जी20 देशों के श्रम संबंधी मामलों का शिखर सम्मेलन पटना के ज्ञान भवन में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में भारत, अमरीका, रूस, चीन, फ्रांस, जर्मनी, जापान और यूरोपीय यूनियन समेत 28 देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। आयोजन की नोडल अधिकारी वंदना प्रेयसी ने बताया कि सदस्य देशों के एक सौ पचास प्रतिनिधि के सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। बैठक में श्रम संबंधी विषयों पर मुख्य रूप से चर्चा हो रही है।
बिहार में जी-20 समिट के लेबर समिट की शुरुआत हो गई है। बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्नवाथ आर्लेकर ने समिट की विधिवत शुरुआत की। पटना के ज्ञान भवन में आज से 28 देशों के प्रतिनिधि दो दिनों तक महिलाओं को पुरुषों के बराबर सैलरी और देशभर में एक मिनिमम वेज के मुद्दों पर मंथन करेंगे।
इस समिट में लेबर कार्य समूह L-20 के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। भारत समेत 28 देशों के 173 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इनके आने पर पटना एयरपोर्ट पर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। पटना पहुंचने के बाद प्रतिनिधियों ने बिहार म्यूजियम देखने गए।
डिलीवरी ब्वॉय की सेफ्टी की पहली बार गारंटी देगा जी-20 सम्मेलन
ऑनलाइन वस्तुओं को घर-घर तक पहुंचाने वाले डिलीवरी बॉय की सुरक्षा की पहली बार विश्वव्यापी गंभीर कोशिश की जा रही है। पटना शहर उसका साक्षी बनने जा रहा है। मौका है जी-20 समूह का एल-20 शिखर सम्मेलन। इस सम्मेलन में पहली बार डिलीवरी बॉय की सुरक्षा की बात होगी और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा योजना तय की जाएगी। दरअसल ई-कॉमर्स का कारोबार (गिग प्लेटफार्म इकोनॉमी) लगातार बढ़ता जा रहा है पर उनका न तो कोई अपना संगठन है और न ही उनके लिए अब तक किसी स्तर पर आवाज उठाई गई है।
पटना की बैठक में पूरी दुनिया के मजदूरों श्रमिकों के बीच स्किल गैप, गिग प्लेटफार्म इकोनॉमी और सामाजिक सुरक्षा का सतत वित्तपोषण के मुद्दे उठाये जाएंगे। मुख्य मुद्दा श्रम कानून और श्रमिक सुरक्षा ही है। समन्वय की जिम्मेदारी भाजपा से जुड़े मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की है। बीएमएस के संगठन मंत्री पवन कुमार का कहना है ऑनलाइन वस्तुओं की डिलेवरी में युवा मजदूर लाखों की संख्या में लगे हुए हैं। उसे ही गिग प्लेटफार्म कहा जाता है। अब तक उनके लिए कोई सामाजिक सुरक्षा योजना नहीं लाई गई है।
बैठक को पटना समिट का दिया जाएगा नाम, अगले महीने 20 देशों के श्रम मंत्री करेंगे मंथन
हिरमण्य पांड्या ने बताया कि बैठक में 5 टास्क फोर्स बनाए गए हैं। जिस पर अलग से चर्चा होगी। इसमें मुख्य रूप से स्किल ट्रेनिंग, सामाजिक सुरक्षा की फंडिंग, असंगठित क्षेत्रों के सामाजिक सुरक्षा मुहैया करना आदि विषय शामिल किए गए हैं।
आखिर में इस बैठक से निकले अहम बिंदुओं को शामिल कर इसे पटना समिट के नाम से घोषित किया जाएगा। इस समिट से निकले निष्कर्षों के क्रियान्वयन पर अगले महीने इंदौर में आयोजित G-20 की बैठक में चर्चा होगी। इसमें सभी 20 देशों के श्रम मंत्री हिस्सा लेंगे।

इन देशों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा
पंड्या ने कहा कि इस सम्मेलन में भारत समेत 28 देशों के 173 प्रतिनिधि भाग लेंगे। जी-20 में शामिल देशों के अतिरिक्त आठ देशों-बांग्लादेश, मिस्र, मॉरिशस, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात को आमंत्रित किया है।
इसके साथ ही इंटरनेशनल सोलर एलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर और एशियन डेवलपमेंट बैंक को भी इस समिट में आमंत्रित किया गया है। इनके अलावा साथ ही विदेशी एक्सपर्ट का प्रतिनिधि मंडल और भारत के ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
पटना में आयोजित हो रही L-20 क्या है
G-20 के 11 सहयोगी और कामकाजी समूहों में से एक L-20 है। इसका पूरा नाम लेबर-20 होता है। यह गैर-सरकारी प्रयासों के नेतृत्व में है। यह वैश्विक स्तर पर श्रम और रोजगार संबंधित मुद्दों पर चर्चा करता है।
श्रमिकों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। यह फोरम G-20 देशों के 66% आबादी और लगभग 75% वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी मजदूर संगठनों को एक मंच पर लाने की कोशिश करता है।
एडिशनल कलेक्टर और एसपी रैंक के अधिकारियों को सुरक्षा में लगाया गया
विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम के 10 महत्वपूर्ण जगहों पर सीनियर मजिस्ट्रेट यानी एडिशनल कलेक्टर के साथ सिटी एसपी को तैनात किया गया है।
इसमें पटना एयरपोर्ट, ज्ञान भवन, बापू सभागर, होटल मौर्या, पनास, लेमन ट्री आदि शामिल है। पटना में विदेशी मेहमानों के रहने के दौरान चार दिनों तक गंगा में नदी गश्ती की जाएगी। इसके साथ ही शहर में आने वाले सभी महत्वपूर्ण सड़कों पर सघन जांच की जाएगी।







