पटना में बुधवार सुबह पुलिस ने किसान सलाहकारों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस वालों ने सड़क पर गिरा-गिराकर लाठियां बरसाईं। इसके बाद सभी को वहां से लाठियां बरसाते हुए खदेड़ा। ये सभी विधानसभा के लिए निकले थे। लाठीचार्ज में कोई लोग घायल हुए हैं। महिलाओं को भी चोटें आई हैं।
वहीं, एसडीएम एसडीएम सदर श्रीकांत कुंडलीक खांडेकर ने कहा कि हल्का बल प्रयोग किया गया है।
पटना के आर ब्लॉक के पास बुधवार को हजारों किसान सलाहकार अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। जनसेवक के पद पर समायोजित करने की मांग को लेकर सभी विधानसभा घेराव करने निकले थे। पुलिस ने सभी को लौटने के लिए कहा, लेकिन वो नहीं माने और आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
सलाहकार बोले- हम लोगों को जनसेवक का दर्जा दिया जाए
किसान सलाहकारों का कहना है कि पिछले 13 साल से बिहार सरकार हम लोगों को ठगने का काम कर रही है। हम लोगों को जनसेवक का दर्जा दिया जाए। अपनी मांग को लेकर हम विधानसभा घेराव के लिए निकले हैं। नीतीश सरकार से अपील है कि हम लोगों की मांग को गंभीरता से ले। हम लोगों ने पहले भी कई बार सरकार ने अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की है, लेकिन सरकार ने अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया।
एसडीएम बोले-हल्का बल प्रयोग
एसडीएम सदर श्रीकांत कुंडलीक खांडेकर ने कहा शुरुआत में हल्का-फुल्का बल प्रयोग किया गया है। उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए हमने पहले उन्हें समझाने की कोशिश की। सभी से अपील थी कि आप लोगे गर्दनीबाग धरना स्थल चले जाएं, लेकिन जब वह नहीं माने तो उन पर हमें हल्का-फुल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
किसान सलाहकारों को अपनी बात रखने का पूरा मौका भी दिया गया, लेकिन वह फिर भी नहीं माने इस वजह से हमें बल प्रयोग करना पड़ा और कुछ गिरफ्तारियां भी की गई हैं, क्योंकि उन लोगों ने धारा 144 की अवहेलना की है।
पूरे प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा किसान सलाहकार
बिहार में पंचायत स्तर पर 8 हजार 463 किसान सलाहकार का पद स्वीकृत हैं, लेकिन नियुक्त छह हजार के आसपास है। इनकी नियुक्ति 13 साल पहले हुई थी। शुरुआत में इनका वेतन ढाई हजार रुपए था, लेकिन बाद में बढ़कर 13 हजार रुपए हो गया।







