बिहार विधानमंडल में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह पस्त हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद जातीय नरसंहार करवाकर सत्ता में बने रहे और जब नीतीश कुमार को उनका साथ मिला तो ये जातीय उन्माद फैलाकर सत्ता में बने रहना चाहते हैं।
पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित सहयोग कार्यक्रम में लोगों की समस्या सुनने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री सिन्हा ने जातीय जनगणना से जुडे एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जातीय गणना के साथ भाजपा शुरू से खडी है। भाजपा जब सरकार में थी तभी इसकी मंजूरी दी गई‚ लेकिन आज इसके नाम पर सरकार जातीय उन्माद फैलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब पूरे मामले की अदालत समीक्षा कर रही है तो इन्हें बेचैनी क्यों हो रही हैॽ उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति करने‚ स्कूल के भवन निर्माण कराने से इन्हें कौन रोका है। स्कूल में तो सभी जाति के लोग पढते हैं। उन्होंने लालू प्रसाद पर तंज कसते हुए कहा कि जो आज तक अपने परिवार को छोडकर अपनी जाति के लोगों तक का कल्याण नहीं कर सके वे अन्य जातियों की क्या बात करेंगे। ॥ विपक्षी एकता मुहिम के नाम पर हो रहा बिहार का बंटाधारः श्री सिन्हा ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के देश में अघोषित आपातकाल वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि बिहार में आपातकाल वाली परिस्थिति पैदा करने वाले के मुंह से यह बयान शोभा नहीं देता है। श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की हवा निकल गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि विपक्षी एकता के नाम पर बिहार का काम काज ठप पड गया है। उच्च स्तरीय प्रशासनिक महकमा का काम अब नेताओं की पटना में बैठक कराने तक सीमित हो गया है। अगले ११ महीने तक यही हाल रहने वाला है। राज्यपाल को राज्य के दौरे के लिए हेलीकॉप्टर नहीं दिया जा रहा है और सरकार फजूल कार्यों में इसका उपयोग कर रही है। आधे दर्जन मंत्री‚ उपमुख्यमंत्री विभागों का काम छोड कर देशाटन में मुख्यमंत्री के साथ लगे हैं। श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य की बदहाल व्यवस्था के विरोध में २७ मई को लखीसराय में महाधरना का आयोजन किया गया है। यदि स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया जायेगा तो भाजपा राज्य व्यापी धरना‚ प्रदर्शन और आंदोलन की शुरुआत करेगी।
जनादेश का अपहरण करने वालों को पब्लिक मैनडेट नहीं है‚ फिर भी चोर दरवाजे से आकर इन्होंने राज्य में प्रशासनिक अराजकता कायम कर दी। पदाधिकारी के भरोसे सरकार चल रही है। ७ दलों के महागठबंधन के बावजूद भाजपा को राज्य की जनता अपना आशीर्वाद दे रही है जो पिछले उपचुनावों में दिख चुका है। यदि बिहार के प्रति थोडी भी संवेदनशीलता है‚ तो मुख्यमंत्री को विधानसभा भंग कर नया जनादेश लेना चाहिए।







