हवन और मंत्रोच्चार के बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई संसद का उद्घाटन किया। बिहार में इसे लेकर राजनीति जारी है। राजद ने नए संसद भवन की तुलना ताबूत से की है। राजद ने ताबूत और नए संसद भवन की तस्वीर ट्विटर पर शेयर की है। राजद ने पूछा है ये क्या है।
राजद के ट्वीट पर बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि ये पूरी तरह जनता तय करेगी। जनता 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव में उसी ताबूत में बंद करके राष्ट्रीय जनता दल को समाप्त कर देगी।
सुशील मोदी ने भी इस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि आज भले ही सभी दलों के लोगों ने भवन बहिष्कार किया हो, लेकिन कल सदन की कार्यवाही तो वहीं चलने वाली है।
क्या राष्ट्रीय जनता दल ने यह तय कर लिया है कि वे नए संसद भवन का स्थायी रूप से बहिष्कार करेंगे? क्या वे लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे? ताबूत का चित्र दिखाना इससे ज्यादा अपमानजनक कुछ नहीं है।
सुशील मोदी ने इसे लेकर ट्वीट भी किया है। उन्होंने लिखा है कि RJD ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ओर नए संसद भवन का चित्र और दूसरी और मृतक को रखने वाले बक्से यानी ताबूत का चित्र डाला है। पहला चित्र भारत का भविष्य है और दूसरा चित्र RJD का भविष्य है। भारत के गौरव दिवस पर इतनी शर्मनाक हरकत आरजेडी और जदयू ही कर सकती है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि RJD का कोई स्टैंड ही नहीं है। ताबूत क्यों कह रहे हैं वे, कोई और मिसाल भी दे सकते थे। इसमें भी कोई एंगल लाते हैं। कभी सेक्युलर बोलते हैं कभी भाजपा से निकले हुए नीतीश कुमार को अपना मुख्यमंत्री बना लेते हैं।







