चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (Cyclone Biparjoy) 6 दिनों बाद दिशा बदलकर अब खतरनाक हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अब यह पश्चिम-उत्तर दिशा की तरफ बढ़ रहा है। इसका असर राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में दिखना शुरू हो गया है। तूफान को ‘बिपरजॉय’ नाम बांग्लादेश ने दिया है। इसका मतलब ‘विपत्ति’ या ‘आपदा’ होता है।
मौसम विभाग ने बताया कि इसके 15 जून तक गुजरात पहुंचने के आसार हैं। सौराष्ट्र, कच्छ समेत 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। उधर, इसकी वजह से राजस्थान के कई इलाकों में 16 जून तक आंधी-बारिश होने की आशंका भी है। ज्यादा असर जोधपुर और उदयपुर जिलों में देखा जा सकता है।
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (Cyclone Biparjoy) 6 दिनों बाद दिशा बदलकर अब खतरनाक हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अब यह पश्चिम-उत्तर दिशा की तरफ बढ़ रहा है। इसका असर राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में दिखना शुरू हो गया है। तूफान को ‘बिपरजॉय’ नाम बांग्लादेश ने दिया है। इसका मतलब ‘विपत्ति’ या ‘आपदा’ होता है।
मौसम विभाग ने बताया कि इसके 15 जून तक गुजरात पहुंचने के आसार हैं। सौराष्ट्र, कच्छ समेत 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। उधर, इसकी वजह से राजस्थान के कई इलाकों में 16 जून तक आंधी-बारिश होने की आशंका भी है। ज्यादा असर जोधपुर और उदयपुर जिलों में देखा जा सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया समुद्री चक्रवात बिपरजॉय को लेकर आज कच्छ का दौरा करेंगे। कच्छ में बिपरजॉय के टकराने का अनुमान है। मांडविया दौरे में तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लेंगे। समुद्री चक्रवात बिपरजॉय से गुजरात के 10 जिले प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने सर्तकता के तौर पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की तैनाती की। कच्छ और सौराष्ट्र के 12 बंदरगाहों पर 4 नंबर का सिग्नल लगाया गया है। छह अलर्ट वाले जिलों में मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है।
गुजरात में समुद्री चक्रवात बिपरजॉय को देखते हुए बीजेपी ने 15 जून तक की सभाएं रद्द कीं। आज मेहसाणा में यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सभा थी। केंद्र में मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर सभाएं रखी गई थीं। इससे पहले चक्रवात को देखते हुए कच्छ इलाके में पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है।
15 जून काे कच्छ-कराची के बीच तट से टकराएगा बिपरजॉय
IMD के मुताबिक, इसके 15 जून तक गुजरात के मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच तट पर पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 125-135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक भी जा सकती हैं। वहीं, कराची पोर्ट ने रेड अलर्ट जारी किया है।
- तूफान के चलते गुजरात में अगले चार दिन तक आंधी चलेगी। सबसे ज्यादा असर सौराष्ट्र-कच्छ इलाके में होगा।
- मौसम विभाग के अनुसार, 15 जून को गुजरात के दोपहद में चक्रवात के टकराने की संभावना है। इस दौरान 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। ऐसे में पेड़ों के टूटने, उखड़ने के साथ बिजली और टेलीफोन लाइनों के खंभों का नुकसान पहुंचने की संभावना है। गुजरात के तमाम बीच को भी एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।
- वलसाड में सर्तकता के तौर पर मरीन कमांडो की तैनाती गई है। इतना ही नहीं प्रदेश में सत्ताधारी BJP ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के नौ वर्ष पर आयोजित होने वाली सभाओं को रद्द कर दिया है। पार्टी ने 15 जून तक की सभाएं रद्द की हैं।

10 दिनों तक रह सकता है बिपरजॉय तूफान का असर
बिपरजॉय तूफान अरब सागर से 6 दिन पहले उठा था। इसका असर 10 दिनों तक रह सकता है। यह हाल के दिनों में अब तक का सबसे लंबे समय तक रहने वाला तूफान है। IIT मद्रास की स्टडी के मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव में अरब सागर के ऊपर चक्रवाती तूफान लगातार और गंभीर होते जा रहे हैं। पिछले चार दशकों में अरब सागर में साइक्लोन के ड्यूरेशन में 80% की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि बहुत गंभीर चक्रवातों की समय-सीमा में 260% का इजाफा देखा गया।
समुद्र के ऊपर एक चक्रवाती तूफान जितने अधिक समय तक रहता है, उतनी ही ज्यादा ऊर्जा और नमी जमा होने की संभावना होती है। जिससे तूफान के और अधिक खतरनाक होने और जमीन से टकराने के बाद नुकसान पहुंचाने की संभावना बढ़ जाती है।
24 घंटे में गोवा, महाराष्ट्र तक पहुंचेगा मानसून
पूरे केरल में दस्तक देने के बाद मानसून महाराष्ट्र और गोवा की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे के अंदर मानसून पूरे गोवा, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से खासकर तटीय महाराष्ट्र में छा जाएगा।
उधर, केरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पत्थनमथिट्टा, अलापुझा, कोट्टायम, इदुक्की, कोझिकोड और कन्नूर में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र और तेलंगाना में 2 से 3 दिन तक लू के हालात रहेंगे। दो से तीन दिन में आंध्र, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में मानसून के दस्तक देने की संभावना नहीं है।







