लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों की बेंगलुरु में सियासी बैठक का आज यानी मंगलवार (18 जुलाई) को दूसरा दिन है. वहीं, दिल्ली में मंगलवार को बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन होना है. बीजेपी का दावा है कि एनडीए की इस बैठक में 38 राजनीतिक दल शामिल होने वाले हैं.
विपक्षी दलों की पहले दिन की बैठक में 26 सियासी दलों के नेता शामिल हुए. इनमें आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से लाए गए दिल्ली अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद केजरीवाल ने इस मीटिंग में जाने का एलान किया था.
मिशन 2024 के लिए विपक्ष की मीटिंग
जून में पटना में हुए विपक्षी दलों के महाजुटान के बाद मिशन 2024 के लिए हुई इस बैठक में शामिल हुए 26 पार्टियों ने 6 एजेंडों पर बातचीत की. मंगलवार को इस बैठक का दूसरा दिन है, जिसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. सोमवार (17 जुलाई) को विपक्षी दलों की बैठक करीब पौने दो घंटे तक चली, जिसमें गठबंधन की दिशा में ठोस फैसले लेने की ओर कदम बढ़ाए गए.
जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए विपक्षी दलों के बीच कॉमन मिनिमम प्रोगाम, राज्य के आधार पर सीटों के बंटवारे के लिए कमेटी, गठबंधन के लिए नाम और नेतृत्व की कमान, एनडीए के खिलाफ साझा उम्मीदवार उतारने और गठबंधन के लिए संयोजक की भूमिका समेत कई एजेंडों पर चर्चा हुई.
यूपी-बिहार में अमित शाह की सेटिंग
विपक्षी दलों की रणनीति को काउंटर करने के लिए बीजेपी ने भी कमर कस ली है. एनडीए की 25वीं सालगिरह पर दिल्ली में होने जा रही मीटिंग में 38 पार्टियों के शामिल होने की संभावना है. लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एनडीए को मजबूत करने के लिए बीजेपी ने पुराने सहयोगियों से संपर्क साधा है. इसी के साथ यूपी, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों के छोटे सियासी दलों को साथ लाने की कोशिशें भी पुरजोर तरीके से की जा रही हैं.
एनडीए की बैठक में मंगलवार को शामिल होने के लिए कई पार्टियों के नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं. एक दिन पहले ही एलजेपी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह से मुलाकात की. बिहार की बात करें तो बीजेपी के साथ जीतनराम मांझी की पार्टी हम, पशुपति पारस के नेतृत्व वाली एलजेपी, आरएलएसपी (उपेंद्र कुशवाहा) और चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) एनडीए की बैठक में शामिल होंगी.
पुराने सहयोगियों पर बीजेपी खेल रही दांव
वहीं, देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर एनडीए में वापसी करने वाली ओपी राजभर की एसबीएसपी और गठबंधन की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के इस बैठक में शामिल होने की संभावना है. वहीं, सियासी गलियारों में जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी के भी एनडीए में शामिल होने की अटकलें जारी हैं. हालांकि, जयंत चौधरी ने इन अटकलों से इनकार किया है.
लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर विपक्षी दलों की बैठक में सियासी माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है. वहीं, एनडीए की बैठक में पुराने गठबंधन सहयोगियों को फिर से साथ लाने के प्रयास हो रहे हैं. खैर, लोकसभा चुनाव 2024 में कौन किस पर भारी पड़ने वाला है, इसका जवाब समय की गर्त में छिपा हुआ है.







