बिहार के साथ ही नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। कोसी, गंडक, कमला सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मंगलवार को इस साल का सबसे अधिक पानी इन नदियों में रिकॉर्ड किया गया। पटना में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज के भी सभी 36 फाटक आंशिक रूप से खोल दिए गए और बराज से 1 लाख 75,000 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे वाल्मीकिनगर जंगल समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल गया।जल संसाधन विभाग के अनुसार कोसी के बराहक्षेत्र में एक लाख 26 हजार क्यूसेक से अधिक पानी रिकार्ड किया गया जो इस साल का सर्वाधिक है। मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में अगले 7 दिन भारी बारिश का अलर्ट है। 15 जुलाई को किशनगंज, पश्चिम चंपारण और अररिया में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- मौसम विभाग ने आज बुधवार को उत्तर बिहार के दो जिलों अररिया और किशनगंज में मूसलाधार बारिश की आशंका जताई है. इसे देखते हुए विभाग ने इन दोनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है .यहां के निवासियों को सतर्क रहने और खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
- अररिया और किशनगंज के अलावा बिहार के अन्य 22 जिलों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका और भागलपुर शामिल हैं.
- इन क्षेत्रों में आज दिनभर बादल छाए रहेंगे और रह-रहकर मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है. इसके विपरीत, राज्य के शेष 14 जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम आमतौर पर सामान्य बना रहेगा.
- दक्षिण बिहार के पटना समेत 17 जिलों में आज मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग रहने वाला है. इन जिलों में सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी. हालांकि, आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की उम्मीद बेहद कम है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार के मैदानी इलाकों में शाम के समय अचानक मौसम का मिजाज बदल सकता है और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं.
- बिहार में फिलहाल मानसून की रफ्तार काफी कमजोर पड़ गई है. आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक सामान्य रूप से 324 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन इस सीजन में अब तक केवल 191.4 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है. इसका मतलब है कि बिहार में अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है.
- मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 या 21 जुलाई के बाद ही प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा. इसके बाद उत्तर बिहार और नेपाल के तराई वाले इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है.
बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम…
मंगलवार को रक्सौल, खगड़िया, कटिहार और पटना के कुछ इलाकों में सुबह बारिश हुई। वहीं, दोपहर बाद मधेपुरा में तेज बारिश हुई। रक्सौल में बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति बन गई। गली-मोहल्ले में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। वहीं बीते 24 घंटे के दौरान 38.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं बक्सर में 36.7 जबकि दरभंगा का तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। पटना में तेज धूप और छांव का सिलसिला जारी रहा। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान दिखे।
गंगा-बागमती का जलस्तर बढ़ा
इधर, नेपाल में बारिश से मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे औराई को कटरा ब्लॉक से जोड़ने वाला कटरा पीपा पुल डूब गया। वही, पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मुंगेर में भी गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। कई खेतों में पानी भर चुके हैं। दियारा इलाके में कटाव हो रहा है।
- बागमती नदी: मुजफ्फरपुर में बागमती का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण औराई को कटरा ब्लॉक से जोड़ने वाला कटरा पीपा पुल पानी में डूब गया है, जिससे आवागमन बाधित हुआ है.
- गंगा नदी: पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. वहीं, मुंगेर में भी गंगा नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है. दियारा इलाकों में तेजी से कटाव हो रहा है और कई खेतों में बाढ़ का पानी समा गया है.
आगे कैसा रहेगा मौसम…
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक बिहार के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। फिलहाल व्यापक स्तर पर किसी बड़े मौसम बदलाव की संभावना नहीं है, इसलिए बारिश का स्वरूप स्थान-स्थान पर अलग रहेगा। कई जिलों में उमस भी बनी रहेगी और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।







