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क्यों पिछली यात्राओं से ज्यादा अहम है पीएम मोदी की ये अमेरिकी यात्रा

UB India News by UB India News
June 21, 2023
in अन्तर्राष्ट्रीय, खास खबर
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क्यों पिछली यात्राओं से ज्यादा अहम है पीएम मोदी की ये अमेरिकी यात्रा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ना सिर्फ देश के बल्कि वैश्विक नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. पीएम मोदी की ग्लोबल इमेज का अंदाजा उनकी विदेशी यात्राओं से आसानी से लगाया जा सकता है क्या ऑस्ट्रेलिया क्या यूके और क्या अमेरिका जब भी जहां भी पीएम मोदी ने अपनी उपस्थ्ति दर्ज कराई है उन्होंने हर किसी को अपनी व्यक्तित्व का मुरीद बना लिया है. सेंटर ऑफ अट्रैक्शन होने के साथ-साथ वह हर वर्ग से जुड़ने में माहिर भी हैं. पीएम मोदी को लेकर इन दिनों चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि वे जल्द ही अमेरिकी दौरे पर जा रहे हैं. 21 जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका पहुंच जाएंगे. यूएस की उनकी ये यात्रा अब तकी सभी यात्राओं से काफी अहम है, आइए जानते हैं इसके पीछे क्या वजह हैं.

इन वजहों से अहम है पीएम मोदी की ये अमेरिका यात्रा

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1. स्टेट विजिट
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अमेरिका यात्रा को जो नाम दिया गया है वो है स्टेट विजिट. स्टेट विजिट का मतलब होता है राजकीय यात्रा. खास बात यह है कि ये सम्मान का प्रतीक होता है. यही नहीं ये किसी विदेशी यात्रा के दौरान दिए जाने वाला सबसे उच्च सम्मान भी है. ये सम्मान अबतक काफी चुनिंदा लोगों को ही दिया गया है.

2. अमेरिकी संसद में दो बार भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यूएस यात्रा के दौरान अमेरिकी संसद में भाषण देंगे. दरअसल अब तक के भारतीय इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी संसद में दो बार भाषण नहीं दिया है. ये पीएम मोदी का दूसरा संबोधन होगा. बता दें कि ये कांग्रेस का संयुक्त संबोधन है. पूरी दुनिया में नेल्सन मंडेला और विंस्टन चर्चिल जैसे कुछ ही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका की संसद में एक अधिक बार संबोधन दिया है.

3.अमेरिकी राष्ट्रपति को मिलता है एक ही मौका
अमेरिका के राष्ट्रपति के पास अपने चार वर्ष के कार्यकाल में सिर्फ एक ही मौका होता है जब वो किसी देश के नेता की मेजबानी राजकीय सम्मान के साथ कर सकता है. इस तरह के सम्मान के दौरान काफी बड़ा समारोह होता है. ये दुर्लभ सम्मानों में से एक माना जाता है.

अमेरिका में स्टेट विजिट के अलावा ये भी हैं सम्मान
अमेरिका में किसी भी देश के नेता को बुलावा दिए जाने पर जो सम्मान दिए जाते हैं उनमें खास प्रॉटोकॉल होता है. इन प्रॉटोकॉल के तहत दिए जाने वाले सम्मानों में आधिकारिक विजिट, आधिकारिक वर्किंग विजिट या सरकारी अतिथि जैसे सम्मान शामिल होते हैं. हालांकि इन सब सम्मानों से बड़ा स्टेट विजिट सम्मान होता है.

ये है स्टेट विजिट का खासियत
– इस दौरान बुलाए गए अतिथि को 21 तोपों की सलामी दी जाती है.
– सम्मान में एक फ्लाइट कार्यक्रम का आयोजन होता है.
– इस दौरान आने वाले अतिथि का अमेरिका में लैंड करते ही जोरदार स्वागत होता है
– व्हाइट हाउस में अतिथि के लिए डिनर यानी रात्रिभोज आयोजित किया जाता है
– दोनों राष्ट्र प्रमुख एक दूसरे को गिफ्ट देते हैं
-अमेरिकी प्रेसिडेंट अपने अतिथि को पेन्सिलवेनिया एवेन्यू में रुकने का न्योता देते हैं.

भारतीय प्रधानमंत्री यूएस के लिए रवाना हो चुके हैं। अमेरिका ने राजकीय यात्रा पर भारतीय प्रधानमंत्री को आमंत्रित करके भारत की अहमियत को दर्शाया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत जैसे देश की जरूरत को रेखांकित करते हुए यूएनजीए यानी संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रमुख ने एक बड़ा बयान दिया है। यूएनजीए के अध्यक्ष साबा कोरोसी ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के बीच एक धारणा है कि हसमें बेहतर प्रतिनिधियों की आवश्यकता है जिनके पास लोगों की भलाई और शांति की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में भारत निश्चित तौर पर उन देशों में से है जो दुनिया की भलाई में योगदान कर सकता हैं।

सुरक्षा परिषद में सुधार पर लंबी चर्चा

यूएनएससी के लिए भारत की उम्मीदवारी पर कोरोसी ने कहा कहा कि जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) बनाया गया था उस समय भारत ‘सबसे बड़े देशों’ में से नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि यूएनएससी में सुधार होगा। वहीं सुधार का मामला 13 वर्षों से बातचीत की प्रक्रिया में चल रहा है। सुरक्षा परिषद में सुधार की संभावित आवश्यकता पर पहली चर्चा 40 साल पहले शुरू हुई थी लेकिन कोई भी बदलाव सदस्य राज्यों के हाथों में है।

 वीटो के अधिकार के मामले में सदस्य देश दें अपनी राय

यूएनजीए के अध्यक्ष ने कहा कि सदस्य देश इस बात पर सहमति दें कि सुरक्षा परिषद में सुधार कैसे हो। स्थायी सदस्यों के मामले में, वीटो के अधिकार के मामले में, सुरक्षा परिषद और शायद संयुक्त राष्ट्र के बीच बेहतर संबंध कैसे होना चाहिए, ये सभी काम यह सब सदस्य देशों के हाथों में है। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षा परिषद के शुरुआती सुधारों के लिए शायद सबसे सक्रिय अधिवक्ताओं में से एक है। भारत को संभावित महाशक्ति देश बताते हुए यूएनजीए प्रमुख ने कहा कि जनसंख्या, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मामले में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक को भी याद किया।

पीएम मोदी दूरदृष्टा व्यक्ति: कोरोसी

कोरोसी ने पीएम नरेंद्र मोदी के बारे में अपनी बात रखते हुए कहा कि वे एक दूर दृष्टि वाले व्यक्ति, रणनीतिक सोच और गहरी परंपरा वाले व्यक्ति हैं। जो अपने राष्ट्र को एक एक बहुत गहरी परंपरा और एक स्पष्ट दृष्टि से देखते हैं। मुझे उनका अभिवादन करते हुए बहुत खुशी हो रही है।

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