भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद सम्राट चौधरी ने बुधवार को भागलपुर दौरा के क्रम में संवाददाताओं को कहा कि मुख्यमंत्री की पलटीमार राजनीति की वजह से पिछले १० वर्षों से बिहार में विकास ठप है। अपराध की बढती घटनाओं से एक बार फिर बिहार के लोग दहशत में हैं। प्रतिदिन १५ से २४ लोगों की हत्याएं हो रहीं हैं। विगत के ८ महीनों में ३५०० लोगों की हत्या की गयी है। २००५ से २०१३ तक जब बिहार में एनडीए की सरकार थी तो वह बिहार के विकास की चिंता करती थी। उसके बाद से विकास पटरी से उतर चुका है। नीतीश कुमार की चिंता केवल कुर्सी और सरकार बचाने भर की रह गई है। एनडीए की सरकार के दौरान जो निवेश प्रस्ताव आए थे‚ बाद के दिनों में सारे निवेशक भाग गए। सिल्क सिटी के रूप में भागलपुर को जाना जाता है। उद्योग मंत्री के तौर पर सैयद शहनवाज हुसैन ने जब कुछ प्रयास शुरू किया तो दुर्भाग्य है कि वह नीतीश कुमार को नहीं भाया। श्री चौधरी ने कहा कि भाजपा शराबबंदी का समर्थन करती है मगर अभी बिहार में जो शराब का अवैध कारोबार चल रहा है‚ उसका विरोध करती है। नीतीश कुमार कहा करते थे कि जो शराब पियेगा वह मरेगा। अब भाजपा के दवाब में जहरीली शराब से मरने वालों को ४–४ लाख रुपये का मुआवजा देना स्वीकार किया तो शर्त लगा दिया है कि मृतक के परिजनों को लिख कर देना होगा कि कहां से शराब खरीदी गई थी। मैं पूछना चाहता हूं कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री के साथ गृहमंत्री भी हैं‚ अगर शराबबंदी के बावजूद बिहार में शराब की एक बोतल भी मिलती है तो क्या वह अपने पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब के अवैध कारोबारियों से जदयू की तिजोरी में सलाना १० हजार करोड रुपये पहुंच रहे हैं। जदयू के लोग शराब की होम डिलेवरी और कारोबार में संलिप्त हैं।
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