ADVERTISEMENT
Monday, August 3, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा से जुड़ी एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार , तीन जुलाई को होगी सुनवाई

UB India News by UB India News
June 21, 2023
in कानून, खास खबर, पूर्वी भारत
0
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा से जुड़ी एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार , तीन जुलाई को होगी सुनवाई
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मणिपुर हिंसा से जुड़ी एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। दरअसल, मणिपुर ट्राइबल फोरम की ओर से दायर इस याचिका में मांग की गई थी कि राज्य में रहने वाले कुकी समुदाय की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय सेना को दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए याचिका पर तीन जुलाई को सुनवाई के लिए भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि यह पूरी तरह कानून और व्यवस्था का मसला है। इस बीच केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हैं।

सोमवार को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राहत कैम्पों का दौरा किया। वे बिरहारी कॉलेज, खुंद्राकपम और हिंगांग में पहुंचे। इस दौरान बीरेन सिंह ने कहा, ‘हिंसा रोकें, वरना परिणाम भुगतने तैयार रहें। मैं हथियारों से लैस मैतेई लोगों से भी अपील करता हूं कि वे किसी पर हमला न करें और शांति बनाए रखें ताकि हम राज्य में सामान्य स्थिति बहाल कर सकें।’

RELATED POSTS

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

CM बीरेन सिंह ने ये बात 18-19 जून की रात कांटो सबल से चिंगमांग गांव की तरफ की गई गोलीबारी में घायल भारतीय सेना के जवान को लेकर कही। उन्होंने यह भी कहा कि वे सुरक्षा की समीक्षा करेंगे कि ये घटना कैसे हुई।

हिंसा प्रभावितों के लिए बनाए जाएंगे 4000 अस्थायी घर
राहत शिविरों में पीड़ितों से मिलने के बाद मणिपुर सीएम ने कहा, “मैंने कुछ राहत शिविरों का दौरा किया, लेकिन अभी और लोग भी पीड़ित हैं। राज्य सरकार उनके लिए प्री-फैब्रिकेटेड घरों का निर्माण करने जा रही है। लगभग 3000-4000 घर बनाए जाएंगे। हम उस जगह की तलाश कर रहे हैं जहां निर्माण किया जा सके।

मणिपुर में दो गुटों में शुरू हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. मई के दूसरे हफ्ते में शुरू हुई हिंसा अब इस हद तक पहुंच चुकी है कि भीड़ हाथ में कुल्हाड़ी, डंडे, और गुलेल लेकर पुलिस थानों तक पर हमला कर दे रही है और वहां से हथियारों को लूट कर लेकर चली जा रही है.मणिपुर पुलिस ने इस घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है, और बताया है कि लगभग 10 हजार से अधिक महिलाओं-पुरुषों ने हाथ में कुल्हाड़ी, तलवार और गुलेल लेकर पुलिस थाने के शस्त्रागार (वह जगह जहां हथियार रखे जाते हैं) में रखे महत्वपूर्ण हथियार जैसे कि रायफल, कर्बाइन लूट लिए हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा शुरू होने के बाद से खबर लिखे जाने तक मणिपुर पुलिस ने ऐसी 22 घटनाओं की एफआईआर दर्ज कराई है जिसमें पुलिस ने अपने ऊपर हमला होने और हथियार लूटे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हिंसा के हालात ऐसे हैं कि राज्य में पुलिस ही नहीं सुरक्षित है तो फिर आम लोगों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है.

क्या कर रही है राज्य सरकार? 
बीते रविवार को मई से चल रही हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के सीएम मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोमवार (19 जन) को लोगों को चेतावानी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने राज्य में हिंसा बंद नहीं की तो, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे. सिंह ने पत्रकारों के जरिए संदेश देते हुए कहा, इस हिंसा को बंद कर दीजिए वरना, परिणाम भुगतने होंगे. मैं  हथियार थामे मेइती लोगों से अपील करता हूं कि वे किसी पर हमला न करें और शांति बनाए रखें, ताकि हम राज्य में सामान्य हालात बहाल कर सकें.

मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में रविवार देर रात 11 बज कर करीब 45 मिनट पर अज्ञात लोगों ने बिना उकसावे के गोलीबारी शुरू कर दी जिसमें सेना का एक जवान चोटिल हो गया.एक अधिकारी ने बताया कि जवान को लीमाखोंग के सैन्य अस्पताल ले जाया गया और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. अधिकारी के अनुसार, घटना लीमाखोंग (चिंगमांग) के कांतो सबाल गांव में घटी. घटना के बाद सेना के जवानों ने इलाके में ग्रामीणों की उपस्थिति का ध्यान रखते हुए सीमित गोलीबारी की.

