पटना में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शिक्षक दिवस समारोह राजनीति की भेंट चढ़ गया। समारोह में शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर से पंगा ले बैठे शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ही नहीं आये। रही सही कसर शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक का बिना नाम लिये उन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने शिक्षकों से साफ कहा‚ ड़रे नहीं‚ हम साथ हैं। मंत्री ने कहा कि निरीक्षण होना चाहिए‚ लेकिन उसका उद्ेश्य दंड़ात्मक नहीं होना चाहिए। शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माता हैं।
शिक्षा मंत्री पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मंत्री ने साफ कहा कि हड़़बड़़ी में निर्णय लेने से सरकार की किरकिरी हो रही है। उन्होंने लगे हाथ नसीहत भी दे ड़ाली अधिकारी हड़़बड़़ी में कोई निर्णय नहीं ले। मंत्री ने शिक्षा विभाग में आउटसोसिग से कराये जा रहे कार्य पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा आउटसोसिग के माध्यम से दलाल और उचक्कों को विभाग में तरजीह दी जा रही है। हम जांच करायेंगे। इस मौके पर मंत्री ने कहा कि दिसम्बर में और करीब एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। दस लाख लोगों को रोजगार देने के लक्ष्य को पूरा किया जायेगा। हर जिले में परीक्षा भवन भी बनेगा। पटना से इसकी शुरुआत हो चुकी है। शिक्षकों के स्थानांतरण का पोर्टल भी तैयार हो रहा है। पोर्टल तैयार होने के बाद स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन लिये जायेंगे। मंत्री ने कहा कि बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में पोशाक‚ साइकिल‚कन्या उत्थान जैसी योजनाएं चलायी जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि रहा हैं। अहिंसा का पाठ बिहार ने ही पूरी देश दुनिया को पढ़ाया। समारोह में शिक्षक कल्याण कोष में अधिकतम राशि जमा करने वाले तीन जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। जिसमें प्रथम आने वाला जिला नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी केशव प्रसाद‚द्वितीय आने वाला जिला पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार तथा तृतीय स्थान पाने वाले जिला बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत का नाम शामिल है। इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने बीस शिक्षकों को सम्मानित भी किया। समारोह में बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया।







