गुजरात के जूनागढ़ में शुक्रवार, 16 जून की रात को हिंसा भड़क गई. मामला मजेवाड़ी गेट के पास बने मस्जिद से जुड़ा है. दरअसल, जूनागढ़ नगर निगम ने मस्जिद को नोटिस देकर 5 दिन के अंदर दस्तावेज पेश करने को कहा था. जिसके बाद लोग भड़क गए और जमकर पत्थरबाजी की. इस दौरान लोगों ने वाहनों में आग भी लगा दी. पुलिस के मुताबिक, एक व्यक्ति की मौत हुई है. आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत पत्थरबाजी की वजह से हुई है. हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत किस वजह से हुई है. वहीं पुलिस के कई जवान भी घायल हुए हैं.
पुलिस ने 174 लोगों को राउंडअप किया
एसपी जूनागढ़ रवि तेजा वासमसेट्टी ने बताया कि, “मजेवाड़ी गेट के पास एक मस्जिद को जूनागढ़ नगर निगम द्वारा 5 दिनों के भीतर दस्तावेज पेश करने का नोटिस दिया गया था. कल (शुक्रवार) वहां करीब 500-600 लोग जमा हुए थे. पुलिस उन्हें सड़क जाम नहीं करने के लिए समझा रही थी. रात करीब 10.15 बजे पथराव किया गया.” पुलिस ने बचाव में आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई। DSP के अलावा चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब तक 174 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मजेवाड़ी गेट के पास जमा भीड़ ने सड़क से गुजर रही बस के शीशे तोड़ दिए। बस में बैठे यात्रियों को चोटें आईं। इसके बाद पुलिस गाड़ियों में तोड़फोड़ और मोटर साइकिलों को भी आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया तो भीड़ ने सोडा की बोतलें फेंककर आग लगा दी। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
दरगाह हटाने के लिए 5 दिन की डेडलाइन
दरगाह को हटाने के लिए पांच दिन की डेडलाइन दी गई थी। नोटिस पर कोई जवाब नहीं मिला। जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का फैसला किया। नगर निगम की टीम शुक्रवार शाम को गिराने का नोटिस लगाने पहुंची थी, जिसके विरोध में भीड़ इकठ्ठा हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उपद्रवियों की भीड़ ने मजेवाड़ी चौक स्थित पुलिस चौकी पर भी हमला किया और जमकर तोड़फोड़ की. इस दौरान वाहनों में आग भी लगा दी गई. जिसके बाद बेकाबू भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. फिलहाल इलाके में तनाव है. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है.