कुकी संगठन का दावा- BJP उम्मीदवार को चुनाव जिताया था
ऑल मणिपुर बार एसोसिएशन ने एचएमओ अमित शाह से केएनओ और यूकेएलएफ के बयान के बारे में जवाब मांगा है जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के बदले में बीजेपी के साथ सौदा किया था। इसलिए कुकी अब भारत सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं।

दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुकी संगठन के अध्यक्ष ने दावा किया है कि उनके संगठन ने राम माधव और हिमंत बिस्वा सरमा के साथ एक समझौते के अनुसार 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को जीतने में मदद की थी।

बेलगाम हो चुकी मणिपुर हिंसा के कारण लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। कई गांव वीरान हैं। सूत्रों के अनुसार लगभग 20 से ज्यादा गांवों में दूसरे गुटों ने कब्जा कर लिया है। जहां मैतेई समुदाय का दबदबा है उन्होंने कुकी गांवों पर कब्जा कर लिया, जहां पर कुकी समुदाय का दबदबा है उन्होंने मैतेई गांवों पर कब्जा कर लिया। सभी घर भी कब्जे में ले लिए हैं।

कब्जा कायम रखने के लिए दोनों ही गुट लगभग 200 से ज्यादा बंकरों से निगरानी भी कर रहे हैं। इन बंकरों में अत्याधुनिक हथियारों से लैस लड़ाके नियमित चौकसी करते हैं।

बिष्णुपुर के ग्वंताबी, चेयरेल मंग्जिंग, फोउगक्चाओ इखाई अवांग लेकाई के पश्चिमी हिस्से और लेइगांग में कई जगह पर मैतेई लोगों के बंकर हैं। चूराचांदपुर जिले के कंग्वाई, मोल्होई, सोंग्दो, मोंग्या, चवुंग्फाई और फोल्जांग में कुकी लोगों के बंकर हैं। रविवार रात कुछ कुकी लोगों ने बिष्णुपुर के नपत और तंग्जेंग गांव पर कब्जा कर लिया।

दरअसल, सरकार ने फरवरी में चूराचांदपुर और नोने के जनजाति बहुल गांवों की जमीन को संरक्षित वन की श्रेणी में डाल दिया था। इसे लेकर हिंसा भी हुई थी। मणिपुर का क्षेत्रफल 22327 वर्ग किमी है। लगभग 32 लाख की आबादी वाले मणिपुर में 55% मैतेई और 35% कुकी-नगा हैं।

मैतेई के पास 10% और कुकी-नगा के पास 90% जमीनों का कब्जा है। राज्य सरकार कानून बदल कर कुकी-नगा कब्जे वाली जमीनों को संरक्षित वन क्षेत्र घोषित कर रही है। उससे कुकी-नगा में जमीनें छिनने का खौफ है।

गांव के बंकरों में सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल
मैतेई और कुकी संगठनों राज्य के कुछ हिस्सों में मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाने के मामले भी सामने आए हैं। बंकरों में कई हथियारबंद लड़ाके सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करते हैं। इसी के जरिए अपने गुटों के साथ संपर्क में रहते हैं। मोबाइल नेटबंदी के कारण हिंसक गुटों के लिए सैटेलाइट फोन से संपर्क करने में आसानी भी रहती है। सूत्रों के अनुसार मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में हाल में बनाए गए कुछ बंकरों तक सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच तक भी नहीं है।

मणिपुर हिंसा से जुड़े अपडेट्स…

  • इंफाल वेस्ट जिले के एमएच लेइमाखोंग में सोमवार को फायरिंग में सेना का एक जवान घायल हो गया। भीड़ ने खमेन्लोक में एक चर्च, इंफाल और बिष्णुपुर में 100 से ज्यादा घरों को जला दिया।
  • यरीपोक में रेडीमेड कपड़ाें से भरे एक ट्रक को फूंक डाला। इंफाल में डबल लेयर सिक्योरिटी लगाई गई है। इंफाल के बाहरी इलाकों में सीआरपीएफ और भीतरी इलाकों में पुलिस को तैनात है।
  • मणिपुर के 30 विधायक, मंत्री और सांसद सोमवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिले। कुछ कुकी लोगों ने इंफाल के सेक्माई-फायेंग में गोलियां चलाईं। नेशनल हाईवे-2 पांचवें दिन भी बंद रहा।

36 घंटों में 249 चर्च नष्ट किए गए- आर्क बिशप
द पिलर की एक रिपोर्ट के अनुसार 3 मई से शुरू हुई हिंसा के बीच लगभग 249 चर्चों को नष्ट कर दिया गया है। इम्फाल के आर्कबिशप डोमिनिक लुमोन ने 15 जून को अपने साथी कैथोलिक बिशप को 11 पन्नों का लेटर लिखा था। जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य में हो रही हिंसा एक धार्मिक संघर्ष है। हिंसा शुरू होने के 36 घंटों के अंदर ही 249 चर्चाें को नष्ट कर दिया गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि इंटरनेट बैन और रिपोर्टिंग बैन के बीच मौजूदा स्थिति का आकलन करना मुश्किल है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

by UB India News
August 3, 2026
0

ग्लास्गो  में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया...

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

by UB India News
August 3, 2026
0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत और समापन...

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

by UB India News
August 3, 2026
0

देश में 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता Bharatiya Nyaya Sanhita , BNS 2023 ने भारतीय दंड संहिता...

Next Post
क्यों पिछली यात्राओं से ज्यादा अहम है पीएम मोदी की ये अमेरिकी यात्रा

क्यों पिछली यात्राओं से ज्यादा अहम है पीएम मोदी की ये अमेरिकी यात्रा

पीएम मोदी ने अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में चीन के साथ रिश्तों पर रखा अपना विजन

पीएम मोदी ने अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में चीन के साथ रिश्तों पर रखा अपना विजन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend