केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुवार को लखीसराय दौरे से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हर कोई राज्य में आने के लिए स्वतंत्र है। बता दें कि 23 जून को पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह पहला बिहार दौरा है। वहीं, किसी किसी शीर्ष भाजपा नेता की भी पहली यात्रा है।
नीतीश ने दूसरी बार टाला सवाल
सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को पत्रकारों से बात की। हालांकि, वह मीडिया की ओर से समान नागरिक संहिता पर मोदी सरकार के जोर दिए जाने के सवालों को टाल गए। यह दूसरी बार है जब सीएम ने यूसीसी का सवाल टाला है। इससे पहले विपक्षी एकता की बैठक के बाद गर्मी ज्यादा होने का हवाला देते हुए यूसीसी (UCC, समान नागरिक संहिता) का सवाल टाल दिया था।
नीतीश बोले- बैठक खत्म हो गई…
मुख्यमंत्री ने अमित शाह की लखीसराय यात्रा पर पूछे गए सवाल के जवाब में बस इतना ही कहा कि हर कोई यहां आने के लिए स्वतंत्र है। हर किसी को बिहार आने का अधिकार है। बता दें कि पटना में विपक्षी दलों की बैठक की मेजबानी स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी। इस बैठक को लेकर जब सीएम से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बैठक खत्म हो गई है… हम इस पर बाद में बोलेंगे।
पोस्टर से पार्टी का लेना-देना नहीं: जदयू प्रवक्ता
दूसरी ओर भाजपा समर्थकों ने इसके खिलाफ विपक्षी एकता की आलोचना करते हुए पोस्टर लगाए हैं। इस पोस्टर युद्ध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सत्तारूढ़ जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी का इन पोस्टरों से कोई लेना-देना नहीं है।
यह पोस्टर कार्यकर्ताओं ने ही बनाए हैं और उन्होंने ही इन्हें शहर में लगाया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पोस्टरों में दिए गए संदेशों में कुछ भी गलत नहीं है और उन्होंने जानना चाहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी एनडीए सरकार द्वारा लोगों से किए गए वादों का क्या हुआ।







