कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को मणिपुर के मोइरांग शहर में राहत शिविरों का दौरा करेंगे. पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि राहुल गांधी दिन में मणिपुर की राजधानी में राहत शिविरों का दौरा करने के साथ ही इंफाल में कुछ बुद्धिजीवियों तथा नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे. राहुल आज सिविल सोसाइटी के मेंबर्स से भी मुलाकात करेंगे।
राहुल ने राहत शिविरों का किया था दौरा
राहुल ने बृहस्पतिवार को चुराचांदपुर में राहत शिविरों का दौरा किया था, जो जातीय दंगों से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में से एक है. जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर के चुराचांदपुर में राहत शिविरों के राहुल गांधी के दौरे को लेकर बृहस्पतिवार को उस वक्त नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता के काफिले को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया और उन्हें अपने गंतव्य तक हेलीकॉप्टर से जाना पड़ा.
A day after he was stopped by a huge #ManipurPolice contingent, #Congress leader #RahulGandhi on Friday visited relief camps in Moirang, Bishnupur district, where he met people affected by the ethnic violence. #Manipur_Violence pic.twitter.com/lSb1vVg2TN
— IANS (@ians_india) June 30, 2023
इससे पहले राहुल गुरुवार को मणिपुर पहुंचे। दौरे के पहले दिन राहुल ने चूराचांदपुर में रिलीफ कैंप में पीड़ितों से मिले थे।
हालांकि, चूराचांदपुर पहुंचने से पहले राहुल का काफिला बिष्णुपुर में रोका गया था। पुलिस ने कहा था कि हिंसा की आशंका के चलते काफिला रोका गया है। इसके बाद राहुल हेलिकॉप्टर से चूराचांदपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा था- मैं मणिपुर के अपने सभी भाई-बहनों को सुनने आया हूं। सभी समुदायों के लोग बहुत स्वागत और प्रेम कर रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही है।
पुलिस ने विष्णुपुर में रोका था राहुल का काफिला
इससे पहले गुरुवार को राहुल हिंसाग्रस्त चूराचांदपुर रिलीफ कैंप जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने करीब 34 किलोमीटर पहले विष्णुपुर में उनका काफिला रोक दिया था। पुलिस ने कहा था- रास्ते में हिंसा हो सकती है। इसके बाद वे इंफाल लौट आए थे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बिष्णुपुर जिले में हाईवे पर टायर जलाए गए थे और काफिले पर कुछ पत्थर फेंके गए थे। इसलिए सावधानी रखते हुए काफिले को विष्णुपुर में रोका गया। राहुल का काफिला रोके जाने के बाद यहां एक गुट उनके समर्थन में जबकि दूसरा उनके विरोध में प्रदर्शन कर रहा है। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
असम CM बोले- अगर सॉल्यूशन नहीं ला सकते, तो दूर रहें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि अगर राहुल मणिपुर की समस्या के लिए कोई सॉल्यूशन नहीं ला सकते तो उन्हें इससे दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा- राज्य और केंद्र सरकार स्थिति को काबू में करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में किसी नेता को वहां नहीं जाना चाहिए।
कांगपोकपी में दो की मौत, इंफाल में भीड़ हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे
सेना ने गुरुवार को बताया कि हथियार लिए दंगाइयों ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुबह 5:30 बजे गोलीबारी की। सेना ने इसका जवाब दिया। गोलीबारी में दो संदिग्ध दंगाई मारे गए और पांच घायल हो गए।
गोलाबारी में मारे गए लोगों के समुदाय के सदस्यों ने उनके शव लेकर इंफाल में CM हाउस तक जुलूस निकालने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोका तो जुलूस में शामिल लोग हिंसक हो गए। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कांगपोकपी में गुरुवार शाम को भी दंगाइयों और सेना के बीच गोलीबारी हुई।







