जरिए ही सुलझाया जा सकता है।
IRGC ने बयान जारी कर बताया हमले का कारण
ईरान का दावा है कि कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमला किया गया। IRGC ने अपने बयान में कहा कि उसकी नेवी और एयरोस्पेस यूनिट ने संयुक्त रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमला किया। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई अमेरिका के उन हमलों के जवाब में की गई है, जिन्हें ईरान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। IRGC ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने वादों और प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है।
अमेरिका ने ईरान में कई जगहों पर किया था हमला
IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय प्रांतों में कई जगहों को निशाना बनाया। इसके अलावा पूर्वी इलाकों में मशहद शहर की ओर जाने वाले 2 पुलों पर भी हमला किया गया। ईरान के मुताबिक, ये हमले ऐसे समय किए गए जब देश में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम चल रहे थे। IRGC ने अमेरिकी कार्रवाई को गुनाह बताते हुए कहा कि इससे दुनिया भर में लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा।
अमेरिका को दी और बड़े हमलों की चेतावनी
IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो ईरान की जवाबी कार्रवाई और व्यापक होगी। उसने कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को आगे भी निशाना बनाया जा सकता है। बयान में कहा गया,
‘इस्लामी योद्धा अमेरिकी सेना की आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं रहेंगे। अगर अमेरिका ने अपनी कार्रवाई दोहराई तो इसका जवाब और भी बड़े स्तर पर दिया जाएगा और क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।’
‘अमेरिकी नेवी हेडक्वॉर्टर को भी नुकसान’
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया कि इन हमलों का असर बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय पर भी पड़ा है। IRIB के अनुसार, ईरान के बुशहर शहर से अमेरिकी ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। बता दें कि अमेरिका ने इससे कुछ घंटे पहले बुशहर क्षेत्र को निशाना बनाया था। वहीं, कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कोशिश कर रही है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- अमेरिका ने ईरान के 80 ठिकानों पर हमले किए: अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिका ने बताया कि यह ईरान के होर्मुज में जहाजों पर हमले के जवाब में किया गया है।
- ट्रम्प बोले- ईरान से सीजफायर खत्म: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO समिट के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता (MoU) अब खत्म हो चुका है और अब वह ईरान से कोई डील नहीं करना चाहते।
- ईरान बोला- बेहरीन और कुवैत में 85 ठिकानों को निशाना बनाया: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। इसमें अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और अली अल-सलेम एयर बेस भी शामिल बताए गए।
- ईरान बोला- अमेरिका से आगे की बातचीत नहीं होगी: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकियों के माहौल में अमेरिका से कोई बातचीत या समझौता नहीं होगा, पहले अमेरिका को पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा।
- हमलों के बाद होर्मुज से भारतीय झंडे वाला जहाज वापस लौटा: CNN के मुताबिक, होर्मुज में बढ़ते तनाव के बाद कुवैत का 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा भारतीय झंडे वाला टैंकर ‘लीला वादिनार’ बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास ओमान के तट से वापस लौट गया।
लाइव अपडेट्स
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का शव इराक के नजफ से ईरान के मशहद ले जाया जा रहा है। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक, गुरुवार को मशहद में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिछले छह दिनों में खामेनेई के शव को ईरान और इराक के कई शहरों में अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया। इस दौरान नजफ और कर्बला जैसे शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में निभाई गईं।
अमेरिकी हमले के बाद तेहरान-मशहद ट्रेन सेवा बंद
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने तेहरान-मशहद रेलवे लाइन पर यात्री ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। ईरान रेलवे के मुताबिक, हमले में रेलवे लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि मौके पर तकनीकी और ऑपरेशन टीमें भेज दी गई हैं और ट्रैक की मरम्मत का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रेल सेवा जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है। जिन यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है, उन्हें सड़क मार्ग से मशहद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
ईरान ने अमेरिका को पलटवार की धमकी दी
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने X पर लिखा, “हमला करोगे तो जवाब भी मिलेगा।” गालिबाफ ने कहा कि अब अमेरिका की धमकियां और वादाखिलाफी बिना कीमत चुकाए नहीं रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी दबाव से नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर ही खुलेगा।
US ने ईरान पर एयरस्ट्राइक का VIDEO जारी किया
CENTCOM ने ईरान पर हालिया एयरस्ट्राइक का वीडियो जारी किया है। CENTCOM ने दावा किया कि 8 जुलाई को हुए इस अभियान में ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका के मुताबिक हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका ने हालिया एयरस्ट्राइक में मशहद जाने वाले रास्तों के पुलों को निशाना बनाया। IRGC के मुताबिक यह हमला खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ध्यान भटकाने और समारोह को प्रभावित करने के लिए किया गया। इससे पहले ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने गोलिस्तान प्रांत के अक टेकेह खान रेलवे ब्रिज पर सात मिसाइलें दागीं, जिनमें दो रेलवे ट्रैक पर फटीं।
ईरान पर अमेरिका के नए हवाई हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखा है। गुरुवार को कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1% की बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 78 सेंट यानी 1% बढ़कर 78.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड 74 सेंट यानी 1.01% की तेजी के साथ 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तनाव बढ़ने से होर्मुज स्ट्रेट में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिकी सेना इसका कड़ा जवाब देगी। वाशिंगटन डीसी में एक मीडिया वार्ता के दौरान वेंस ने कहा, अगर ईरान इस जलमार्ग को बंद करने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी सेना की तरफ से जवाबी कार्रवाई होगी। यही तय हुआ है। उन्होंने आगे कहा, हमारा सीधा सा समझौता यह था कि अगर आप जहाजों पर हमला करना बंद कर देंगे, तो हम अपनी नाकेबंदी हटा लेंगे। लेकिन अगर आप जहाजों पर हमला करेंगे, तो हम भी पलटवार करेंगे। वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के पास दो ही रास्ते हैं। वह या तो इस समझौते को माने, या फिर वही भुगते जो पिछली रात हुआ था। उन्होंने साफ किया कि जब तक ईरान इस समुद्री रास्ते को नहीं खोलता और जहाजों पर हमला करना बंद नहीं करता, तब तक अमेरिकी कार्रवाई जारी रहेगी।
होर्मुज के पास अब भी 9 भारतीय जहाज मौजूद
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के नौ जहाज अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 198 भारतीय नाविक सवार हैं। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, सभी भारतीय जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से मंगलवार तक भारत से जुड़े 50 भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाज, जिनमें भारत के लिए माल ले जाया जा रहा था, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित होकर गुजर चुके हैं।







